Video: ओपी चेंस ग्रुप की धोखाधड़ी को लेकर किसानों ने दी आत्मदाह की चेतावनी

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Video: ओपी चेंस ग्रुप की धोखाधड़ी को लेकर पीड़ित किसानों ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में कारोबारी ग्रुप ओपी चेंस के मलिकानों की ओर से धोखाधड़ी कर आगरा शहर के पॉर्श इलाके में खड़े किए जा रहे एंथम प्रोजेक्ट को लेकर पीड़ित किसानों ने रविवार को होटल सेंट्रल ग्रांड में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पीड़ित किसानों ने ओपी चेंस ग्रुप द्वारा की जा रही धोखाधड़ी को लेकर योगी सरकार से मदद की गुहार लगाई है। किसानों का कहना है कि उन्हे उनकी जमीन पर कब्जा दिलाया जाये या फिर मुआवजा दिया जाये। पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इंसाफ की मांग की है और कहा है कि अगर उन्हे इंसाफ नहीं मिला तो वो पूरे परिवार समेत विधानसभा के सामने आत्मदाह कर लेंगे।

बता दें कि ओप चेंस ग्रुप के एंथम प्रोजेक्ट पर जिला सत्र न्यायालय निर्माण और बिक्री को तुरंत रोकने का आदेश जारी किया है। इसके बावजूद ओपी चेंस ग्रुप की मनमानी जारी है और विवादित जमीन पर लगातार निर्माण कार्य जारी है। जबकि एंथम प्रोजेक्ट के लिए खड़ी की गई चाहरदीवारी के भीतर आने वाली जमीन के मालिक किसानों की याचिका पर सुनवाई के बाद अंतिम फैसला आने तक पूरे प्रोजेक्ट को रोक दिया गया है। पीड़ित किसानों ने इस संबंध में जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस से मदद की गुहार लगाई लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हुई।

ये है पूरा मामला-

ओपी चेंस ग्रुप द्वारा सेक्टर 15 की जिस जमीन पर एंथम प्रोजेक्ट खड़ा हो रहा है, उसमें कई किसानों की जमीनें भी शामिल हैं। ये किसान करीब 4 दशकों से अपनी जमीन के मालिकाना हक के लिए आवास विकास परिषद् से कानूनी लड़ाई लड़ते आ रहे हैं और जमीन पर क़ाबिज़ हैं। साल 2016 में आवास विकास परिषद से इस विवादित जमीन को खुली ​नीलामी में खरीदने वाले ओपी चेंस ग्रुप के मालिकान शोभिक गोयल को परिषद की शर्त के मुताबिक इन किसानों से निजी स्तर पर विवाद का निपटारा करना था। जिसके बाद ही परिषद् की ओर से शोभिक गोयल को जमीन का भौतिक कब्जा मिल सकता था।

परिषद की शर्तों को पूरा करने के लिए शोभिक गोयल ने इन किसानों से उनकी जमीन का सौदा किया। जमीन के सौदे को लेकर किसानों के साथ शोभिक गोयल ने अलग—अलग इकरारनामे किए। जिनमें जमीन की कुछ कीमत दिए जाने और सौदा पक्का होने का जिक्र किया गया। इन इकरारनामों के मुताबिक शोभिक गोयल ने किसानों से जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए कुछ समय की मांगा था। जिसका जिक्र इकरारनामों में भी किया गया है।

किसानों का कहना है कि शोभिक गोयल ने उनन की जमीन पर गेट बनाने और बाउंड्रीवॉल बनाने के लिए मौखिक सहमति मांगी थी। चूंकि दोनों पक्षों के बीच सौदे की बात पक्की थी इसलिए किसानों इस अपनी जमीन की कीमत मिलने का इंतजार करते रहे। वहीं शोभिक गोयल ने उनकी जमीन को अपने ​प्रोजेक्ट के माध्यम से बेंचना भी शुरू कर दिया।

अदालत ने पूछा जब किसानों को मालिक माना तो क्यों नहीं चुकाई कीमत —

अदालत ने किसानों और ओपी चेंस ग्रुप के बीच हुए इकरारनामों के आधार पर शोभिक गोयल का पक्ष रख रहे वकीलों से पूछा कि जिन किसानों को जमीन का मालिक बताकर इकरारनामा किया था, तो एक साल बाद उनके स्वामित्व को नकारने का प्रतिवादी पक्ष के पास क्या आधार है ? जब इकरारनामे में जमीन के बैनामे के लिए एक साल का समय मांगा गया था तो किसानों को जमीन की पूरी कीमत देकर बैनामा क्यों नहीं करवाया ?

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में कारोबारी ग्रुप ओपी चेंस के मलिकानों की ओर से धोखाधड़ी कर आगरा शहर के पॉर्श इलाके में खड़े किए जा रहे एंथम प्रोजेक्ट को लेकर पीड़ित किसानों ने रविवार को होटल सेंट्रल ग्रांड में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पीड़ित किसानों ने ओपी चेंस ग्रुप द्वारा की जा रही धोखाधड़ी को लेकर योगी सरकार से मदद की गुहार लगाई है। किसानों का कहना है कि उन्हे उनकी जमीन पर कब्जा दिलाया जाये या…