ओपी चेंस ग्रुप के एंथम और एंथेला प्रोजेक्ट पर जल्द लगेगा ताला, शासन ने मांगी रिपोर्ट

लखनऊ । आगरा के सबसे बड़े रियल इस्टेट कारोबारी ओपी चेंस ग्रुप द्वारा किसानों की सहकारी आवास समिति की जमीन को आवास विकास परिषद् की मिलीभगत से कब्जा करने के खिलाफ टीम पर्दाफाश द्वारा छेड़ी गई मुहिम आखिरकार रंग लाई है। इस मामले में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन, नितिन रमेश गोकर्ण ने सोमवार यानी 7 मई 2018 को आवास आयुक्त, धीरज साहू और मण्डल आयुक्त आगरा, के. राम मोहन राव को इस मामले में जारी जांच की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर देने को कहा है।

Op Chains Groups Fraud Anthem And Anthela Projects Are In Trouble :

आपको बता दें कि शासन ने मण्डल आयुक्त आगरा को 22/01/2018 को जांच के आदेश जारी किए थे, जबकि आवास आयुक्त लखनऊ को 15/02/2018 को भी जांच के आदेश जारी किए थे।

प्रमुख सचिव द्वारा पर्दाफाश की खबर के आधार पर की गई शिकायत में उन तमाम बिन्दुओं पर जांच के आदेश दिए गए हैं, जिनमें आवास विकास परिषद् आगरा के अधिकारियों और ओपी चेंस ग्रुप द्वारा किए षड्यंत्र का खुलासा होगा।

ग्राहकों को लगेगा तगड़ा झटका —

ओपी चेंस ग्रुप की ब्रांड गुडविल को देखते हुए जिन हजारों लोगों ने एंथम और एंथेला प्रोजेक्ट में अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई ​निवेश की है उन्हे तगड़ा झटका लग सकता है।ओपी चेंस ग्रुप की धोखाधड़ी अब उजागर होना शुरू हो गई है। जिसके बाद से दोनों ही प्रोजेक्टों पर आने वाले कुछ ही दिनों में ताला लगने की उम्मीद है। एक ओर शासन ने ओपी चेंस को आवास विकास परिषद् द्वारा जमीन बेंचे जाने पर जांच बैठा दी है, वहीं दूसरी ओर अदालत ने प्राजेक्ट के बीच में आने वाले जमीन के एक बड़े हिस्से पर दावा ठोंकने वाले किसान के पक्ष में फैसला सुनाकर ओपी चेंस का बना बनाया खेल बिगाड़ दिया है।

अदालत ने ओपी चेंस ग्रुप के प्रोजेक्टों के बीच में आने वाली जमीन पर किसान को कब्जा दिलाने के आदेश जारी करने के साथ ही स्पष्ट कर दिया है, कि जिस जमीन को आवास विकास परिषद् कभी अधिग्रहित ही नहीं कर पाई, जिसके लिए आवास विकास ने कभी कोई मुआवजा ही नहीं दिया, उसे नीलाम करने का अधिकार उसके पास नहीं हो सकता। इस लिहाज से ओपी चेंस ग्रुप के पक्ष में आवास विकास परिषद् की ओर से की गई नीलामी और नीलामी की मंशा दोनों ही सवालों के घेरे में आ गए हैं।

सही साबित हो रहे टीम पर्दाफाश की खबरों मे उठाए सवाल—

टीम पर्दाफाश ने अब तक ओपी चेंस ग्रुप की धोखाधड़ी शीर्षक के साथ तीन खबरें प्रकाशित की हैं (पढ़ने के लिए क्लिक करें— पार्ट 1, पार्ट 2, पार्ट 3) ।इन तीनों ही खबरों के माध्यम से ओपी चेंस द्वारा किसानों की जमीनों पर कब्जा करने के जिस षड्यंत्र को पर्दाफाश ने उजागर करने का काम किया था, उस पर पहली मुहर अदालत द्वारा एक किसान के पक्ष में किए गए फैसले के साथ लग चुकी है।

अब सवाल आवास विकास परिषद् के अधिकारियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई को लेकर है। टीम पर्दाफाश को उम्मीद है कि आने वाले समय में शासन के आदेश पर होने वाली जांच में इस दिशा में भी बड़ी कामयाबी हाथ लगेगी।

