फिर बाहर आया ईवीएम का जिन, विपक्ष ने लगाया आरोप

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद विपक्ष ने एक बार फिर ईवीएम को लेकर हमलावर हो गया है। रविवार को 21 पार्टियों ने नई दिल्ली में लोकतंत्र बचाओ बैनर के तले प्रेस वार्ता कर ईवीएम को लेकर गंभीर आरोप लगाए और मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की घोषणा की।

Opposition Again Against Evm After First Phase Polling :


टीडीपी अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू ने कहा कि 21 राजनीतिक दल 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों का मिलान ईवीएम से कराए जाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को वह मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा से मिले थे और ईवीएम में गडबड़ी का मामला उठाया था। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ईवीएम से निकली पर्ची को देखने का समय बहुत कम है। इसे बढ़ाया जाना चाहिए।

सिंघवी ने कहा कि लोगों से शिकायत मिली है कि उन्होंने जिस पार्टी को वोट दिया वीवीपैट से निकली पर्ची पर उस दल का नाम नहीं था बल्कि किसी दूसरी पार्टी का नाम था। इससे साफ है कि ईवीएम से छेड़छाड़ हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का कहना है कि अगर वीवीपैट से निकली पर्चियां गिनते हैं तो इसमें पांच दिन से अधिक वक्त लग सकता है।

हमने चुनाव आयोग से कहा है कि वह अपनी टीम बढ़ाएं, क्योंकि इस काम में पांच दिन का वक्त नहीं लगना चाहिए। सिंघवी ने कहा कि हमे लगता है कि ईवीएम में गडबड़ी के मुद्दे के निपटारे के लिए आयोग पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है। वार्ता में मौजूद आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़ की गई है। इन मशीनों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वोट सिर्फ भाजपा को जाता है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा क्यों होता कि जिन मशीनों में खराबी की शिकायत आती है उसमें वोट भाजपा को ही क्यों जाते हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद इंजीनियर हैं। इन मशीनों में कुछ गडबड़ जरूर है।

चंद्रबाबू नायडू ने तेलंगाना में 25 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। चुनाव आयोग पर इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि हमें मतदाताओं पर पूरा विश्वास है पर ईवीएम पर नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद विपक्ष ने एक बार फिर ईवीएम को लेकर हमलावर हो गया है। रविवार को 21 पार्टियों ने नई दिल्ली में लोकतंत्र बचाओ बैनर के तले प्रेस वार्ता कर ईवीएम को लेकर गंभीर आरोप लगाए और मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की घोषणा की।


टीडीपी अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू ने कहा कि 21 राजनीतिक दल 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों का मिलान ईवीएम से कराए जाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को वह मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा से मिले थे और ईवीएम में गडबड़ी का मामला उठाया था। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ईवीएम से निकली पर्ची को देखने का समय बहुत कम है। इसे बढ़ाया जाना चाहिए।

सिंघवी ने कहा कि लोगों से शिकायत मिली है कि उन्होंने जिस पार्टी को वोट दिया वीवीपैट से निकली पर्ची पर उस दल का नाम नहीं था बल्कि किसी दूसरी पार्टी का नाम था। इससे साफ है कि ईवीएम से छेड़छाड़ हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का कहना है कि अगर वीवीपैट से निकली पर्चियां गिनते हैं तो इसमें पांच दिन से अधिक वक्त लग सकता है।

हमने चुनाव आयोग से कहा है कि वह अपनी टीम बढ़ाएं, क्योंकि इस काम में पांच दिन का वक्त नहीं लगना चाहिए। सिंघवी ने कहा कि हमे लगता है कि ईवीएम में गडबड़ी के मुद्दे के निपटारे के लिए आयोग पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है। वार्ता में मौजूद आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़ की गई है। इन मशीनों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वोट सिर्फ भाजपा को जाता है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा क्यों होता कि जिन मशीनों में खराबी की शिकायत आती है उसमें वोट भाजपा को ही क्यों जाते हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद इंजीनियर हैं। इन मशीनों में कुछ गडबड़ जरूर है।

चंद्रबाबू नायडू ने तेलंगाना में 25 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। चुनाव आयोग पर इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि हमें मतदाताओं पर पूरा विश्वास है पर ईवीएम पर नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।