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दलित-कांड पर कार्रवाई को लेकर सीएम योगी का कायल हुआ विपक्ष और बागी

Opposition And Rebel Convinced Cm Yogi To Take Action On Dalit Case

लखनऊ। यूपी में हाल ही में जौनपुर व आजमगढ़ में दलितों पर हुए अत्याचार को लेकर सीएम योगी ने सख्त रूख अपनाया तो विपक्ष के साथ साथ बागी भी सीएम योगी के कायल हो गये. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ और जौनपुर मामले में एक्शन लेते हुए सभी आरोपियों पर रासुका लगाने का आदेश दिया तो बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा यू.पी के मुख्यमंत्री देर आये पर दुरस्त आये, यह अच्छी बात है. वहीं अब बीजेपी पार्टी के साथ समर्थन में चुनाव लड़ने के बाद बागी हुए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर भी योगी की तारीफ करने लगे.

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पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने ट्वीट कर कहा है कि उत्तर प्रदेश में किसी भी पिछड़े दलित गरीब के साथ अन्याय की जितनी भी निंदा की जाए कम है. दोषी किसी भी जाति समुदाय का हो अगर वो गलत करता है तो उसके विरुद्ध तुरंत सख्त कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए. हाल ही में जौनपुर, आजमगढ़ में दलित समुदाय के साथ अन्याय हुआ मुख्यमंत्री जी ने देर से ही सही कार्यवाही की इसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं.

लेकिन प्रतापगढ़ जौनपुर या अन्य जिले में पिछड़े वर्ग के साथ उत्पीड़न के मामले सामने आए उसमें पुलिस लीपापोती करने में लगी है. इनके साथ अन्याय अत्याचार हुआ है तत्काल इसपर भी इसी प्रकार कार्यवाही होनी चाहिए. गौरतलब है कि आजमगढ़ में दलित किशोरी के साथ छेड़खानी के मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्ती दिखाते हुए आरोपी परवेज, फैजान, नूरआलम,सदरे आलम समेत 12 गिरफ्तार और फरार आरोपियों पर तत्काल एनएसए लगाने के आदेश दिए हैं, वहीं फरार आरोपियों पर ईनाम घोषित करने के साथ ही लापरवाह एसएचओ पर एक्शन का आदेश दिया है.

दूसरी तरफ आरोप है कि प्रतापगढ़ के गोविंदपुर गांव जानवर के खेत में जाने को लेकर ब्राह्मण और पटेलों में जमकर विवाद हो गया था. इसके बाद पटेलों के घर में आगजनी की घटना में 3 भैंसों की जलकर मौत हो गई. इस मामले को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर अपने मोर्चा के नेताओं के साथ प्रतापगढ़ स्थित गोविंदपुर पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे, जहां पूर्व मंत्री ओम प्रकाश राजभर, बाबू सिंह कुशवाहा और अपना दल की कृष्णा पटेल समेत आधा दर्जन नेताओँ पर धारा 144 के उल्लंघन और आपदा प्रबंधन की धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी. पुलिस ने इन सबको वापस लौटा दिया था. राजभर अब प्रतापगढ़ के मामले में सीएम कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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