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अगर आप ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते हैं तो देखे क्या हैं फायदे

By टीम पर्दाफाश 
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Online Transaction Fraud

नई दिल्ली। अगर आप ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते हैं तो आप के लिए आने वाले 1 जुलाई से कुछ नियमों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में आप पुराने नियमों के अनुसार नहीं चल पाएंगे। यह जो नए बदलाव हैं वो आपको ऑनलाइन ट्रांजेक्शन (Online Transaction) और होम लोन (Home Loan) को लेकर किए जा रहे हैं। 1 जुलाई से रिजर्व बैंक आरबीआई ने RTGS के जरिए पैसे भेजने का समय डेढ़ घंटे बढ़ाकर शाम 6 बजे तक कर दिया गया है और इस नियम के अलावा RTGS और NEFT लेनदेन पर लगाए गए शुल्क को हटा दिया जायेगा। इसके लागू होने से रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) के जरिए ट्रांजेक्‍शन करने वाले लोगों को किसी भी तरह का एक्‍स्‍ट्रा चार्ज नहीं देना होगा।

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होम लोन:

एसबीआई (SBI) के ग्राहकों को होम लोन के लिए भी एक नया बदलाव देखने को मिलेगा। 1 जुलाई से एसबीआई के ग्राहक को रेपो रेट से जुड़े होम लोन ऑफर दिये जाएंगे। इससे एसबीआई की होम लोन की ब्याज दर पूरी तरह रेपो रेट पर आधारित होगी। इसके बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जितनी बार रेपो रेट में बदलाव करेगा उतनी बार होम लोन के ब्‍याज दरों में भी बदलाव होगा।

आइए जानते हैं इस पूरे मामले को..

एसबीआई की ओर से कहा गया है कि 1 जुलाई से रेपो रेट से जुड़े होम लोन ऑफर किए जाएंगे। इसका मतलब यह हुआ कि अगले महीने से एसबीआई की होम लोन की ब्याज दर पूरी तरह रेपो रेट पर आधारित हो जाएगी। अगर इसे आसान भाषा में समझें तो रिजर्व बैंक जब-जब रेपो रेट में बदलाव करेगा उसी आधार पर एसबीआई की होम लोन की ब्‍याज दर भी तय होगी।

वर्तमान में आरबीआई के रेपो रेट के बदलाव के बाद भी एसबीआई अपने हिसाब से होम लोन पर ब्‍याज दरों में कटौती या बढ़ोतरी करता है। बता दें कि बीते गुरुवार को आरबीआई ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती कर इसे 5.75 पर ला दिया है।

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