कोरोना संक्रमित के ब्रह्मभोज में जुटे गांव के डेढ़ सौ लोग, मृतक के घर से तीन पॉजिटिव निकलने से हड़कंप

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One And A Half Hundred People Of The Village Gathered In The Brahmabhoja Of Corona Infected Stirred By Three Positive Exit From The House Of The Deceased :

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के शहर में ऐसा वाकया हुआ जिसकी चर्चा यहां हर जुबान पर है. कोरोना पॉजिटिव की मुंबई में मौत के बाद परिजनों ने गांव पहुंचकर क्‍वारेंटाइन में रहते हुए ब्रह्मभोज का आयोजन किया. इसमें गांव के डेढ़ सौ लोग शामिल हुए. ब्रह्मभोज की रात ही क्‍वारेंटाइन किए गए मृतके के परिवार के तीन लोगों की कोरोना टेस्‍ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर गांव को सील कर दिया. इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया. पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.

गोरखपुर के सीएमओ डा. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि गोरखपुर के बेलीपार क्षेत्र के कालाबार गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों के कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने से गांव में हड़कंप मच गया है. इस परिवार के एक सदस्‍य की कोरोना से ही एक जून को मौत हो गई थी. उसका अंतिम संस्‍कार मुंबई में ही परिजनों ने कर दिया था. परिवार के लोगों को गांव आने के बाद होम क्वारंटीन किया गया था. होम क्वारंटीन के दौरान ही 16 जून को आयोजित ब्रह्मभोज में लगभग 150 लोग शामिल हुए थे. वे सभी लोग अब डरे हुए हैं. पुलिस ने इस लापरवाही पर महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है.

एसपी साउथ विपुल श्रीवास्‍तव ने बताया कि कालाबार के रहने वाले राज दीपक निषाद का पूरा परिवार मुंबई में रहता था. राज दीपक (52 वर्ष) की 24 मई को तबीयत खराब हुई. 26 मई को उनकी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई. एक जून को उनकी मृत्यु हो गई. मुम्बई में दाह संस्कार कर पूरा परिवार निजी साधन से छह जून को कालाबार आ गया. ग्राम प्रधान को सूचना मिली, तो उन्होंने सभी को होम क्वारंटाइन कराते हुए प्रशासन को सूचित कर सभी 12 लोगों की जांच करवाई.

इन सभी की रिपोर्ट 16 जून की रात में आई, जिसमें नौ लोग निगेटिव और तीन कोरोना पॉजिटिव पाए गए. सूचना मिलते ही बेलीपार पुलिस स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ कालाबार पहुंची. 500 मीटर एरिया को सील कर दिया गया. साथ ही लोगों को बचाव के नियमों का पालन करने को कहा गया है. काला बाग में कोरोना संक्रमित के परिवारवालों की लापरवाही ने पूरे गांव को सांसत में डाल दिया है.

इस परिवार ने होम क्‍वारंटीन के निर्देश के बाद भी बिना रिपोर्ट का इंतजार किए पिता का ब्रह्मभोज कर दिया. इतना ही नहीं सामूहिक संक्रमण के खतरे की तरफ गांव को ढकेल दिया. जबकि कोरोना के संकट काल में सभी से शारीरिक दूरी बनाकर रहने को कहा जा रहा है. 16 जून की रात में कोरोना से मृत के ब्रह्मभोज में 150 से अधिक लोग शामिल हुए थे. अब सब डरे हुए हैं .

https://youtu.be/WsgNmjnt-Fw मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के शहर में ऐसा वाकया हुआ जिसकी चर्चा यहां हर जुबान पर है. कोरोना पॉजिटिव की मुंबई में मौत के बाद परिजनों ने गांव पहुंचकर क्‍वारेंटाइन में रहते हुए ब्रह्मभोज का आयोजन किया. इसमें गांव के डेढ़ सौ लोग शामिल हुए. ब्रह्मभोज की रात ही क्‍वारेंटाइन किए गए मृतके के परिवार के तीन लोगों की कोरोना टेस्‍ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर गांव को सील कर दिया. इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया. पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. गोरखपुर के सीएमओ डा. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि गोरखपुर के बेलीपार क्षेत्र के कालाबार गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों के कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने से गांव में हड़कंप मच गया है. इस परिवार के एक सदस्‍य की कोरोना से ही एक जून को मौत हो गई थी. उसका अंतिम संस्‍कार मुंबई में ही परिजनों ने कर दिया था. परिवार के लोगों को गांव आने के बाद होम क्वारंटीन किया गया था. होम क्वारंटीन के दौरान ही 16 जून को आयोजित ब्रह्मभोज में लगभग 150 लोग शामिल हुए थे. वे सभी लोग अब डरे हुए हैं. पुलिस ने इस लापरवाही पर महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है. एसपी साउथ विपुल श्रीवास्‍तव ने बताया कि कालाबार के रहने वाले राज दीपक निषाद का पूरा परिवार मुंबई में रहता था. राज दीपक (52 वर्ष) की 24 मई को तबीयत खराब हुई. 26 मई को उनकी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई. एक जून को उनकी मृत्यु हो गई. मुम्बई में दाह संस्कार कर पूरा परिवार निजी साधन से छह जून को कालाबार आ गया. ग्राम प्रधान को सूचना मिली, तो उन्होंने सभी को होम क्वारंटाइन कराते हुए प्रशासन को सूचित कर सभी 12 लोगों की जांच करवाई. इन सभी की रिपोर्ट 16 जून की रात में आई, जिसमें नौ लोग निगेटिव और तीन कोरोना पॉजिटिव पाए गए. सूचना मिलते ही बेलीपार पुलिस स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ कालाबार पहुंची. 500 मीटर एरिया को सील कर दिया गया. साथ ही लोगों को बचाव के नियमों का पालन करने को कहा गया है. काला बाग में कोरोना संक्रमित के परिवारवालों की लापरवाही ने पूरे गांव को सांसत में डाल दिया है. इस परिवार ने होम क्‍वारंटीन के निर्देश के बाद भी बिना रिपोर्ट का इंतजार किए पिता का ब्रह्मभोज कर दिया. इतना ही नहीं सामूहिक संक्रमण के खतरे की तरफ गांव को ढकेल दिया. जबकि कोरोना के संकट काल में सभी से शारीरिक दूरी बनाकर रहने को कहा जा रहा है. 16 जून की रात में कोरोना से मृत के ब्रह्मभोज में 150 से अधिक लोग शामिल हुए थे. अब सब डरे हुए हैं .