मिस्र की अदालत ने सुनाई 75 लोगों को सजा-ए-मौत और 47 को उम्रकैद

मिस्र की अदालत ने सुनाई 75 लोगों को सजा-ए-मौत और 47 को उम्रकैद
मिस्र की अदालत ने सुनाई 75 लोगों को सजा-ए-मौत और 47 को उम्रकैद

Other Egypt Court Sentences 75 People To Death Over A 2013 Pro Muslim Brotherhood Sit In

नई दिल्ली। मिस्र की एक अदालत ने 2013 के प्रदर्शन मामले में मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रमुख नेताओं सहित 75 लोगों को मौत की सजा सुनाई है। इनमें प्रसिद्ध इस्लामिक नेता एशाम-अल-इरान और मोहम्मद बेलतागी भी शामिल हैं। कोर्ट ने 739 अभियुक्तों वाले मामले में ब्रदरहुड के प्रमुख मोहम्मद बडाई और 46 अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई। इन पर हत्या और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप थे।

मिस्र की अदालत ने शनिवार को 75 लोगों को मौत की सजा सुनाई है। इनमें प्रसिद्ध इस्लामिक नेता एशाम-अल-इरान और मोहम्मद बेलतागी भी शामिल हैं। अदालत ने 600 से अधिक लोगों को पांच से 15 साल तक जेल की सजा सुनाई है। अदालत के फैसले के खिलाफ 60 दिन में अपील की जा सकती है। सजा पाने वाले अधिकांश लोग प्रतिबंधित संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्य हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने फैसले की निंदा करते हुए इसे अपमानजनक करार दिया है।

दरअसल, 2013 में सेना ने तत्कालीन राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी को पद से हटा दिया था। इसके खिलाफ मुस्लिम ब्रदरहुड ने हिंसक आंदोलन चलाया था। मुर्सी खुद इसी संगठन के सदस्य थे। हिंसक झड़पों में पुलिसकर्मियों समेत 800 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे गए थे। इस मामले में 739 लोगों पर मुकदमा चलाया गया, जिसमें मुस्लिम ब्रदरहुड का सर्वोच्च मार्गदर्शक मोहम्मद बदी और फोटो पत्रकार महमूद अबु जैद शामिल हैं। आरोप हत्या से लेकर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तक है।

नई दिल्ली। मिस्र की एक अदालत ने 2013 के प्रदर्शन मामले में मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रमुख नेताओं सहित 75 लोगों को मौत की सजा सुनाई है। इनमें प्रसिद्ध इस्लामिक नेता एशाम-अल-इरान और मोहम्मद बेलतागी भी शामिल हैं। कोर्ट ने 739 अभियुक्तों वाले मामले में ब्रदरहुड के प्रमुख मोहम्मद बडाई और 46 अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई। इन पर हत्या और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप थे। मिस्र की अदालत ने शनिवार को 75 लोगों को मौत की सजा…