पाक अदालतें सिर्फ सेना व ISI को खुश करने के लिए हैं,-वारेंट जारी होने पर बोली गुलालाई

Gulalai Ismail
पाक अदालतें सिर्फ सेना व ISI को खुश करने के लिए हैं,-वारेंट जारी होने पर बोली गुलालाई

नई दिल्ली। अगर किसी पाकिस्तानी ने पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी ISI व पाकिस्तान की सेना के खिलाफ कुछ बोला तो वहां की अदालतें उन्हे खुश करने के लिए आपकों जेल में डाल देंगी। ये कहना है पाकिस्तान की पख्तून मानवाधिकार कार्यकर्ता गुलालाई इस्माइल का, दरअसल हाल ही में उन्होने पाकिस्तानी सेना पर लोगों से अत्याचार करने का आरोप लगाया था। इसके बाद उनक खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है और गैर जमानती वारेंट भी जारी कर दिये गये।

Pak Courts Are Only To Please The Army And Isi Gulai Gulai On The Issue Of Warrant :

 

आपको बता दें कि पख्तून मानवाधिकार कार्यकर्ता गुलालाई इस्माइल पाकिस्तानी सेना व सरकारी एजेंसियों से परेशान होकर अमेरिका चली गयी हैं और लगातार एक के बाद एक पाकिस्तान के पोल खोल रही हैं। पाकिस्तानी अदालत ने गुलालाई के खिलाफ राष्ट्रीय संस्थाओं को बदनाम करने के मामले में वारंट जारी किया है। कोर्ट का कहना है​ कि अगर वह 21 अक्टूबर तक कोर्ट में पेश नहीं होती हैं तो उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया जायेगा।

वहीं गुलालाई ने कोर्ट के आदेश आने पर करार जबाब देते हुए कहा कि देश की खुफिया एजेंसी आईएसआई को खुश करने के लिए पाकिस्तान की अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारेंट जारी किया है। ऐसा सिर्फ गुलालाई की ही कहना नही है बल्कि पाकिस्तानी मीडिया का भी आरोप है कि गुलालाई के खिलाफ जो कोर्ट का आदेश आया है वो पाकिस्तानी सेना का आदेश है। पाकिस्तान में न्याय व्यवसथा भी स्वतंत्र नही है।

आपको बता दें कि पाकिस्तान से बचकर किसी तरह गुलालाई अमेरिका पंहुच पायी थी और वहां जाते ही उन्होने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा था कि पाकिस्तानी सेना महिलाओं और बच्‍चों पर लगातार अत्याचार कर रही है। उन्होने इसे उजागर करने का प्रयास किया तो उन्हे धमकियां मिलने लगी साथ ही उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा भी दर्ज कर ​दिया गया। इसी के चलते गुलालाई अमेरिका की सरकार से शरण भी मांग चुकी है।

नई दिल्ली। अगर किसी पाकिस्तानी ने पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी ISI व पाकिस्तान की सेना के खिलाफ कुछ बोला तो वहां की अदालतें उन्हे खुश करने के लिए आपकों जेल में डाल देंगी। ये कहना है पाकिस्तान की पख्तून मानवाधिकार कार्यकर्ता गुलालाई इस्माइल का, दरअसल हाल ही में उन्होने पाकिस्तानी सेना पर लोगों से अत्याचार करने का आरोप लगाया था। इसके बाद उनक खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है और गैर जमानती वारेंट भी जारी कर दिये गये।   आपको बता दें कि पख्तून मानवाधिकार कार्यकर्ता गुलालाई इस्माइल पाकिस्तानी सेना व सरकारी एजेंसियों से परेशान होकर अमेरिका चली गयी हैं और लगातार एक के बाद एक पाकिस्तान के पोल खोल रही हैं। पाकिस्तानी अदालत ने गुलालाई के खिलाफ राष्ट्रीय संस्थाओं को बदनाम करने के मामले में वारंट जारी किया है। कोर्ट का कहना है​ कि अगर वह 21 अक्टूबर तक कोर्ट में पेश नहीं होती हैं तो उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया जायेगा। वहीं गुलालाई ने कोर्ट के आदेश आने पर करार जबाब देते हुए कहा कि देश की खुफिया एजेंसी आईएसआई को खुश करने के लिए पाकिस्तान की अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारेंट जारी किया है। ऐसा सिर्फ गुलालाई की ही कहना नही है बल्कि पाकिस्तानी मीडिया का भी आरोप है कि गुलालाई के खिलाफ जो कोर्ट का आदेश आया है वो पाकिस्तानी सेना का आदेश है। पाकिस्तान में न्याय व्यवसथा भी स्वतंत्र नही है। आपको बता दें कि पाकिस्तान से बचकर किसी तरह गुलालाई अमेरिका पंहुच पायी थी और वहां जाते ही उन्होने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा था कि पाकिस्तानी सेना महिलाओं और बच्‍चों पर लगातार अत्याचार कर रही है। उन्होने इसे उजागर करने का प्रयास किया तो उन्हे धमकियां मिलने लगी साथ ही उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा भी दर्ज कर ​दिया गया। इसी के चलते गुलालाई अमेरिका की सरकार से शरण भी मांग चुकी है।