भीड़ हिंसा पर ओवैसी ने उठाए सवाल, कहा-सरकार इस पर कानून क्यों नहीं बना रही?

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भीड़ हिंसा पर ओवैसी ने उठाए सवाल, कहा-सरकार इस पर कानून क्यों नहीं बना रही?

नई दिल्ली। देश भर में बढ़ रही भीड़ हिंसा पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया है। ओवैसी ने लोकसभा में कहा कि, मॉब लिंचिंग (भीड़ हिंसा) पर सरकार कानून बनाने में क्यों कतरा रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी भीड़ हिंसा पर कानून बनाने के आदेश दिए थे।

Owaisi Raises Questions On Mob Violence :

बावजूद इसके सरकार बढ़ती घटनाओं को देख अनेदखा कर रही है। हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा, ‘मैं गृह मंत्री से पूछना चाहता हूं कि मॉब लिंचिंग पर कानून क्यों नहीं बनाया जा रहा है? पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा था कि मॉब लिंचिंग पर कानून बनाया जाए। अगर आप सुप्रीम कोर्ट के हर आदेश को कानून बनाते हैं, तो इसे क्यों नहीं?

इसके साथ ही औवेसी ने कहा कि, अगर आप इस पर कानून नहीं बनाते हैं तो यह आपको ही नुकसान करेगा। बता दें कि इससे पहले भी ओवैसी मोदी सरकार पर कई सवाल उठा चुके हैं। गौरतलब है कि बिहार में भीड़ हिंसा ने तीन लोगों की पीट—पीटकर हत्या कर दी। इस वारदात के बाद बिहार सरकार पर सवाल उठने लगे हैं। भीड़ हिंसा की बढ़ती घटनाओं को लेकर इस पर कानून बनाने की मांग की जा रही है।

नई दिल्ली। देश भर में बढ़ रही भीड़ हिंसा पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया है। ओवैसी ने लोकसभा में कहा कि, मॉब लिंचिंग (भीड़ हिंसा) पर सरकार कानून बनाने में क्यों कतरा रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी भीड़ हिंसा पर कानून बनाने के आदेश दिए थे। बावजूद इसके सरकार बढ़ती घटनाओं को देख अनेदखा कर रही है। हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा, 'मैं गृह मंत्री से पूछना चाहता हूं कि मॉब लिंचिंग पर कानून क्यों नहीं बनाया जा रहा है? पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा था कि मॉब लिंचिंग पर कानून बनाया जाए। अगर आप सुप्रीम कोर्ट के हर आदेश को कानून बनाते हैं, तो इसे क्यों नहीं? इसके साथ ही औवेसी ने कहा कि, अगर आप इस पर कानून नहीं बनाते हैं तो यह आपको ही नुकसान करेगा। बता दें कि इससे पहले भी ओवैसी मोदी सरकार पर कई सवाल उठा चुके हैं। गौरतलब है कि बिहार में भीड़ हिंसा ने तीन लोगों की पीट—पीटकर हत्या कर दी। इस वारदात के बाद बिहार सरकार पर सवाल उठने लगे हैं। भीड़ हिंसा की बढ़ती घटनाओं को लेकर इस पर कानून बनाने की मांग की जा रही है।