मोहन भागवत के मॉब लिंचिंग बयान पर ओवैसी और दिग्विजय सिंह का हमला

Owaisi Digvijay Bhagwat
मोहन भागवत के मॉब लिंचिंग बयान पर ओवैसी और दिग्विजय सिंह का हमला

नई दिल्ली। दशहरे के मौके पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने मॉब लिंचिंग पर बयान देते हुए कहा था कि मॉब लिंचिंग के मुद्दे से संघ का कोई लेनादेना नहीं है। देश में ऐसी कुछ घटनाएं देखने को मिलती है और हर तरफ से देखने को मिलती हैं। कई बार तो ऐसा भी होता है कि घटना होती नहीं है लेकिन उसे बनाने की कोशिश की जाती है। लिंचिंग जैसा शब्द भारत का है ही नहीं क्योंकि भारत में ऐसा कुछ होता ही नहीं था। यह प्रवृत्ति हमारे देश की परंपरा नहीं है और न ही हमारे संविधान में यह है। इसी बयान के बाद औवैसी और दिग्विजय सिंह ने उनपर जोरदार हमला किया है।

Owaisi And Digvijay Singh Attack Mohan Bhagwats Mob Lynching Statement :

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जिस विचारधारा ने गांधी और तबरेज की हत्या की, उससे ज्यादा भारत की बदनामी नहीं हो सकती। हमारे पास गोडसे प्रेमी बीजेपी सांसद हैं। ओवैसी ने कहा कि भागवत मॉब लिंचिंग रोकने के लिए कोई प्रयास नही कर रहे हैं, वो कह रहे हैं कि इसे वो (लिंचिंग) मत कहो। ओवैसी ने ट्वीट किया, ‘(मॉब लिंचिंग के) पीड़ित भारतीय हैं। (मॉब लिंचिंग के) दोषियों को किसने माला पहनाई थी, किसने उन्हें (तिरंगे में) लपेटा था। ‘हिंदू राष्ट्र का आधार हिंदू सर्वोच्चता। हिंदू राष्ट्र का मतलब गैर-हिंदुओं का दमन।

 

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भागवत के बयान पर हमला करते हुए बोले कि जिस दिन भागवत एकजुटता के संदेश का पालन करने लगेंगे उस दिन मॉब लिंचिंग और नफरत जैसी सारी समस्या समाप्त हो जाएगी। उनका कहना है कि उसी दिन देश की भीड़ हत्या और नफरत जैसी सारी समस्या समाप्त हो जाएगी। उन्होने कहा कि जिस दिन भागवत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का रास्ता अपना लेंगे उस दिन सारी समस्या समाप्त हो जाएगी।

नई दिल्ली। दशहरे के मौके पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने मॉब लिंचिंग पर बयान देते हुए कहा था कि मॉब लिंचिंग के मुद्दे से संघ का कोई लेनादेना नहीं है। देश में ऐसी कुछ घटनाएं देखने को मिलती है और हर तरफ से देखने को मिलती हैं। कई बार तो ऐसा भी होता है कि घटना होती नहीं है लेकिन उसे बनाने की कोशिश की जाती है। लिंचिंग जैसा शब्द भारत का है ही नहीं क्योंकि भारत में ऐसा कुछ होता ही नहीं था। यह प्रवृत्ति हमारे देश की परंपरा नहीं है और न ही हमारे संविधान में यह है। इसी बयान के बाद औवैसी और दिग्विजय सिंह ने उनपर जोरदार हमला किया है। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जिस विचारधारा ने गांधी और तबरेज की हत्या की, उससे ज्यादा भारत की बदनामी नहीं हो सकती। हमारे पास गोडसे प्रेमी बीजेपी सांसद हैं। ओवैसी ने कहा कि भागवत मॉब लिंचिंग रोकने के लिए कोई प्रयास नही कर रहे हैं, वो कह रहे हैं कि इसे वो (लिंचिंग) मत कहो। ओवैसी ने ट्वीट किया, ‘(मॉब लिंचिंग के) पीड़ित भारतीय हैं। (मॉब लिंचिंग के) दोषियों को किसने माला पहनाई थी, किसने उन्हें (तिरंगे में) लपेटा था। 'हिंदू राष्ट्र का आधार हिंदू सर्वोच्चता। हिंदू राष्ट्र का मतलब गैर-हिंदुओं का दमन।   वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भागवत के बयान पर हमला करते हुए बोले कि जिस दिन भागवत एकजुटता के संदेश का पालन करने लगेंगे उस दिन मॉब लिंचिंग और नफरत जैसी सारी समस्या समाप्त हो जाएगी। उनका कहना है कि उसी दिन देश की भीड़ हत्या और नफरत जैसी सारी समस्या समाप्त हो जाएगी। उन्होने कहा कि जिस दिन भागवत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का रास्ता अपना लेंगे उस दिन सारी समस्या समाप्त हो जाएगी।