‘विश्व दुग्ध दिवस’ के अवसर पर जाने दूध से मिलने वाली ये अहम जानकारियां

world milk day
'विश्व दुग्ध दिवस' के अवसर पर जाने दूध से मिलने वाली ये अहम जानकारियां, नहीं होगी शरीर में कोई बीमारी

लखनऊ। विटामिन, कैल्शियम, प्रोटीन, नियासिन, फॉस्फोरस और पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर दूध हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसी वजह से कई देशों में साल 2001 से 1 जून को ‘विश्व दुग्ध दिवस’ मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का कारण है दूध से संबंधित सभी पहलुओं पर गौर किया जा सके। साल 2018 में, 586 आयोजनों के द्वारा 70 देशों में विश्व दुग्ध दिवस मनाया गया था। इस दिन दुग्ध से जुड़ी कई प्रकार की जानकारियों के बारें में बाते जाता है।

On The Occasion Of World Milk Day These Important Information Will Be Found In Milk No Illness Will Be In The Body :

इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक बताया गया कि भारत में आमतौर पर लोग कैल्शियम की उतनी खुराक नहीं ले पाते हैं जितनी शरीर की हड्डियों को स्वस्थ रखने की जरुरत होती है। भारत में लोग अपने खाने में रोजाना औसतन महज 429 मिलीग्राम कैल्शियम ही लेते हैं, जबकि शरीर को रोज़ाना 800-1000 मिलीग्राम की जरूरत होती है।

शरीर में अगर लंबे समय तक कैल्शियम की कमी बनी रहे तो इसका दांतों और दिमाग पर काफी असर पड़ सकता है। जिसकी वजह से मोतियाबिंद और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है। अगर इसका इलाज नहीं कराया गया, तो ये हालत जानलेवा भी हो सकती है। कैल्शियम की कमी के कारण अक्सर लोगों को नींद नहीं आती है। यहां तक कि ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, भूलना और उलझन जैसी कई समस्याएं भी शामिल है।

कैल्शियम की कमी के कारण के कारण दांत, मसूड़े, और त्वचा में भी कई प्रकार की समस्याएं होना शुरू हो जाती है। अगर समय रहते इसका इलाज ना कराया गया तो आगे चलकर जानलेवा बीमारी उत्पन्न हो सकती है। वहीं ये भी कहा जाता है कि जिन लोगों को दूध सूट नहीं करता या उन्हें दूध पसंद नहीं होता तो वो लोग शरीर में कैल्शियम की मात्रा को बनाए रखने के लिए तिल, फ्लैक्स बीज, सूखे अंजीर और दही खा सकते हैं।

लखनऊ। विटामिन, कैल्शियम, प्रोटीन, नियासिन, फॉस्फोरस और पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर दूध हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसी वजह से कई देशों में साल 2001 से 1 जून को 'विश्व दुग्ध दिवस' मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का कारण है दूध से संबंधित सभी पहलुओं पर गौर किया जा सके। साल 2018 में, 586 आयोजनों के द्वारा 70 देशों में विश्व दुग्ध दिवस मनाया गया था। इस दिन दुग्ध से जुड़ी कई प्रकार की जानकारियों के बारें में बाते जाता है। इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक बताया गया कि भारत में आमतौर पर लोग कैल्शियम की उतनी खुराक नहीं ले पाते हैं जितनी शरीर की हड्डियों को स्वस्थ रखने की जरुरत होती है। भारत में लोग अपने खाने में रोजाना औसतन महज 429 मिलीग्राम कैल्शियम ही लेते हैं, जबकि शरीर को रोज़ाना 800-1000 मिलीग्राम की जरूरत होती है। शरीर में अगर लंबे समय तक कैल्शियम की कमी बनी रहे तो इसका दांतों और दिमाग पर काफी असर पड़ सकता है। जिसकी वजह से मोतियाबिंद और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है। अगर इसका इलाज नहीं कराया गया, तो ये हालत जानलेवा भी हो सकती है। कैल्शियम की कमी के कारण अक्सर लोगों को नींद नहीं आती है। यहां तक कि ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, भूलना और उलझन जैसी कई समस्याएं भी शामिल है। कैल्शियम की कमी के कारण के कारण दांत, मसूड़े, और त्वचा में भी कई प्रकार की समस्याएं होना शुरू हो जाती है। अगर समय रहते इसका इलाज ना कराया गया तो आगे चलकर जानलेवा बीमारी उत्पन्न हो सकती है। वहीं ये भी कहा जाता है कि जिन लोगों को दूध सूट नहीं करता या उन्हें दूध पसंद नहीं होता तो वो लोग शरीर में कैल्शियम की मात्रा को बनाए रखने के लिए तिल, फ्लैक्स बीज, सूखे अंजीर और दही खा सकते हैं।