सेब से महंगा हुआ प्याज, 80 रुपये किलो तक पहुंचे खुदरा दाम

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सेब से महंगा हुआ प्याज, 80 रुपये किलो तक पहुंचे खुदरा दाम

नई दिल्ली। देश में प्याज की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सरकार ने लगातार बढ़ती आपूर्ति की वजह से दामों में गिरावट को लेकर भरोसा जताया था। मंगलवार को प्याज की सबसे बड़ी मंडी लासलगांव में प्याज की कीमतों में काफी बढ़ोत्तरी देखी गई। महाराष्ट्र के लासलगांव स्थित प्याज की सबसे बड़ी मंडी में इसकी कीमतों में जोरदार उछाल आया है।

Onion Costlier By Apple Retail Price Reaches Rs 80 A Kg :

प्याज की बढ़ती कीमतों की वजह से जनता परेशान है। मंगलवार को प्याज का थोक मूल्य 56.50 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। यह बीते चार साल में सबसे ज्यादा है। अगस्त की शुरुआत में इसकी कीमत 13 रुपये थी। खुदरा में प्याज की कीमत 20 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 80 रुपये हो चुकी है।

प्याज का दाम जल्द ही 100 रुपये के स्तर को छू सकता है। खुदरा बाजारों में प्याज की कीमत 70 से 80 रुपये के बीच चल रही है। पिछले तीन माह में थोक बिक्री में प्याज के दामों में चार गुना का इजाफ देखा गया है।

कारोबारियों का कहना है कि बीते वर्ष प्याज का बहुत कम उत्पादन हुआ था। इसलिए इसमें बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बेमौसम बारिश की वजह से प्याज की फसल प्रभावित हुई है। इसके अतिरिक्त कारोबारियों ने सरकार की प्रतिकूल नीतियों को इसका जिम्मेदार ठहराया है।

लासलगांव की कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) के अध्यक्ष जयदत्त होल्कर ने कहा है कि अक्तूबर और नवंबर में बेमौसम वर्ष हुई है, जिसकी वजह से खरीफ में बोई गई फसलों को नुकसान हुआ है। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक सहित दक्षिण भारतीय राज्यों में बोई गई शुरुआती किस्म की प्याज आवक को नुकसान पहुंचा है। यही कारण है, जिसकी वजह से बाजार में नई किस्म की प्याज आपूर्ति वहीं है।

नई दिल्ली। देश में प्याज की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सरकार ने लगातार बढ़ती आपूर्ति की वजह से दामों में गिरावट को लेकर भरोसा जताया था। मंगलवार को प्याज की सबसे बड़ी मंडी लासलगांव में प्याज की कीमतों में काफी बढ़ोत्तरी देखी गई। महाराष्ट्र के लासलगांव स्थित प्याज की सबसे बड़ी मंडी में इसकी कीमतों में जोरदार उछाल आया है। प्याज की बढ़ती कीमतों की वजह से जनता परेशान है। मंगलवार को प्याज का थोक मूल्य 56.50 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। यह बीते चार साल में सबसे ज्यादा है। अगस्त की शुरुआत में इसकी कीमत 13 रुपये थी। खुदरा में प्याज की कीमत 20 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 80 रुपये हो चुकी है। प्याज का दाम जल्द ही 100 रुपये के स्तर को छू सकता है। खुदरा बाजारों में प्याज की कीमत 70 से 80 रुपये के बीच चल रही है। पिछले तीन माह में थोक बिक्री में प्याज के दामों में चार गुना का इजाफ देखा गया है। कारोबारियों का कहना है कि बीते वर्ष प्याज का बहुत कम उत्पादन हुआ था। इसलिए इसमें बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बेमौसम बारिश की वजह से प्याज की फसल प्रभावित हुई है। इसके अतिरिक्त कारोबारियों ने सरकार की प्रतिकूल नीतियों को इसका जिम्मेदार ठहराया है। लासलगांव की कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) के अध्यक्ष जयदत्त होल्कर ने कहा है कि अक्तूबर और नवंबर में बेमौसम वर्ष हुई है, जिसकी वजह से खरीफ में बोई गई फसलों को नुकसान हुआ है। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक सहित दक्षिण भारतीय राज्यों में बोई गई शुरुआती किस्म की प्याज आवक को नुकसान पहुंचा है। यही कारण है, जिसकी वजह से बाजार में नई किस्म की प्याज आपूर्ति वहीं है।