KYC में फेल हुए 21 लाख कंपनियों के निदेशक, फ्रीज होंगे DIA नंबर

KYC में फेल हुए 21 लाख कंपनियों के निदेशक, फ्रीज होंगे DIA नंबर
KYC में फेल हुए 21 लाख कंपनियों के निदेशक, फ्रीज होंगे DIA नंबर

Only 12 Lakh Active Directors Have Complied With The Newly Mandated Know Your Customer Requirement

नई दिल्ली। 33 लाख ऐक्टिव डायरेक्टर्स में 12 लाख से भी कम ने सरकार की नई व्यवस्था के तहत नो योर कस्टमर्स (KYC) की कसौटी को पूरा किया है। नए प्रावधानों के मुताबिक कंपनियों में बोर्ड पोजिशन बरकरार रखने के लिए डायरेक्टर्स को केवाईसी की प्रक्रियाओं को पूरा करना था। मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (MCA) ने इसके लिए शनिवार आधी रात तक डेडलाइन तय कर रखी थी।

ऐसा कहा जा रहा है कि अब मंत्रालय इस डेडलाइन को आगे नहीं बढ़ाएगा। नई गाडइलाइन को फॉलो नहीं करने की वजह इन डायरेक्टर्स के डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर (DIN) फ्रीज कर लिए जाएंगे। इस साल के शुरुआत में MCA ने DIN रखने वाले लोगों के लिए 15 सितंबर तक केवाईसी की फॉर्मेल्टी पूरी करने के डेडलाइन तय की थी।

कंपनियों में डायरेक्टर्स रखने में हेरफेर करने, नौकरों को उनकी जानकारी के बिना डायरेक्टर्स बना देने जैसी गतिविधियों पर लगाम के लिए यह फैसला लिया गया था। हालांकि जो डायरेक्टर्स चूक से अपना केवाईसी नहीं करा पाए हैं उनके पास एक मौका है। वे चाहें तो रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को पूरा कर और 5000 रुपये की फी चुका ऐसा कर सकते हैं।

देश में 50 लाख डीआईएन जारी किए गए हैं। जिसमें से केवल 33 को ही सक्रिय निदेशक माना जा रहा था। इसमें से भी एक बड़ी संख्या घोस्ट (बेनाम) निदेशक होने की संभावना है। देशभर की शेल कंपनियों को बंद करने की प्रक्रिया का केवाईसी एक बड़ा हिस्सा है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आखिर कंपनियों का स्वामित्व किसके पास है।

मंत्रालय शेल कंपनियों पर लगातार सख्ती बढ़ा रहा है। रिटर्न ना भरने की वजह से लगभग 3 लाख कंपनियों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा 3 लाख से ज्यादा निदेशकों को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि यह शेल कंपनियां और इनके फर्जी निदेशक कालेधन के प्रमुख स्रोत हैं। इसी वजह से निदेशक जिनके लिए अपने पैन को लिंक करना अनिवार्य था उन्हें अब डीआईएन के साथ आधार को भी लिंक करना अनिवार्य हो गया है। डीआईएन नंबर धारकों को चार्टर्ड अकाउंटेंट या कंपनी सेक्रेटरी द्वारा प्रमाणित फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाकर उसे जमा कराना होगा।

नई दिल्ली। 33 लाख ऐक्टिव डायरेक्टर्स में 12 लाख से भी कम ने सरकार की नई व्यवस्था के तहत नो योर कस्टमर्स (KYC) की कसौटी को पूरा किया है। नए प्रावधानों के मुताबिक कंपनियों में बोर्ड पोजिशन बरकरार रखने के लिए डायरेक्टर्स को केवाईसी की प्रक्रियाओं को पूरा करना था। मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (MCA) ने इसके लिए शनिवार आधी रात तक डेडलाइन तय कर रखी थी। ऐसा कहा जा रहा है कि अब मंत्रालय इस डेडलाइन को आगे नहीं…