चमकी बुखार से 153 बच्चों की मौत के बाद नीतीश ने तोड़ी चुप्पी, बोले, राहत कार्य में कोई कमी नहीं छोड़ी

nitish kumar
चमकी बुखार से 153 बच्चों की मौत : नीतीश कुमार बोले, सरकार ने राहत और बचाव कार्य में कोई कमी नहीं छोड़ी

पटना। बिहार में चमकी बुखार से 153 बच्चों की मौत के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार ने राज्य में जागरूकता फैलाई। राहत और बचाव कार्य में सरकार ने कोई कमी नहीं छोड़ी। वहीं सीएम के इस बयान से पहले विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का इस्तीफा मांगा।

Opposition Has Done A Ruckus Before The Speech Of Cm Nitish In Bihar Assembly :

विधानसभा में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि, ‘​हम सिर्फ शोक प्रकट नहीं कर सकते। यह बहुत गंभीर मामला है। इतने बड़ी संख्या में बच्चों की मृत्यू हुई। हमने बैठक की और उसमें अपने अनुभव के आधार पर सुझाव दिए। नीतीश ने कहा कि, मैने साल 2015 में एम्स पटना में एक बैठक की थी। इसमें विभिन्न विशेषज्ञों ने अलग—अलग विचार रखे कि इसका कारण क्या हो सकता है। हालांकि उस दौरान सभी के विचार अलग—अलग थे।

इस पर विशेषज्ञ की राय जानने के लिए एक रिपोर्ट भी अमेरिका भेजी गई थी। नीतीश ने कहा कि, जैपनीज़ इंसेफेलाइटिस से निपटने के लिए वैक्सीनेशन हो रहा है। सभी जगह इस बीमारी से संबंधित जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही लोगों को सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। सीएम नीतीश ने बताया कि, जब में मुजफ्फरपुर अस्पताल गया तो वहां मैंने देखा की पीड़ित बच्चों में सबसे ज्यादा बच्चियां हैं और सभी पीड़ित परिवार गरीब तबके से आते हैंं।

पटना। बिहार में चमकी बुखार से 153 बच्चों की मौत के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार ने राज्य में जागरूकता फैलाई। राहत और बचाव कार्य में सरकार ने कोई कमी नहीं छोड़ी। वहीं सीएम के इस बयान से पहले विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का इस्तीफा मांगा। विधानसभा में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि, '​हम सिर्फ शोक प्रकट नहीं कर सकते। यह बहुत गंभीर मामला है। इतने बड़ी संख्या में बच्चों की मृत्यू हुई। हमने बैठक की और उसमें अपने अनुभव के आधार पर सुझाव दिए। नीतीश ने कहा कि, मैने साल 2015 में एम्स पटना में एक बैठक की थी। इसमें विभिन्न विशेषज्ञों ने अलग—अलग विचार रखे कि इसका कारण क्या हो सकता है। हालांकि उस दौरान सभी के विचार अलग—अलग थे। इस पर विशेषज्ञ की राय जानने के लिए एक रिपोर्ट भी अमेरिका भेजी गई थी। नीतीश ने कहा कि, जैपनीज़ इंसेफेलाइटिस से निपटने के लिए वैक्सीनेशन हो रहा है। सभी जगह इस बीमारी से संबंधित जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही लोगों को सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। सीएम नीतीश ने बताया कि, जब में मुजफ्फरपुर अस्पताल गया तो वहां मैंने देखा की पीड़ित बच्चों में सबसे ज्यादा बच्चियां हैं और सभी पीड़ित परिवार गरीब तबके से आते हैंं।