नागरिकता कानून के मुद्दे पर बिखरा विपक्ष, TMC, BSP और AAP के बाद शिवसेना ने भी बनाई दूरी

Scattered opposition
नागरिकता कानून के मुद्दे पर बिखरा विपक्ष, TMC, BSP और AAP के बाद शिवसेना ने भी बनाई दूरी

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश का विपक्ष इस कानून की खिलाफत कर रहा है, विपक्ष में सबसे अहम भूमिका कांग्रेस निभा रही है। कांग्रेस ने आज केन्द्र सरकार के सारे विपक्षी दलों की एक बैठक बुलवाई है। लेकिन बैठक से पहले ही कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है जब TMC, BSP और AAP के बाद उसकी महाराष्ट्र मेंं सहयोगी शिवसेना ने भी बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है।

Opposition Scattered Over The Issue Of Citizenship Law Shiv Sena Also Made Distance After Bsp And Aap :

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन चुनाव के बाद दोनो दलों में सीएम की कुर्सी को लेकर पेंच फंस गया और इसी बात को लेकर गठबंधन टूट गया। इसका फायदा कांग्रेस और एनसीपी ने उठाया, दोनो ने शिवसेना का साथ दिया और उद्धव ठाकरे को सीएम बना दिया। अब सूत्रो के मुताबिक बताया जा रहा है कि शिवसेना ने भी ​सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गयी मीटिंग में आने से मना कर दिया है।

बीएसपी सुप्रीमो ने आज सुबह ही ट्वीट कर ये स्पष्ट कर दिया गया था कि जिस तरह से राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने बसपा विधायकों के साथ व्यवहार किया है, ऐसे में सवाल ही नही उठता कि बीएसपी कांग्रेस के साथ किसी मुद्दे पर खड़ी रहेगी। वहीं टीएमसी प्रमुख व बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल ने पहले ही बैठक में शामिल होने से मना कर दिया था। बताया जा रहा है कि केजरीवाल ने दिल्ली के चुनाव के चलते मीटिंग से दूरियां बढ़ा ली हैं।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस की अन्तरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गयी इस बैठक में राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, लेफ्ट, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), समाजवादी पार्टी (एसपी) समेत कई पार्टियां शामिल होंगी। यह मीटिंग पार्लियामेंट एनेक्सी में दोपहर 2 बजे शुरू होगी। इस बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं।बताया जा रहा है कि CAA पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस पार्टी ने समान विचारधारा वाली पार्टियों को एक साथ आने के लिए आमंत्रित किया था।

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश का विपक्ष इस कानून की खिलाफत कर रहा है, विपक्ष में सबसे अहम भूमिका कांग्रेस निभा रही है। कांग्रेस ने आज केन्द्र सरकार के सारे विपक्षी दलों की एक बैठक बुलवाई है। लेकिन बैठक से पहले ही कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है जब TMC, BSP और AAP के बाद उसकी महाराष्ट्र मेंं सहयोगी शिवसेना ने भी बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। आपको बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन चुनाव के बाद दोनो दलों में सीएम की कुर्सी को लेकर पेंच फंस गया और इसी बात को लेकर गठबंधन टूट गया। इसका फायदा कांग्रेस और एनसीपी ने उठाया, दोनो ने शिवसेना का साथ दिया और उद्धव ठाकरे को सीएम बना दिया। अब सूत्रो के मुताबिक बताया जा रहा है कि शिवसेना ने भी ​सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गयी मीटिंग में आने से मना कर दिया है। बीएसपी सुप्रीमो ने आज सुबह ही ट्वीट कर ये स्पष्ट कर दिया गया था कि जिस तरह से राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने बसपा विधायकों के साथ व्यवहार किया है, ऐसे में सवाल ही नही उठता कि बीएसपी कांग्रेस के साथ किसी मुद्दे पर खड़ी रहेगी। वहीं टीएमसी प्रमुख व बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल ने पहले ही बैठक में शामिल होने से मना कर दिया था। बताया जा रहा है कि केजरीवाल ने दिल्ली के चुनाव के चलते मीटिंग से दूरियां बढ़ा ली हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की अन्तरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गयी इस बैठक में राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, लेफ्ट, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), समाजवादी पार्टी (एसपी) समेत कई पार्टियां शामिल होंगी। यह मीटिंग पार्लियामेंट एनेक्सी में दोपहर 2 बजे शुरू होगी। इस बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं।बताया जा रहा है कि CAA पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस पार्टी ने समान विचारधारा वाली पार्टियों को एक साथ आने के लिए आमंत्रित किया था।