योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के तेवर तल्ख, भाजपा पर लगाए अनदेखी के आरोप

ओम प्रकाश राजभर, योगी सरकार
योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के तेवर तल्ख, भाजपा पर लगाए अनदेखी के आरोप

Op Rajbhar Cabinet Minister Of Yogi Government Shows Anger Criticised Cm Yogi For One Year Tenure

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोकसभा उपचुनाव के नतीजे सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ क्या आए, उसके गठबंधन के साथियों को बैठे बैठाए अपनी ताकत का अहसास करवाने का मौका मिल गया है। ऐसा ही एक नाम है सोहेलदेव पार्टी के मुखिया और योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का। यूं तो उत्तर प्रदेश में राजभर की पहचान एक बयानवीर मंत्री के रूप में होती है, लेकिन वह आए दिन अपनी ही सरकार का पैर खिंचाई करते नजर आते हैं।

इन दिनों राजभर राज्यसभा चुनावों में भाजपा की ओर से उनका विचार न पूछे जाने की बात अखर रही है। अपना विरोध दर्ज करवाने के लिए मंत्री जी ने को वही दिन मिला जिस दिन उनके सहभागिता वाली सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने का जश्न मनाया जा जाना था।

मंत्री जी ने सुबह—सुबह मीडिया को बुलाया और अपनी राग अलापना शुरू कर दिया। वह बोले की सीएम उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेते, ना ही भाजपा गठबंधन धर्म को निभाने के लिए गंभीर है। राज्यसभा चुनावों के लिए प्रत्याशियों के चयन और चुनाव की रणनीति को लेकर पार्टी ने उनसे बातचीत तक नहीं की।
जिस वजह से वह भाजपा के प्रत्याशियों को अपना मत न देने के बारे में सोच रहे हैं।

इसके साथ ही मंत्री जी ने योगी सरकार में सरकारी तंत्र पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनकी विधानसभा क्षेत्र के गरीब और मजबूर लोग राशन कार्ड बनवाने तक के लिए परेशान हैं। एक मंत्री होने के बावजूद वह लोगों की राशन कार्ड से जुड़ी समस्या तक नहीं निपटा पा रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी राशनकार्ड बनवाने के लिए घूंस की मांग करते हैं, जवाब उन्हें देना पड़ता है। गरीबों के बच्चों को स्कूल में पढ़ाने के लिए टीचर तक नहीं हैं।

अपनी भड़ास निकाल रहे राजभर ने कहा कि गरीबों, दलितों और पिछड़ों ने उनके वादे पर वोट किया था। ये वादा अयोध्या, बनारस और मथुरा में मंदिर बनाने के लिए नहीं किया था। उनकी परेशानी दूर करने के लिए किया था। जब वोट देने वाले का राशन कार्ड नहीं बनेगा, उसके बच्चों को पढ़ाने के लिए प्राइमरी स्कूल में मास्टर नहीं होंगे तो वे हमें वोट क्यों देंगे। अप्रत्यक्ष रूप से राजभर का यह बयान गोरखपुर और फूलपुर उप चुनाव में भाजपा को मिली हार पर प्रहार था।

राजभर को मनाने की कोशिश भी हुई—

ओम प्रकाश राजभर भले ही सुहेलदेव पार्टी के एक मात्र विधायक हों, लेकिन भाजपा की योगी सरकार में उनके पास कैबिनेट मंत्री का पद है। गठबंधन धर्म निभाते हुए भाजपा की ओर से योगी सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्री सुरेश खन्ना को राजभर की नाराजगी दूर करने के लिए भेजा गया। सुरेश खन्ना के आने से राजभर के तेवर और बढ़ गए। जिसके बाद उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से कम किसी से बात करना मंजूर नहीं है।

भाजपा ने राजभर के बयानों पर दी कड़ी प्रतिक्रिया—

ओम प्रकाश राजभर के बयानों पर प्रतिक्रिया दे रहे योगी सरकार के कद्दावर मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि राजभर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री की हैसियत रखते हैं। अगर उन्हें किसी तरह की समस्या है तो उसे जाहिर करने का सबसे बेहतर मंच प्रत्येक सप्ताह होने वाली कैबिनेट बैठक है। सरकार के भीतर रह कर अंदर की बातें बहार या मीडिया के सामने करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

नहीं छूोडूंगा सरकार—

ओम प्रकाश राजभर के तेवरों को देखते हुए जब पत्रकारों ने उनसे जानना चाहा कि क्या वह इस्तीफा देकर सरकार को छोड़ने के मूड में हैं? तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि वह सरकार में रहकर ही आईना दिखाने का काम करेंगे। उनकी पार्टी ने गठबंधन के तहत भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और मजबूत सरकार बनाई। हालांकि अपने एक दूसरे बयान में राजभर यह कहने से नहीं चूके कि भाजपा को 325 विधायक होने का घमंड हो गया है।

 

 

 

 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोकसभा उपचुनाव के नतीजे सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ क्या आए, उसके गठबंधन के साथियों को बैठे बैठाए अपनी ताकत का अहसास करवाने का मौका मिल गया है। ऐसा ही एक नाम है सोहेलदेव पार्टी के मुखिया और योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का। यूं तो उत्तर प्रदेश में राजभर की पहचान एक बयानवीर मंत्री के रूप में होती है, लेकिन वह आए दिन अपनी ही सरकार का पैर खिंचाई करते नजर आते हैं।…