हमारी संकल्प शक्ति ही हमारा आगे का मार्ग तय करती है : पीएम मोदी

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हमारी संकल्प शक्ति ही हमारा आगे का मार्ग तय करती है : पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडियन चैंबर आॅफ कॉमर्स (ICC) के 95वें वार्षिक पूर्ण सत्र के मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम को संबोधित किया। दस दिन में यह दूसरा मौका था जब वह इंडस्ट्री के लोगों से जुड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज देशवासियों के मन में एक काश है, काश हम मेडिकल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होते ,काश हम डिफेंस के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होते।

Our Resolve Power Determines Our Path Pm Modi :

काश हम सोलर पैनल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होते, ऐसे कई उदाहरण हैं जहां पर देश में काश घूम रहा है। उन्होंने कहा कि आज जो चीज़ें हमें विदेश से मंगवानी पड़ती है, हमें विचार करना होगा कि वो हमारे देश में कैसे बने और फिर कैसे हम उसका निर्यात करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समय मुसीबत की दवाई सिर्फ मजबूती है। ऐसे मुश्किल समय में देश हमेशा आगे बढ़कर सामने आया है। आज पूरी दुनिया ही इस संकट से लड़ रही है, कोरोना वॉरियर्स के साथ देश इस लड़ाई में पीछे नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब देशवासी के मन में संकल्प है कि आपदा को अवसर में बदलना है, इस संकट को देश का टर्निंग प्वाइंट बनाना है।आत्मनिर्भर भारत ही टर्निंग प्वाइंट है। पीएम ने कहा कि मन के हारे हार, मन के जीते जीत… हमारी संकल्प शक्ति ही हमारा आगे का मार्ग तय करती है। जो पहले ही हार मान लेता है, उसके सामने नए अवसर नज़र नहीं आते हैं ऐसे में जीत के लिए लगातार प्रयास करने वाला ही सफलता पाता है और नए अवसर आते हैं।

उन्होंने कहा कि गठन के बाद से ICC ने अब तक काफी कुछ देखा है और भारत की विकास यात्रा का हिस्सा रहे हैं। इस साल की बैठक ऐसे वक्त में हो रही है, जब देश कई मुश्किलों को झेल रहा है। आज देश में कोरोना वायरस है, टिड्डी की चुनौती हैं, कहीं आग लग जा रही है तो रोज भूकंप भी आ रहे हैं, इस बीच दो साइक्लोन भी आए हैं। कभी-कभी समय भी हमारी परीक्षा लेता है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडियन चैंबर आॅफ कॉमर्स (ICC) के 95वें वार्षिक पूर्ण सत्र के मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम को संबोधित किया। दस दिन में यह दूसरा मौका था जब वह इंडस्ट्री के लोगों से जुड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज देशवासियों के मन में एक काश है, काश हम मेडिकल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होते ,काश हम डिफेंस के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होते। काश हम सोलर पैनल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होते, ऐसे कई उदाहरण हैं जहां पर देश में काश घूम रहा है। उन्होंने कहा कि आज जो चीज़ें हमें विदेश से मंगवानी पड़ती है, हमें विचार करना होगा कि वो हमारे देश में कैसे बने और फिर कैसे हम उसका निर्यात करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समय मुसीबत की दवाई सिर्फ मजबूती है। ऐसे मुश्किल समय में देश हमेशा आगे बढ़कर सामने आया है। आज पूरी दुनिया ही इस संकट से लड़ रही है, कोरोना वॉरियर्स के साथ देश इस लड़ाई में पीछे नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब देशवासी के मन में संकल्प है कि आपदा को अवसर में बदलना है, इस संकट को देश का टर्निंग प्वाइंट बनाना है।आत्मनिर्भर भारत ही टर्निंग प्वाइंट है। पीएम ने कहा कि मन के हारे हार, मन के जीते जीत... हमारी संकल्प शक्ति ही हमारा आगे का मार्ग तय करती है। जो पहले ही हार मान लेता है, उसके सामने नए अवसर नज़र नहीं आते हैं ऐसे में जीत के लिए लगातार प्रयास करने वाला ही सफलता पाता है और नए अवसर आते हैं। उन्होंने कहा कि गठन के बाद से ICC ने अब तक काफी कुछ देखा है और भारत की विकास यात्रा का हिस्सा रहे हैं। इस साल की बैठक ऐसे वक्त में हो रही है, जब देश कई मुश्किलों को झेल रहा है। आज देश में कोरोना वायरस है, टिड्डी की चुनौती हैं, कहीं आग लग जा रही है तो रोज भूकंप भी आ रहे हैं, इस बीच दो साइक्लोन भी आए हैं। कभी-कभी समय भी हमारी परीक्षा लेता है।