ओपी चेंस ग्रुप की धोखाधड़ी का पर्दाफाश, अदालत ने एंथम प्रोजेक्ट पर लगाई रोक

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ओपी चेंस ग्रुप की धोखाधड़ी का पर्दाफाश, अदालत ने एंथम प्रोजेक्ट पर लगाई रोक

Op Chains Group

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में किसानों की बेशकीमती जमीनों को हथिया कर हजारों करोड़ के रियल स्टेट प्रोजेक्ट चला रहे शहर के जाने माने रियल स्टेट ग्रुप ओपी चेंस को जिला सत्र न्यायालय आगरा से तगड़ा झटका लगा है। अदालत ने शहर के पॉर्श इलाकों में शामिल सिकंदरा आवास विकास योजना के सेक्टर 15 में ओपी चेंस ग्रुप के एंथम हाउसिंग नाम से चल रहे निर्माण और बिक्री को तुरंत रोकने का आदेश जारी किया है। आदालत ने एंथम प्रोजेक्ट के लिए खड़ी की गई चाहरदीवारी के भीतर आने वाली जमीन के मालिक किसानों की याचिका पर सुनवाई के बाद अंतिम फैसला आने तक पूरे प्रोजेक्ट को रोक दिया है।

अदालत के आदेश के मुताबिक ओपी चेंस ग्रुप और किसानों के बीच जमीन के स्वामित्व को लेकर सामने कानूनी वाद में अंतिम निर्णय होने तक एंथम प्रोजेक्ट में न तो कोई निर्माण कार्य हो सकेगा और ना ही बिक्री। इस फैसले के बाद ओपी चेंस ग्रुप के एंथम प्रोजेक्ट में अपनी गाढ़ी कमाई निवेश करने वाले निवेशकों की पूंजी भी फंसती नजर आ रही है। अदालत ने इस मामले में वादी किसानों और ओपी चेंस ग्रुप के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद किसानों के पक्ष को मजबूत मानते हुए स्टे का आदेश जारी किया है।

अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि इस प्रोजेक्ट को जिस जमीन पर खड़ा किया जा रहा है, उसे लेकर भविष्य में होने वाले कानूनी विवाद जटिल और ज्यादा लोगों के लिए क्षतिकारक हो सकते हैं। जो लोग ओपी चेंस ग्रुप के प्रोजेक्ट में अपनी पूंजी लगा रहे हैं उन्हें किसी कानूनी वाद में धकेलने से बहेतर है इस प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य और बिक्री को रोक दिया जाए। यह स्टे उस समय तक लागू रहेगा जब तक इस जमीन पर मालिकाना हक जाहिर करने वाले किसानों के वाद का निस्तारण नहीं हो जाता।

अदालत में किसानों के दावे के सामने नहीं टिकी ओपी चेंस की दलीलें —

ओपी चेंस ग्रुप द्वारा सेक्टर 15 की जिस जमीन पर एंथम प्रोजेक्ट खड़ा हो रहा है, उसमें कई किसानों की जमीनें भी शामिल हैं। ये किसान करीब 4 दशकों से अपनी जमीन के मालिकाना हक के लिए आवास विकास परिषद् से कानूनी लड़ाई लड़ते आ रहे हैं और जमीन पर क़ाबिज़ हैं।

साल 2016 में आवास विकास परिषद् से इस विवादित जमीन को खुली ​नीलामी में खरीदने वाले ओपी चेंस ग्रुप के मालिकान शोभिक गोयल को परिषद् की शर्त के मुताबिक इन किसानों से निजी स्तर पर विवाद का निपटारा करना था। जिसके बाद ही परिषद् की ओर से शोभिक गोयल को जमीन का भौतिक कब्जा मिल सकता था।

परिषद् की शर्तों को पूरा करने के लिए शोभिक गोयल ने इन किसानों से उनकी जमीन का सौदा किया। जमीन के सौदे को लेकर किसानों के साथ शोभिक गोयल ने अलग—अलग इकरारनामे किए। जिनमें जमीन की कुछ कीमत दिए जाने और सौदा पक्का होने का जिक्र किया गया। इन इकरारनामों के मुताबिक शोभिक गोयल ने किसानों से जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए कुछ समय की मांगा था। जिसका जिक्र इकरारनामों में भी किया गया है।

किसानों का कहना है कि शोभिक गोयल ने उनकी जमीन पर गेट बनाने और बाउंड्रीवॉल बनाने के लिए मौखिक सहमति मांगी थी। चूंकि दोनों पक्षों के बीच सौदे की बात पक्की थी इसलिए किसानों इस अपनी जमीन की कीमत मिलने का इंतजार करते रहे। वहीं शोभिक गोयल ने उनकी जमीन को अपने ​प्रोजेक्ट के माध्यम से बेंचना भी शुरू कर दिया।

अदालत ने पूछा जब किसानों को मालिक माना तो क्यों नहीं चुकाई कीमत —

अदालत ने किसानों और ओपी चेंस ग्रुप के बीच हुए इकरारनामों के आधार पर शोभिक गोयल का पक्ष रख रहे वकीलों से पूछा कि जिन किसानों को जमीन का मालिक बताकर इकरारनामा किया था, तो एक साल बाद उनके स्वामित्व को नकारने का प्रतिवादी पक्ष के पास क्या आधार है ? जब इकरारनामे में जमीन के बैनामे के लिए एक साल का समय मांगा गया था तो किसानों को जमीन की पूरी कीमत देकर बैनामा क्यों नहीं करवाया ?

सीएम योगी से मिलेंगे किसान-

इस जमीन को लेकर अब पीड़ित किसान सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की बात कह रहे हैं। किसानों का कहना है कि आगरा जनपद का स्थानीय प्रशासन और आवास विकास परिषद ओपी चेंस ग्रुप के गोरखधंधे में शामिल है, जिसकी वजह उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में किसानों की बेशकीमती जमीनों को हथिया कर हजारों करोड़ के रियल स्टेट प्रोजेक्ट चला रहे शहर के जाने माने रियल स्टेट ग्रुप ओपी चेंस को जिला सत्र न्यायालय आगरा से तगड़ा झटका लगा है। अदालत ने शहर के पॉर्श इलाकों में शामिल सिकंदरा आवास विकास योजना के सेक्टर 15 में ओपी चेंस ग्रुप के एंथम हाउसिंग नाम से चल रहे निर्माण और बिक्री को तुरंत रोकने का आदेश जारी किया है। आदालत ने एंथम…