उस्मानिया ​यूनिवर्सिटी ने छात्र की खुदकुशी के बाद इंडियन सांइस कांग्रेस के आयोजन से हाथ खींचे

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उस्मानिया ​यूनिवर्सिटी ने छात्र की खुदकुशी के बाद इंडियन सांइस कांग्रेस के आयोजन से हाथ खींचे

हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में छात्र राजनीति एकबार फिर अपने चरम पर है। उस्मानिया यूनिवर्सिटी के एमएससी फिजिक्सि के छात्र ई. मुरली की आत्महत्या के बाद से यूनिवर्सिटी प्रशासन और प्रदेश सरकार के हाथ पांव फूले हुए हुए हैं। यूनिवर्सिटी के छात्र प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहें हैं। यूनिवर्सिटी के हालात इतने खराब हैं कि प्रशासन ने इंडियन साइंस कांग्रेस का आयोजन करने की योजना को निरस्त कर दिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक जनवरी के प्रथम सप्ताह में हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी ने 105वीं इंडियन साइंस कांग्रेस के आयोजन की जिम्मेदारी उठाई थी। इस साइंस कांग्रेस का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा किया जाना था। इस बीच 4 दिसंबर को ई. मुरली नामक छात्र ने खुदकुशी कर ली। मुरली की खुदकुशी को लेकर उस्मानिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया। 5 दिसंबर को मुरली का शव बरामद होने के बाद से ही यूनिवर्सिटी का माहौल बेहद खराब है। इस बीच एक अन्य छात्र द्वारा भी खुदकुशी की कोशिश की जा चुकी है।

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यूनिवर्सिटी प्रशासन को साइंस कांग्रेस के दौरान छात्रों के विरोध प्रदर्शन् की उम्मीद—

उस्मानिया यूनिवर्सिटी में छात्र की खुदकुशी के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन साइंस कांग्रेस के आयोजन को लेकर किसी तरह का जोखिम लेने को तैयार नहीं है। स्थानीय मीडिया ने उस्मानिया यूनिवर्सिटी के छात्र खुदकुशी मामले की तुलना दो वर्ष पूर्व हैदराबाद यूनिवर्सिटी में सामने आए रोहित वेमुल्ला के खुदकुशी मामले से की है।

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इस मामले में छात्र संगठन तेलंगाना सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। छात्र संगठनों का आरोप है कि मृतक छात्र ने बेरोजगारी की समस्या के चलते यह कदम उठाया है। अगर सरकार ने अपने वादे के मुताबिक प्रतिवर्ष 1 लाख नौकरियों के लिए अवसर पैदा किए होते तो छात्र को खुदकुशी नहीं करनी पड़ती।

छात्रों के निशाने पर आई प्रदेश सरकार भी बैकफुट पर —

तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव उस्मानिया यूनिवर्सिटी से गरम हुई प्रदेश की सियासत पर पूरी तरह से निगाह बनाए हुए हैं। वह नहीं चाहते कि रोहित वेमुल्ला की मौत पर मचे हंगामे की तर्ज पर ही राष्ट्रीय स्तर पर ई. मुरली की मौत को मुद्दा बनाया जाए। इसीलिए प्रदेश सरकार भी यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से सांइस कांग्रेस के आयोजन को टालने का समर्थन करती नजर आ रही है।

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पुलिस के मुताबिक परीक्षाओं को लेकर तनाव में था मृतक छात्र—

अलग मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक मृतक छात्र ई. मुरली 4 दिसबंर को छात्रावास से लापता था। 5 दिसबंर को उसका शव छात्रावास के बाथरूम में लटका मिला था। मृतक का सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें उसने परीक्षाओं में फेल होने से बचने के लिए खुदकुशी जैसा कदम उठाने का जिक्र किया है। इसके अलावा मृतक छात्र ने अपने भाई से मां का हमेशा देने की बात कही है। पुलिस की मुताबिक छात्र ने अपने सुसाइड नोट में जिस तरह से फेल होने का डर जाहिर किया है उसे देखकर कहा जा सकता है कि वह परीक्षाओं को लेकर तनाव ग्रस्त था। उसे आगामी परीक्षाओं में असफल होने का डर था, असफलता उसे स्वीकार्य नहीं थी।

आपको बता दें कि हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति सुर्खियों में रहती आई है। दो वर्ष पूर्व इस यूनिवर्सिटी में बीफ पार्टी का आयोजन किया गया था। जिसके आयोजक 15 छात्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से यूनिवर्सिटी के 5000 छात्रों को पार्टी का निमंत्रण दिया था। आयोजक छात्रों के बुलावे पर हैदाराबाद के सांसद आसुद्दीन ओवैसी समेंत लेफ्ट और कांग्रेस के नेताओं को भी इस आयोजन में शिरकत की थी।

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हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में छात्र राजनीति एकबार फिर अपने चरम पर है। उस्मानिया यूनिवर्सिटी के एमएससी फिजिक्सि के छात्र ई. मुरली की आत्महत्या के बाद से यूनिवर्सिटी प्रशासन और प्रदेश सरकार के हाथ पांव फूले हुए हुए हैं। यूनिवर्सिटी के छात्र प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहें हैं। यूनिवर्सिटी के हालात इतने खराब हैं कि प्रशासन ने इंडियन साइंस कांग्रेस का आयोजन करने की योजना को निरस्त कर दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक…
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