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Sharad Purnima की रात चंद्रमा की चांदनी से बरसता है अमृत, दूर होते हैं असाध्य रोग

Sharad Purnima: शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima)  को मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष माना जाता है। हिन्दू धर्म में मान्यता है कि इस दिन समुद्र मंथन से मां लक्ष्मी की उत्पन्न हुईं थी। माना जाता है कि शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) की रात चंद्रमा की चांदनी (Moonlight) से अमृत बरसता (Nectar Rains)  है। इस रात चंद्रमा की किरणों को आरोग्यकारक कहा गया है।

By संतोष सिंह 
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Sharad Purnima: शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima)  को मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष माना जाता है। हिन्दू धर्म में मान्यता है कि इस दिन समुद्र मंथन से मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi)  की उत्पन्न हुईं थी। माना जाता है कि शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) की रात चंद्रमा की चांदनी (Moonlight) से अमृत बरसता (Nectar Rains)  है। इस रात चंद्रमा की किरणों को आरोग्यकारक कहा गया है। इसलिए इस रात्रि कुछ न कुछ समय चंद्रमा के प्रकाश में अवश्य रहना चाहिए। लोग खीर बनाकर कुछ समय रात्रि में छत पर रखते हैं। ताकि उन्हें चंद्रमा (Moon) की किरणों से ऊर्जित किया जा सके। महर्षि वाल्मीकि (Maharishi Valmiki) का जन्म भी शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) को हुआ था।

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मान्यता है कि शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima)  पर मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) पृथ्वी लोक पर आती हैं। इस दिन मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) और भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की विधि-विधान से पूजा करें। मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi)  को उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करें। मखाना, सिंघाड़ा, कमल का फूल, पान के पत्ते, सुपारी, इलायची और सफेद कौड़ी पूजा में शामिल करें। शरद पूर्णिमा Sharad Purnima पर चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर रातभर अमृत बरसाता (Nectar Rains)  है। मान्यता के अनुसार इस रात्रि में चंद्रमा के प्रकाश में औषधीय गुण मौजूद रहते हैं जिनमें कई असाध्‍य रोगों को दूर करने की शक्ति होती है।

इस रात्रि जागरण करने के बाद शयन से पहले भगवान श्री हरि विष्णु (Lord Shri Hari Vishnu)और माता लक्ष्मी (Maa Lakshmi)  का नाम अवश्य लेना चाहिए। इस दिन मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi)  का पूजन करने से सभी कर्जों से मुक्ति मिलती हैं इसीलिए इसे कर्जमुक्ति पूर्णिमा (Karjamukti Purnima) भी कहते हैं। शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) की रात्रि को श्रीसूक्त पाठ, कनकधारा स्तोत्र, विष्णु सहस्त्रनाम का जाप (Chanting of Vishnu Sahasranama)   करने से विशेष लाभ होता है। शरद पूर्णिमा Sharad Purnima)  की रात हनुमानजी (Hanuman ji) के सामने चौमुखा दीपक जलाएं(light an all-round lamp) ।

शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima)  पर धन का लेन-देन नहीं करना चाहिए। सूर्यास्‍त से पहले दान-दक्षिणा करना चाहिए। इस दिन महिलाएं सूर्यास्‍त के बाद बालों में कंघी न करें। मां लक्ष्मी को गुलाबी रंग के फूल, इत्र, सुंगध अवश्य अर्पित करें। इस दिन व्रत करने से मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi)  बहुत प्रसन्न होती हैं। धन-धान्य, मान-प्रतिष्ठा का आशीष प्रदान करती हैं।

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