ओवैसी के भाई बोले-चाहे अयोध्या में कुछ भी बने, वहां मस्जिद थी, है और रहेगी

akbaruddin owaisi
ओवैसी के भाई बोले चाहे अयोध्या में कुछ भी बने, वहां मस्जिद थी, है और रहेगी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अयोध्या मंदिर विवाद के मामले में रामलला के पक्ष में फैसला सुनाया था। उस फैसले के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने ऐतराज जताया था और पुर्नविचार याचिका दायर करने को कहा था। वहीं अब उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने ओवैसी ने अयोध्या मंदिर पर एक विवादित बयान दिया है, उन्होने कहा, यह एक हकीकत है, चाहे वहां कुछ भी बने, वहां मस्जिद थी, है और रहेगी।

Owaisis Brother Said That No Matter What Is Built In Ayodhya There Was A Masjid It Is And Will Remain :

अयोध्या मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बीते 9 नवंबर को फैसला सुनाया था। हालांकि इस फैंसले के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड ने पुर्नविचार याचिका दायर करने से इन्कार कर दिया था लेकिन औवैसी के बयान के बाद कई मुस्लिम संगठनो ने आपस में चर्चा की। चर्चा के बाद कल मुस्लिम पक्षकार एम सिद्दीकी ने पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है वहीं बताया जा रहा है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी जल्द ही रिव्यू याचिका दायर करेगा। इसी दौरान असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी का विवादित बयान भी आ गया।

आपको बता दें कि इससे पहले एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ऐतराज जताते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट सबसे बड़ा है, पर अचूक नहीं। ओवैसी ने कहा था कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरह वह भी फैसले से सहमत नहीं हैं। ओवैसी ने फैसले पर कहा कि ये फैसला तथ्यों पर नही बल्कि आस्था के ऊपर सुनाया गया है। उनका कहना है कि संघ परिवार कई अन्य मस्जिदों के मामलों में भी इस फैसले को हथियार बना सकता है। उन्होन मथुरा, काशी और लखनऊ की मस्जिदों पर चिंता जाहिर की है।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अयोध्या मंदिर विवाद के मामले में रामलला के पक्ष में फैसला सुनाया था। उस फैसले के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने ऐतराज जताया था और पुर्नविचार याचिका दायर करने को कहा था। वहीं अब उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने ओवैसी ने अयोध्या मंदिर पर एक विवादित बयान दिया है, उन्होने कहा, यह एक हकीकत है, चाहे वहां कुछ भी बने, वहां मस्जिद थी, है और रहेगी। अयोध्या मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बीते 9 नवंबर को फैसला सुनाया था। हालांकि इस फैंसले के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड ने पुर्नविचार याचिका दायर करने से इन्कार कर दिया था लेकिन औवैसी के बयान के बाद कई मुस्लिम संगठनो ने आपस में चर्चा की। चर्चा के बाद कल मुस्लिम पक्षकार एम सिद्दीकी ने पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है वहीं बताया जा रहा है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी जल्द ही रिव्यू याचिका दायर करेगा। इसी दौरान असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी का विवादित बयान भी आ गया। आपको बता दें कि इससे पहले एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ऐतराज जताते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट सबसे बड़ा है, पर अचूक नहीं। ओवैसी ने कहा था कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरह वह भी फैसले से सहमत नहीं हैं। ओवैसी ने फैसले पर कहा कि ये फैसला तथ्यों पर नही बल्कि आस्था के ऊपर सुनाया गया है। उनका कहना है कि संघ परिवार कई अन्य मस्जिदों के मामलों में भी इस फैसले को हथियार बना सकता है। उन्होन मथुरा, काशी और लखनऊ की मस्जिदों पर चिंता जाहिर की है।