 

लखनऊ । आगरा के सबसे बड़े रियल इस्टेट कारोबारी ओपी चेंस ग्रुप द्वारा किसानों की सहकारी आवास समिति की जमीन को आवास विकास परिषद् की मिलीभगत से कब्जा करने के खिलाफ टीम पर्दाफाश द्वारा छेड़ी गई मुहिम आखिरकार रंग लाई है। इस मामले में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन, नितिन रमेश गोकर्ण ने सोमवार यानी 7 मई 2018 को आवास आयुक्त, धीरज साहू और मण्डल आयुक्त आगरा, के. राम मोहन राव को इस मामले में जारी जांच की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर देने को कहा है। आपको बता दें कि शासन ने मण्डल आयुक्त आगरा को 22/01/2018 को जांच के आदेश जारी किए थे, जबकि आवास आयुक्त लखनऊ को 15/02/2018 को भी जांच के आदेश जारी किए थे। प्रमुख सचिव द्वारा पर्दाफाश की खबर के आधार पर की गई शिकायत में उन तमाम बिन्दुओं पर जांच के आदेश दिए गए हैं, जिनमें आवास विकास परिषद् आगरा के अधिकारियों और ओपी चेंस ग्रुप द्वारा किए षड्यंत्र का खुलासा होगा।

ग्राहकों को लगेगा तगड़ा झटका —

ओपी चेंस ग्रुप की ब्रांड गुडविल को देखते हुए जिन हजारों लोगों ने एंथम और एंथेला प्रोजेक्ट में अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई ​निवेश की है उन्हे तगड़ा झटका लग सकता है।ओपी चेंस ग्रुप की धोखाधड़ी अब उजागर होना शुरू हो गई है। जिसके बाद से दोनों ही प्रोजेक्टों पर आने वाले कुछ ही दिनों में ताला लगने की उम्मीद है। एक ओर शासन ने ओपी चेंस को आवास विकास परिषद् द्वारा जमीन बेंचे जाने पर जांच बैठा दी है, वहीं दूसरी ओर अदालत ने प्राजेक्ट के बीच में आने वाले जमीन के एक बड़े हिस्से पर दावा ठोंकने वाले किसान के पक्ष में फैसला सुनाकर ओपी चेंस का बना बनाया खेल बिगाड़ दिया है। अदालत ने ओपी चेंस ग्रुप के प्रोजेक्टों के बीच में आने वाली जमीन पर किसान को कब्जा दिलाने के आदेश जारी करने के साथ ही स्पष्ट कर दिया है, कि जिस जमीन को आवास विकास परिषद् कभी अधिग्रहित ही नहीं कर पाई, जिसके लिए आवास विकास ने कभी कोई मुआवजा ही नहीं दिया, उसे नीलाम करने का अधिकार उसके पास नहीं हो सकता। इस लिहाज से ओपी चेंस ग्रुप के पक्ष में आवास विकास परिषद् की ओर से की गई नीलामी और नीलामी की मंशा दोनों ही सवालों के घेरे में आ गए हैं।

सही साबित हो रहे टीम पर्दाफाश की खबरों मे उठाए सवाल—

टीम पर्दाफाश ने अब तक ओपी चेंस ग्रुप की धोखाधड़ी शीर्षक के साथ तीन खबरें प्रकाशित की हैं (पढ़ने के लिए क्लिक करें— पार्ट 1, पार्ट 2, पार्ट 3) ।इन तीनों ही खबरों के माध्यम से ओपी चेंस द्वारा किसानों की जमीनों पर कब्जा करने के जिस षड्यंत्र को पर्दाफाश ने उजागर करने का काम किया था, उस पर पहली मुहर अदालत द्वारा एक किसान के पक्ष में किए गए फैसले के साथ लग चुकी है। अब सवाल आवास विकास परिषद् के अधिकारियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई को लेकर है। टीम पर्दाफाश को उम्मीद है कि आने वाले समय में शासन के आदेश पर होने वाली जांच में इस दिशा में भी बड़ी कामयाबी हाथ लगेगी।