हिंद महासागर में दिखे चीनी युद्धपोत, भारतीय नौसेना के टोही विमान ने ली तस्‍वीरें

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हिंद महासागर में दिखे चीनी युद्धपोत, भारतीय नौसेना के टोही विमान ने ली तस्‍वीरें

नई दिल्ली। हिंद महासागर में चीन अपनी आवाजाही और प्रभाव बढ़ाने की कोशिशों में लगा है। भारतीय नौसेना के P-8I जासूसी विमान ने दक्षिणी हिंद महासागर क्षेत्र(Southern Indian Ocean Region) में जासूसी कर रहे चीनी युद्धपोत जियान-32(Xian-32) को ट्रैक किया है। चीनी युद्धपोत जियान-32 की यह तस्वीर उस वक्त ली गई जब चीनी जहाज जियान 32(Xian-32) श्रीलंका की समुद्री सीमा में प्रवेश करने वाला था, नौसेना के निगरानी विमान P-8I ने यह तस्वीरें ली हैं।

P8i Tracked Another Chinese Frigate Part Of Its Anti Piracy Escort Task Force When Passing Through Indian Ocean :

भारतीय जलसीमा के नजदीक से श्रीलंका के जलक्षेत्र में चला गया शियान-32

दक्षिण हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के जंगी जहाज नजर आने के कारण भारतीय नौसेना भी चौकन्‍ना हो गई है। नौसेना के सूत्रों के मुताबिक, टोही विमान ने ये तस्‍वीरें 1 से 15 सितंबर के बीच ली हैं। भारतीय जलसीमा के नजदीक नजर आया चीन का युद्धपोत कुछ समय बाद श्रीलंका (Sri Lanka) के जलक्षेत्र में दाखिल हो गया। टोही विमान पी-8आई चीन के युद्धपोत की लगातार निगरानी (Surveillance) कर उसकी गतिविधियों की जानकारी भारतीय नौसेना को देता रहा।

हिंद महासागर में दिखा दूसरा युद्धपोत अदन की खाड़ी में था तैनात

पी-8आई ने चीन के एक और युद्धपोत को ट्रैक किया, जो अदन की खाड़ी में एंटी-पाइरेसी मिशन में शामिल था। यह जंगी जहाज सोमालियाई समुद्री लुटेरों (Somalian pirates) से चीन के कारोबारियों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। इसकी तस्वीर थोड़ी दूर से ली गई है। इस दौरान यह हिंद महासागर से गुजर रहा था। हिंद महासागर में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए भारत अमेरिका (US) के साथ 10 और पी-8आई विमान खरीदने की योजना पर काम कर रहा है। इससे भारतीय नौसेना की समुद्री क्षेत्र में निगरानी क्षमता बढ़ेगी।

चीन की चालबाजी पर नजर

सूत्रों ने कहा है कि हिंद महासागर में चीनी जहाजों की मौजूदगी के दौरान उनपर लगातार नजर रखी जा रही है, खासकर तब जब वे भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र और क्षेत्रीय जल के करीब से गुजरते हैं। सूत्रों ने बताया कि चीनी नौसेना ने अदन की खाड़ी में एंटी-पायरेसी ड्रिल को अंजाम देने के नाम पर इस समुद्री इलाके में लगभग छह से सात युद्धपोतों की तैनाती की है लेकिन वहां की आवश्यकताओं को देखते हुए चीन की ये तैनाती जरूरत से ज्यादा लगती है।

सूत्रों ने कहा कि चीनी पीपल्स लिबरेशन आर्मी(PMLA) की नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी शक्ति दिखा रही है, क्योंकि वे इस खास इलाके में अपना प्रभाव फैलाना चाहते हैं जहां से उनका अधिकांश व्यापार हो रहा है।

नई दिल्ली। हिंद महासागर में चीन अपनी आवाजाही और प्रभाव बढ़ाने की कोशिशों में लगा है। भारतीय नौसेना के P-8I जासूसी विमान ने दक्षिणी हिंद महासागर क्षेत्र(Southern Indian Ocean Region) में जासूसी कर रहे चीनी युद्धपोत जियान-32(Xian-32) को ट्रैक किया है। चीनी युद्धपोत जियान-32 की यह तस्वीर उस वक्त ली गई जब चीनी जहाज जियान 32(Xian-32) श्रीलंका की समुद्री सीमा में प्रवेश करने वाला था, नौसेना के निगरानी विमान P-8I ने यह तस्वीरें ली हैं। भारतीय जलसीमा के नजदीक से श्रीलंका के जलक्षेत्र में चला गया शियान-32 दक्षिण हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के जंगी जहाज नजर आने के कारण भारतीय नौसेना भी चौकन्‍ना हो गई है। नौसेना के सूत्रों के मुताबिक, टोही विमान ने ये तस्‍वीरें 1 से 15 सितंबर के बीच ली हैं। भारतीय जलसीमा के नजदीक नजर आया चीन का युद्धपोत कुछ समय बाद श्रीलंका (Sri Lanka) के जलक्षेत्र में दाखिल हो गया। टोही विमान पी-8आई चीन के युद्धपोत की लगातार निगरानी (Surveillance) कर उसकी गतिविधियों की जानकारी भारतीय नौसेना को देता रहा। हिंद महासागर में दिखा दूसरा युद्धपोत अदन की खाड़ी में था तैनात पी-8आई ने चीन के एक और युद्धपोत को ट्रैक किया, जो अदन की खाड़ी में एंटी-पाइरेसी मिशन में शामिल था। यह जंगी जहाज सोमालियाई समुद्री लुटेरों (Somalian pirates) से चीन के कारोबारियों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। इसकी तस्वीर थोड़ी दूर से ली गई है। इस दौरान यह हिंद महासागर से गुजर रहा था। हिंद महासागर में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए भारत अमेरिका (US) के साथ 10 और पी-8आई विमान खरीदने की योजना पर काम कर रहा है। इससे भारतीय नौसेना की समुद्री क्षेत्र में निगरानी क्षमता बढ़ेगी। चीन की चालबाजी पर नजर सूत्रों ने कहा है कि हिंद महासागर में चीनी जहाजों की मौजूदगी के दौरान उनपर लगातार नजर रखी जा रही है, खासकर तब जब वे भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र और क्षेत्रीय जल के करीब से गुजरते हैं। सूत्रों ने बताया कि चीनी नौसेना ने अदन की खाड़ी में एंटी-पायरेसी ड्रिल को अंजाम देने के नाम पर इस समुद्री इलाके में लगभग छह से सात युद्धपोतों की तैनाती की है लेकिन वहां की आवश्यकताओं को देखते हुए चीन की ये तैनाती जरूरत से ज्यादा लगती है। सूत्रों ने कहा कि चीनी पीपल्स लिबरेशन आर्मी(PMLA) की नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी शक्ति दिखा रही है, क्योंकि वे इस खास इलाके में अपना प्रभाव फैलाना चाहते हैं जहां से उनका अधिकांश व्यापार हो रहा है।