विपक्षी दलों की बैठक: सोनिया बोलींं- सरकार कर रही लोगों को दबाने और नफरत फैलाने का काम

soniya gandhi
विपक्षी दलों की बैठक: सोनिया बोलींं- सरकार कर रही लोगों को दबाने और नफरत फैलाने का काम

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर सोमवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा विपक्षी दलों की बैठक बुलाई गयी थी। बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार लगातार देश में नफरत फैलाने, विभाजन करने और लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होने इस दौरान यूपी में हुई हिंसा का भी जिक्र किया और इस हिंसा के लिए यूपी पुलिस को जिम्मेदार बताया साथ ही पुलिस पर तानाशाही का भी आरोप लगाया। इस दौरान उन्होने जेएनयू छात्रो का समर्थन भी किया है।

Opposition Parties Meeting Sonia Said Government Is Doing The Work Of Suppressing People And Spreading Hatred :

संसद भवन परिसर में हुई विपक्षी दलों की इस बैठक में टीएमसी, बीएसपी, आम आदमी पार्टी और शिवसेना नदारद रही लेकिन बाकी विपक्ष के दलो ने बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज करवायी। इस दौरान देश के राजनीतिक हालात पर चर्चा की गई। इस दौरान सोनिया गांधी ने कहा कि देश में अभूतपूर्व उथल-पुथल का माहौल है। संविधान को कमजोर किया जा रहा है और शासन का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होने कहा कि एनआरसी और सीएए को लेकर मोदी और अमित शाह ने देश को गुमराह किया है। सोनिया गांधी ने दावा किया है कि ‘असम में एनआरसी उल्टा पड़ गई। मोदी-शाह सरकार अब एनपीआर की प्रक्रिया को करने में लगी है। यह स्पष्ट है कि एनपीआर को पूरे देश में एनआरसी लागू करने के लिए किया जा रहा है।

कांग्रेस सूत्रों की माने तो इस बैठक में 20 दलों के नेता शामिल हुए। इस बैठक में प्रमुख नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, राकांपा प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, ए के एंटनी, के सी वेणुगोपाल, गुलाम नबी आजाद और रणदीप सुरजेवाला, माकपा के सीताराम येचुरी, भाकपा के डी राजा, झामुमो के नेता एवं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राकांपा के प्रफुल्ल पटेल, राजद के मनोज झा, नेशनल कांफ्रेस के हसनैन मसूदी और रालोद के अजित सिंह मौजूद थे।

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर सोमवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा विपक्षी दलों की बैठक बुलाई गयी थी। बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार लगातार देश में नफरत फैलाने, विभाजन करने और लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होने इस दौरान यूपी में हुई हिंसा का भी जिक्र किया और इस हिंसा के लिए यूपी पुलिस को जिम्मेदार बताया साथ ही पुलिस पर तानाशाही का भी आरोप लगाया। इस दौरान उन्होने जेएनयू छात्रो का समर्थन भी किया है। संसद भवन परिसर में हुई विपक्षी दलों की इस बैठक में टीएमसी, बीएसपी, आम आदमी पार्टी और शिवसेना नदारद रही लेकिन बाकी विपक्ष के दलो ने बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज करवायी। इस दौरान देश के राजनीतिक हालात पर चर्चा की गई। इस दौरान सोनिया गांधी ने कहा कि देश में अभूतपूर्व उथल-पुथल का माहौल है। संविधान को कमजोर किया जा रहा है और शासन का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होने कहा कि एनआरसी और सीएए को लेकर मोदी और अमित शाह ने देश को गुमराह किया है। सोनिया गांधी ने दावा किया है कि 'असम में एनआरसी उल्टा पड़ गई। मोदी-शाह सरकार अब एनपीआर की प्रक्रिया को करने में लगी है। यह स्पष्ट है कि एनपीआर को पूरे देश में एनआरसी लागू करने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस सूत्रों की माने तो इस बैठक में 20 दलों के नेता शामिल हुए। इस बैठक में प्रमुख नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, राकांपा प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, ए के एंटनी, के सी वेणुगोपाल, गुलाम नबी आजाद और रणदीप सुरजेवाला, माकपा के सीताराम येचुरी, भाकपा के डी राजा, झामुमो के नेता एवं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राकांपा के प्रफुल्ल पटेल, राजद के मनोज झा, नेशनल कांफ्रेस के हसनैन मसूदी और रालोद के अजित सिंह मौजूद थे।