शिवरात्रि के दिन ही खुलते है इस चमत्कारिक शिव मंदिर के द्वार

शिवरात्रि के दिन ही खुलते है इस चमत्कारिक शिव मंदिर के द्वार
शिवरात्रि के दिन ही खुलते है इस चमत्कारिक शिव मंदिर के द्वार
शिवरात्रि के दिन सभी मंदिरो में खास सजावट होती है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शिव मंदिर के बारे में बता रहे हैं जो सिर्फ शिवरात्रि वाले दिन ही खुलता हैं। इस शिव मंदिर का नाम हैं 'एकलिंगेश्वर महादेव'। एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर गुलाबी नगरी जयपुर के मोती डूंगरी किले के अंदर हैं। ये शिव मंदिर बाकियों से इसलिए खास हैं क्योकि ये साल में सिर्फ एक बार ही खुलता हैं। जयपुर स्थापना से पुराना है मंदिर : भक्तजन साल…

शिवरात्रि के दिन सभी मंदिरो में खास सजावट होती है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शिव मंदिर के बारे में बता रहे हैं जो सिर्फ शिवरात्रि वाले दिन ही खुलता हैं। इस शिव मंदिर का नाम हैं ‘एकलिंगेश्वर महादेव’। एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर गुलाबी नगरी जयपुर के मोती डूंगरी किले के अंदर हैं। ये शिव मंदिर बाकियों से इसलिए खास हैं क्योकि ये साल में सिर्फ एक बार ही खुलता हैं।

जयपुर स्थापना से पुराना है मंदिर :
भक्तजन साल भर एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर के द्वार खुलने का इंतजार करते हैं। शिवरात्रि वाले दिन एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर के बाहर भक्तों की लम्बी कतार लगी रहती हैं। एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर कई सालों पुराना हैं। मंदिर के पुजारी की माने तो एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना जयपुर स्थापना से पहले ही हो गई थी।

{ यह भी पढ़ें:- महाशिवरात्रि 2018: 13 या 14 जाने किस दिन मनाई जाएगी शिवरात्रि }

शिवरात्रि के दिन ही खुलते है इस चमत्कारिक शिव मंदिर के द्वार
शिवरात्रि के दिन ही खुलते है इस चमत्कारिक शिव मंदिर के द्वार

मंदिर है चमत्कारिक :
जब इस मंदिर की स्थापना हुई थी उस समय भगवान शिव के साथ उनके परिवार की भी मूर्तियां स्थापित की गई थी लेकिन कुछ समय पश्चात् इस मंदिर से शिव परिवार गायब हो गया। कुछ समय बाद एक बार फिर मंदिर में शिव परिवार को स्थापित किया गया लेकिन फिर यहाँ से सभी मूर्तियां गायब हो गई। तब से इस मंदिर को चमत्कारी माना जाने लगा।

साल में एक बार ही खुलते है मंदिर के पट :
भक्तों के दर्शन के लिए एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर के पट साल में एक बार ही खुलते है इसलिए शिवरात्रि के दिन इस मंदिर में विशेष रूप से साज सज्जा की जाती है जो सभी भक्तों का मन मोह लेती है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब एक किमी की चढाई करनी पड़ती है।

{ यह भी पढ़ें:- शिवरात्रि पर भूलकर भी न करें ये काम, शिवजी हो जाएंगे नाराज़ }

Loading...