खाकी का एक ऐसा भी रूप, पिछले कई दिनों से पैर में घाव होने से कराह रही थी गाय, कराया इलाज

HS

फतेहपुर। लोग खाकी को लेकर नकारात्मक नजरिया व्यक्त करते देखे जाते हैं लेकिन लोगों के मिथक को तोड़ते हुए शुक्रवार को जिले की पुलिस ने घाव से तड़प रही बेजुबान गाय के प्रति दया ही नहीं प्रदर्शित की बल्कि एक कदम बढ़कर डॉक्टर को बुला कर बैठ कर ईलाज भी कराया। जब यह गाय कई दिनों से घायलावस्था में लोग तड़पते देख कर आगे बढ़ जाते थे। ऐसा नहीं गाय की हालत की खबर गौरक्षकों तक न गई हो। लेकिन गाय मां के असली लाल का दायित्व पुलिस ने अपने काम से सिद्ध कर दिख दिया। पुलिस की संवेदनशीलता व इस नेक काम की प्रशंसा करते नहीं थक रहे।

One Such Form Of Khaki Cow Was Crying Due To Wound In The Leg For The Past Several Days Undergoing Treatment :

यह वाकया है बिन्दकी कोतवाली के पीछे का है जहां पर पिछले कई दिनों से घूम रही एक गाय जो एक पैर में घाव हो जाने के कारण भूख प्यास व घाव के दर्द से तड़प रही थी। जब सब इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह की नजर पड़ी तो उन्होंने सिपाही राघवेंद्र नागेंद्र तथा मिथिलेश पांडेय को बुलाकर उसका ईलाज कराने का अनुरोध किया। पशु चिकित्सालय के पशुधन प्रसार कर्मचारी सर्वदमन तिवारी को बुलाया गया। पुलिस ने अपने सामने बैठकर गाय के पैर के घाव का इलाज कराया।

पुलिस के इस नेक कार्य की चर्चा पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बनी है कि जिस पुलिस पर हम सब तरह तरह के आरोप लगाते हैं आखिर वही पुलिस इंसान क्या बेजुबान के रक्षक बन कर उसकी जान बचाने का सद्भावना पूर्ण कार्य किया जबकि बहुत से लोग उस तड़पती गाय को देख कर निकल जाते रहे।

लोगों का कहना है कि पुलिस की जिम्मेदारियां असीमित है लेकिन उनका सहयोग करना तो दूर मनोबल बढ़ाने वाला भी कोई नहीं मिलता। पुलिस के संवेदनशील चेहरे को देखकर सभी लोगों ने कहा कि उनके भी दिल होता है। संवेदनशीलता होती है जिसका जीता जागता उदाहरण पीड़ा से करा रही गाय का इलाज कराते देखा गया। पुलिस के इस सराहनीय काम की कस्बेवासी खूब प्रशंसा कर रहे हैं।

फतेहपुर। लोग खाकी को लेकर नकारात्मक नजरिया व्यक्त करते देखे जाते हैं लेकिन लोगों के मिथक को तोड़ते हुए शुक्रवार को जिले की पुलिस ने घाव से तड़प रही बेजुबान गाय के प्रति दया ही नहीं प्रदर्शित की बल्कि एक कदम बढ़कर डॉक्टर को बुला कर बैठ कर ईलाज भी कराया। जब यह गाय कई दिनों से घायलावस्था में लोग तड़पते देख कर आगे बढ़ जाते थे। ऐसा नहीं गाय की हालत की खबर गौरक्षकों तक न गई हो। लेकिन गाय मां के असली लाल का दायित्व पुलिस ने अपने काम से सिद्ध कर दिख दिया। पुलिस की संवेदनशीलता व इस नेक काम की प्रशंसा करते नहीं थक रहे। यह वाकया है बिन्दकी कोतवाली के पीछे का है जहां पर पिछले कई दिनों से घूम रही एक गाय जो एक पैर में घाव हो जाने के कारण भूख प्यास व घाव के दर्द से तड़प रही थी। जब सब इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह की नजर पड़ी तो उन्होंने सिपाही राघवेंद्र नागेंद्र तथा मिथिलेश पांडेय को बुलाकर उसका ईलाज कराने का अनुरोध किया। पशु चिकित्सालय के पशुधन प्रसार कर्मचारी सर्वदमन तिवारी को बुलाया गया। पुलिस ने अपने सामने बैठकर गाय के पैर के घाव का इलाज कराया। पुलिस के इस नेक कार्य की चर्चा पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बनी है कि जिस पुलिस पर हम सब तरह तरह के आरोप लगाते हैं आखिर वही पुलिस इंसान क्या बेजुबान के रक्षक बन कर उसकी जान बचाने का सद्भावना पूर्ण कार्य किया जबकि बहुत से लोग उस तड़पती गाय को देख कर निकल जाते रहे। लोगों का कहना है कि पुलिस की जिम्मेदारियां असीमित है लेकिन उनका सहयोग करना तो दूर मनोबल बढ़ाने वाला भी कोई नहीं मिलता। पुलिस के संवेदनशील चेहरे को देखकर सभी लोगों ने कहा कि उनके भी दिल होता है। संवेदनशीलता होती है जिसका जीता जागता उदाहरण पीड़ा से करा रही गाय का इलाज कराते देखा गया। पुलिस के इस सराहनीय काम की कस्बेवासी खूब प्रशंसा कर रहे हैं।