ओवैसी ने पीएम मोदी पर कसा तंज, 15 लाख नहीं तो 15 हजार ही दे दो मित्रों

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महाराष्ट्र की रैली में ओवैसी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर कसा तंज-15 लाख नहीं तो 15 हजार ही दे दो मित्रों...!

नई दिल्ली। तीन तलाक के मुद्दे पर मोदी सरकार के कदमों से नाराज़ एआईएमआईएम प्रमुख और सासंद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि इस मसले पर महिलाओं को न्‍याय दिलाने की बात कहना तो महज एक बहाना है। उन्होंने कहा कि तीन तलाक के जरिए महिलाओं को न्याय दिलाना तो एक बहाना है, निशाना तो शरीयत है।

Owaisi Makes Comment On Pm Narendra Modi Says Give Us 15k :

ओवैसी ने मोदी को हर भारतीय के खाते में 15 लाख रुपए दिए जाने के कथित वादे की याद दिलाते हुए कहा कि आगामी बजट में तीन तलाक मिलने वाली महिलाओं को 15 हजार देने का प्रावधान होना चाहिए। 15 लाख नहीं तो 15 हजार ही दे दो मित्रों।ओवैसी के मुताबिक सरकार को बजट में यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिन महिलाओं को तीन तलाक दिया गया है, उनको हर महीने 15 हजार रुपये गुजारे के लिए मिले। तीन तलाक संबंधी बिल पिछले शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पास हो चुका है लेकिन राज्‍यसभा में पारित नहीं हो सका।

बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में तीन तलाक विधेयक का विरोध किया था। हालांकि उनके सभी संशोधन खारिज हो गए थे। सरकार द्वारा प्रस्तावित बिल में कहा गया है कि तीन तलाक गैरकानूनी और दंडनीय अपराध माना जाएगा। इसमें पीड़िता को पति से गुजारा भत्ता और बच्चों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सहायता दी जाएगी।

नई दिल्ली। तीन तलाक के मुद्दे पर मोदी सरकार के कदमों से नाराज़ एआईएमआईएम प्रमुख और सासंद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि इस मसले पर महिलाओं को न्‍याय दिलाने की बात कहना तो महज एक बहाना है। उन्होंने कहा कि तीन तलाक के जरिए महिलाओं को न्याय दिलाना तो एक बहाना है, निशाना तो शरीयत है।ओवैसी ने मोदी को हर भारतीय के खाते में 15 लाख रुपए दिए जाने के कथित वादे की याद दिलाते हुए कहा कि आगामी बजट में तीन तलाक मिलने वाली महिलाओं को 15 हजार देने का प्रावधान होना चाहिए। 15 लाख नहीं तो 15 हजार ही दे दो मित्रों।ओवैसी के मुताबिक सरकार को बजट में यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिन महिलाओं को तीन तलाक दिया गया है, उनको हर महीने 15 हजार रुपये गुजारे के लिए मिले। तीन तलाक संबंधी बिल पिछले शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पास हो चुका है लेकिन राज्‍यसभा में पारित नहीं हो सका।बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में तीन तलाक विधेयक का विरोध किया था। हालांकि उनके सभी संशोधन खारिज हो गए थे। सरकार द्वारा प्रस्तावित बिल में कहा गया है कि तीन तलाक गैरकानूनी और दंडनीय अपराध माना जाएगा। इसमें पीड़िता को पति से गुजारा भत्ता और बच्चों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सहायता दी जाएगी।