ऑनलाइन एक्जाम में हो रहा था फर्जीवाड़ा, UP STF ने किया गैंग का पर्दाफाश

कानपुर। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने कानपुर में एक राष्ट्रीय स्तर के साल्वर गैंग को गिरफ्तार किया है, जो प्रतियोगी परीक्षाओ में बेरोजगार पढ़े लिखे लड़को का सलेक्शन कराता था और इसके एवज में प्रति लड़का पंद्रह से बीस लाख लेता था। एसटीएफ ने इनके पास से नौ लाख रुपये नकद बरामद किये हैं। पिछले चार महीने में ये गैंग लगभग पाँच करोड़ की रकम लोगों को अपना शिकार बनाकर हड़प चुका है।

Online Exam Racket Busted In Kanpur :

यूपी एसटीएफ की कई टीमो ने एक साथ कानपुर कोचिंग मंडी के एक हास्टल में छापा डालकर दस लड़को को गिरफ्तार किया। ये सभी लड़के एक राष्ट्रीय स्तर के साल्वर गैंग से जुड़े थे। एसटीएफ को इस गैंग से लगभग नौ लाख कैश मिला है। इनके पास से फर्जी कागजात बनाने वाले सामान मिले है। इस गैंग की सबसे ख़ास बात यह थी ये लोग ज्यादातर ऑनलाइन होने वाली परीक्षाओ को अपना निशाना बनाते थे।




एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक ने बताया कि ये प्रति लड़का पंद्रह लाख लेते थे, इस गैंग का सरगना केपी उर्फ़ कृष्णन प्रशन्ना है। ये लोग परीक्षा केंद्रों से लेकर उन कंपनी तक के अधिकारियो को अपने गैंग में शामिल किये थे जिन कंपनीज़ के माध्यम से सरकार परीक्षा कराती है या जहां परीक्षा होती है। एसटीएफ की माने तो इस गैंग का नेटवर्क इतना बड़ा है कि अभी कुछ दिनों पहले इलाहबाद में हुई इंस्टियूट मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी इलाहबाद की परीक्षा और महाराष्ट्र की क्लर्किक्ल परीक्षा में ही तीन दर्जन लड़को का सलेक्शन करा चुके है ये लोग एक ऐसा साफ्टवेयर यूज करते थे जिससे परीक्षा देते समय परीक्षा देने वाले लड़के का फिंगर प्रिंट भी मेल खा जाता था।




एसटीएफ का कहना है की इस गैंग में लगभग तीस सदस्य है जो राजस्थान महाराष्ट्र यूपी मध्यप्रदेश से लेकर कई प्रदेशो में अपना रैकेट चला रहे है। एसटीएफ का कहना है कि इस समय कानपुर साल्वर गैंग का प्रमुख अड्डा बन चुका है

कानपुर। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने कानपुर में एक राष्ट्रीय स्तर के साल्वर गैंग को गिरफ्तार किया है, जो प्रतियोगी परीक्षाओ में बेरोजगार पढ़े लिखे लड़को का सलेक्शन कराता था और इसके एवज में प्रति लड़का पंद्रह से बीस लाख लेता था। एसटीएफ ने इनके पास से नौ लाख रुपये नकद बरामद किये हैं। पिछले चार महीने में ये गैंग लगभग पाँच करोड़ की रकम लोगों को अपना शिकार बनाकर हड़प चुका है। यूपी एसटीएफ की कई टीमो ने एक साथ कानपुर कोचिंग मंडी के एक हास्टल में छापा डालकर दस लड़को को गिरफ्तार किया। ये सभी लड़के एक राष्ट्रीय स्तर के साल्वर गैंग से जुड़े थे। एसटीएफ को इस गैंग से लगभग नौ लाख कैश मिला है। इनके पास से फर्जी कागजात बनाने वाले सामान मिले है। इस गैंग की सबसे ख़ास बात यह थी ये लोग ज्यादातर ऑनलाइन होने वाली परीक्षाओ को अपना निशाना बनाते थे। एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक ने बताया कि ये प्रति लड़का पंद्रह लाख लेते थे, इस गैंग का सरगना केपी उर्फ़ कृष्णन प्रशन्ना है। ये लोग परीक्षा केंद्रों से लेकर उन कंपनी तक के अधिकारियो को अपने गैंग में शामिल किये थे जिन कंपनीज़ के माध्यम से सरकार परीक्षा कराती है या जहां परीक्षा होती है। एसटीएफ की माने तो इस गैंग का नेटवर्क इतना बड़ा है कि अभी कुछ दिनों पहले इलाहबाद में हुई इंस्टियूट मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी इलाहबाद की परीक्षा और महाराष्ट्र की क्लर्किक्ल परीक्षा में ही तीन दर्जन लड़को का सलेक्शन करा चुके है ये लोग एक ऐसा साफ्टवेयर यूज करते थे जिससे परीक्षा देते समय परीक्षा देने वाले लड़के का फिंगर प्रिंट भी मेल खा जाता था। एसटीएफ का कहना है की इस गैंग में लगभग तीस सदस्य है जो राजस्थान महाराष्ट्र यूपी मध्यप्रदेश से लेकर कई प्रदेशो में अपना रैकेट चला रहे है। एसटीएफ का कहना है कि इस समय कानपुर साल्वर गैंग का प्रमुख अड्डा बन चुका है