नीरव मोदी से ज्वैलरी खरीदने वाले 50 अमीरों पर कसा इनकम टैक्स का शिकंजा

neerav modi
नीरव मोदी से ज्वैलरी खरीदने वाले 50 अमीरों पर कसा इनकम टैक्स का शिकंजा

नई दिल्ली। भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी की फार्म से महंगे गहने खरीदने वाले 50 से अधिक ऐसे अमीर लोगों के आयकर रिटर्न का फिर से आकलन करने का फैसला किया है। ऐसे धनी व्यक्तियों-हाई नेटवर्थ इंडीविजुएल्स के इनकम टैक्स रिटर्न का फिर से एसेसमेंट करने का फैसला किया। इनकम टैक्स विभाग ने इससे पहले कई लोगों को नोटिस भेजकर उनसे आभूषण खरीद का सोर्स पूछा था। इनमें से ज्यादातर ने कहा कि उन्होंने नीरव मोदी की कंपनियों को कोई कैश पेमेंट नहीं किया है। इसके बाद विभाग ने उनके आईटीआर की नए सिरे से जांच का फैसला किया है।

अधिकारियों ने बताया कि विभाग को ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिनसे पता चलता है। कि इन चुनिंदा खरीदारों ने हीरे के महंगे आभूषणों की खरीद के लिए अलग-अलग हिस्सों मसलन चेक या कार्ड (डेबिट या क्रेडिट) और शेष का भुगतान नकद में किया। टैक्स नोटिसों के जवाब में ज्यादातर लोगों ने कहा है कि उन्होंने कैश पेमेंट नहीं किया। हालांकि उनका यह बयान विभाग के पास मौजूद आंकड़ों से मेल नहीं खाता।

{ यह भी पढ़ें:- ITR फाइल करने के लिए सरकार ने एक महीने की बढ़ाई डेडलाइन }

लाखों की टैक्स चोरी का खुलासा हो सकता है

आयकर अधिकारी ने कहा, ”टैक्स रिटर्न की जांच में कई करोड़ नकद भुगतान का खुलासा हो सकता है। जिन जिन लोगो का नाम आएगा उन करोड़पतियों के खिलाफ टैक्स चोरी के मामले में कार्रवाई की जाएगी। नीरव की फर्म से ज्वेलरी खरीदने वाले रेवाड़ी के एक हॉस्पिटल ग्रुप के ठिकानों पर पिछले दिनों छापेमारी की गई थी। यह ग्रुप स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव के परिवार से जुड़ा है।

पीएनबी की मुंबई ब्रांच से उजागर हुआ था घोटाला

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और अन्य एजेंसियां पीएनबी घोटाले में हीरा कारोबारी नीरव मोदी, उसके मामा मेहुल चौकसी के खिलाफ जांच कर रही हैं। जनवरी में एफआईआर दर्ज होने के बाद दोनों देश छोड़कर भाग गए थे। दोनों ने बैंक अफसरों के साथ मिलकर 2011 में लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (एलओयू) के जरिए घोटाले की शुरुआत की थी। इस मामले में कई बैंक अफसरों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

{ यह भी पढ़ें:- समय पर नहीं भरा ITR तो लगेगा 5000 तक जुर्माना, जाने अंतिम तारीख }

नई दिल्ली। भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी की फार्म से महंगे गहने खरीदने वाले 50 से अधिक ऐसे अमीर लोगों के आयकर रिटर्न का फिर से आकलन करने का फैसला किया है। ऐसे धनी व्यक्तियों-हाई नेटवर्थ इंडीविजुएल्स के इनकम टैक्स रिटर्न का फिर से एसेसमेंट करने का फैसला किया। इनकम टैक्स विभाग ने इससे पहले कई लोगों को नोटिस भेजकर उनसे आभूषण खरीद का सोर्स पूछा था। इनमें से ज्यादातर ने कहा कि उन्होंने नीरव मोदी की कंपनियों को कोई…
Loading...