ओवैसी का BJP को तंज, हलवा है अरबी शब्द तो क्या इसका नाम बदलेगी सरकार ?

Asaduddin Owaisi
ओवैसी का सरकार पर हमला, सरकार पूरे देश को लॉकडाउन में नहीं रख सकती

नई दिल्ली। एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लगातार अपने बयानो से सुर्खियों में बने रहते हैं। उन्होने अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर सीएए पर अमित शाह बहश करना चाहते हैं तो उनसे क्यों, किसी दाढ़ी वाले से बहश करके देंखें। वहीं इसी दौरान उन्होने कहा कि बीजेपी लगातार नाम बदलने की कवायद करती नजर आती है। हलवा भी तो अरबी शब्द है, फिर वित्त मंत्रालय द्वारा हलवा सेरेमनी की जाती है, क्या इसका भी नाम बदलेगी सरकार।

Owaisi Challenges Amit Shah Dare Someone To Be A Caa With A Beard :

अमित शाह को चुनौती देने के साथ साथ उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी निशाना साधा। आपको बता दें कि हाल ही में बजट की छपाई के दौरान वित्त मंत्रालय द्वारा हलवा सेरेमनी की तस्वीर सोशल मीडिया पर डाली गयी थी जहां निर्मला सीतारमण हलवे को प्रणाम करती नजर आयीं थी। इसी पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा, “बीजेपी के नेता नाम बदलने की कवायद करते हैं और बीजेपी की वित्त मंत्री हलवा के आगे नमस्ते कर रही हैं। ओवैसी ने कहा, “हलवा उर्दू या हिंदी का शब्द नहीं है, हलवा अरबी शब्द है। इसको क्यों नहीं बदल रहे हैं। ओवैसी ने कहा, “यह सब कुछ चेंज करने की बात करते हैं, इस बार आवाम इनको ही चेंज कर देगी।

एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लगातार नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधने में लगे हैं। ओवैसी ने सीएए, आनआरसी और एनपीआर को लेकर गृहमंत्री अमित शाह पर हमला बोलते हुए खुली बहस करने की चुनौती भी दे दी है। इस नए कानून की खिलाफत करते हुए वो कभी हैदराबाद में तिरंगा रैली निकाल रहे हैं, तो कभी गणतंत्र दिवस पर आधी रात को चारमीनार पर तिरंगा फहराने की तैयारी कर रहे हैं।

दरअसल ओवैसी तेलंगाना नगर पालिका के चुनाव के मद्देनजर एक सभा को संबोधित करने पंहुचे थे। इस दौरान उन्होने गृह मंत्री अमित शाह को सीएए, एनआरसी और एनपीआर को लेकर बहस की चुनौती दी। उन्होंने बहस का प्रस्ताव रखते हुए कहा, “मैं गृह मंत्री को नए कानून पर बहस करने की चुनौती देता हूं, दाढ़ी वाले से बहस करने पर टीआरपी भी अच्छी आएगी। आपको बता दें कि एनआरसी और एनपीआर के विरोध में ओवैसी 25 जनवरी की रात चारमीनार पर 26 जनवरी का जश्न मनाएंगे और फिर 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर ह्यूमन चेन बनाएंगे।

नई दिल्ली। एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लगातार अपने बयानो से सुर्खियों में बने रहते हैं। उन्होने अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर सीएए पर अमित शाह बहश करना चाहते हैं तो उनसे क्यों, किसी दाढ़ी वाले से बहश करके देंखें। वहीं इसी दौरान उन्होने कहा कि बीजेपी लगातार नाम बदलने की कवायद करती नजर आती है। हलवा भी तो अरबी शब्द है, फिर वित्त मंत्रालय द्वारा हलवा सेरेमनी की जाती है, क्या इसका भी नाम बदलेगी सरकार। अमित शाह को चुनौती देने के साथ साथ उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी निशाना साधा। आपको बता दें कि हाल ही में बजट की छपाई के दौरान वित्त मंत्रालय द्वारा हलवा सेरेमनी की तस्वीर सोशल मीडिया पर डाली गयी थी जहां निर्मला सीतारमण हलवे को प्रणाम करती नजर आयीं थी। इसी पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा, "बीजेपी के नेता नाम बदलने की कवायद करते हैं और बीजेपी की वित्त मंत्री हलवा के आगे नमस्ते कर रही हैं। ओवैसी ने कहा, "हलवा उर्दू या हिंदी का शब्द नहीं है, हलवा अरबी शब्द है। इसको क्यों नहीं बदल रहे हैं। ओवैसी ने कहा, "यह सब कुछ चेंज करने की बात करते हैं, इस बार आवाम इनको ही चेंज कर देगी। एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लगातार नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधने में लगे हैं। ओवैसी ने सीएए, आनआरसी और एनपीआर को लेकर गृहमंत्री अमित शाह पर हमला बोलते हुए खुली बहस करने की चुनौती भी दे दी है। इस नए कानून की खिलाफत करते हुए वो कभी हैदराबाद में तिरंगा रैली निकाल रहे हैं, तो कभी गणतंत्र दिवस पर आधी रात को चारमीनार पर तिरंगा फहराने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल ओवैसी तेलंगाना नगर पालिका के चुनाव के मद्देनजर एक सभा को संबोधित करने पंहुचे थे। इस दौरान उन्होने गृह मंत्री अमित शाह को सीएए, एनआरसी और एनपीआर को लेकर बहस की चुनौती दी। उन्होंने बहस का प्रस्ताव रखते हुए कहा, "मैं गृह मंत्री को नए कानून पर बहस करने की चुनौती देता हूं, दाढ़ी वाले से बहस करने पर टीआरपी भी अच्छी आएगी। आपको बता दें कि एनआरसी और एनपीआर के विरोध में ओवैसी 25 जनवरी की रात चारमीनार पर 26 जनवरी का जश्न मनाएंगे और फिर 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर ह्यूमन चेन बनाएंगे।