पाकिस्तानी सेना प्रमुख बाजवा को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकाल विस्तार पर लगाई रोक

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पाकिस्तानी सेना प्रमुख बाजवा को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकाल विस्तार पर लगाई रोक

नई दिल्ली। पाकिस्तान (Pakistan) के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा (Qamar Javed Bajwa) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने बाजवा के सेवा विस्तार पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख समेत सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है।

Pakistan Army Chief Bajwa Shocked Supreme Court Bans Extension Of Tenure :

गौरतलब है कि जनरल बाजवा पाकिस्तान सेना प्रमुख के पद से 29 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। अब इस मामले की सुनवाई बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। सुनवाई के दौरान पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि स्पष्ट रूप से सेना प्रमुख के कार्यकाल विस्तार के लिए दिया गया सारांश और मंजूरी सही नहीं है।  

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल बाजवा के कार्यकाल विस्तार को लेकर इमरान सरकार द्वारा की गई प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJP) आसिफ सईद खोसा की अगुवाई वाली 3 सदस्यीय बेंच ने कहा कि इस पर बुधवार को सुनवाई करेंगे।

बाजवा को कब मिला सेवा विस्तार?

प्रधानमंत्री इमरान खान ने 19 अगस्त 2019 को जनरल बाजवा के सेवा विस्तार को मंजूरी दी थी और इसकी अधिसूचना राष्ट्रपति डॉक्टर आरिफ अल्वी के पास भेजी गई थी। राष्ट्रपति ने भी इसपर हस्ताक्षर कर दिए थे। कोर्ट ने सवाल उठाया कि कार्यकाल के किसी भी विस्तार पर कोई भी अधिसूचना COAS के वर्तमान कार्यकाल के पूरा होने के बाद ही जारी की जा सकती है, जो 28 नवंबर 2019 को समाप्त हो रही है।

कौन हैं जनरल कमर जावेद बाजवा?

जनरल कमर जावेद बाजवा को 29 नवंबर 2016 को पाकिस्तानी सेना के 16वें सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने जनरल राहिल शरीफ की जगह ली थी। कमर जावेद बाजवा को कश्मीर मुद्दों का जानकार माना जाता है। उनके पास भारत के साथ लगी नियंत्रण रेखा का भी अच्छा खासा अनुभव है। उन्होंने कश्मीर और उत्तरी इलाकों में लंबे समय तक बतौर सेनाधिकारी सेवा दी है। वे गिलगित-बाल्टिस्तान में फोर्स कमांडर की पोस्ट पर भी रह चुके हैं। कांगों में शांति मिशन के दौरान भी ब्रिगेडियर रहते हुए बाजवा ने अपनी सेवाएं दी थीं।

 

नई दिल्ली। पाकिस्तान (Pakistan) के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा (Qamar Javed Bajwa) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने बाजवा के सेवा विस्तार पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख समेत सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। गौरतलब है कि जनरल बाजवा पाकिस्तान सेना प्रमुख के पद से 29 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। अब इस मामले की सुनवाई बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। सुनवाई के दौरान पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि स्पष्ट रूप से सेना प्रमुख के कार्यकाल विस्तार के लिए दिया गया सारांश और मंजूरी सही नहीं है।   सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल बाजवा के कार्यकाल विस्तार को लेकर इमरान सरकार द्वारा की गई प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJP) आसिफ सईद खोसा की अगुवाई वाली 3 सदस्यीय बेंच ने कहा कि इस पर बुधवार को सुनवाई करेंगे। बाजवा को कब मिला सेवा विस्तार? प्रधानमंत्री इमरान खान ने 19 अगस्त 2019 को जनरल बाजवा के सेवा विस्तार को मंजूरी दी थी और इसकी अधिसूचना राष्ट्रपति डॉक्टर आरिफ अल्वी के पास भेजी गई थी। राष्ट्रपति ने भी इसपर हस्ताक्षर कर दिए थे। कोर्ट ने सवाल उठाया कि कार्यकाल के किसी भी विस्तार पर कोई भी अधिसूचना COAS के वर्तमान कार्यकाल के पूरा होने के बाद ही जारी की जा सकती है, जो 28 नवंबर 2019 को समाप्त हो रही है। कौन हैं जनरल कमर जावेद बाजवा? जनरल कमर जावेद बाजवा को 29 नवंबर 2016 को पाकिस्तानी सेना के 16वें सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने जनरल राहिल शरीफ की जगह ली थी। कमर जावेद बाजवा को कश्मीर मुद्दों का जानकार माना जाता है। उनके पास भारत के साथ लगी नियंत्रण रेखा का भी अच्छा खासा अनुभव है। उन्होंने कश्मीर और उत्तरी इलाकों में लंबे समय तक बतौर सेनाधिकारी सेवा दी है। वे गिलगित-बाल्टिस्तान में फोर्स कमांडर की पोस्ट पर भी रह चुके हैं। कांगों में शांति मिशन के दौरान भी ब्रिगेडियर रहते हुए बाजवा ने अपनी सेवाएं दी थीं।