पाकिस्तान की अदालत ने टेरर फंडिंग में हाफिज सईद को दी 5 साल की कैद

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पाकिस्तान की अदालत ने टेरर फंडिंग में हाफिज सईद को दी 5 साल की कैद

नई दिल्ली। मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) के मुखिया हाफिज सईद के खिलाफ टेरर फंडिंग मामले में पाकिस्तान की एक अदालत ने फैसला सुना दिया है। पाकिस्तान की आतंकरोधी अदालत (एटीसी) ने हाफिज सईद को पांच साल की सजा सुनाई है।

Pakistan Court Gives 5 Years Imprisonment To Hafiz Saeed In Terror Funding :

अदालत ने बीती छह फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। हाफिज सईद के खिलाफ आतंकी फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध कब्जे के कुल 29 मामले दर्ज हैं। इससे पहले कोर्ट ने मंगलवार को हाफिज सईद की वह याचिका स्वीकार कर ली, जिसमें उसने छह मामलों की एक साथ सुनवाई करने और फैसला सुनाने की मांग की थी।

पाकिस्तान के एक अखबार के हवाले से कहा गया था कि डिप्टी प्रोसेक्यूटर जनरल अब्दुल रऊफ वट्टू ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ छह मामले अदालत में लंबित थे, जिनमें चार में सुबूत पेश करने की प्रक्रिया चल रही थी। उन चारों मामलों की सुनवाई इस सप्ताह के अंत तक कर ली जाएगी।

एटीसी न्यायाधीश ने हाफिज सईद के आवेदन पर गौर किया जिसमें उसने अपने खिलाफ आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने के सभी मामलों को मिलाने और मुकदमा पूरा होने के बाद फैसला सुनाने की अपील की थी। अधिकारी ने बताया था कि उप अभियोजक ने सईद की याचिका का विरोध किया और तर्क दिया कि उसके खिलाफ दो मामलों में मुकदमा पहले ही पूरा हो चुका है और अदालत कानून के तहत फैसला सुना सकती है।

हाफिज सईद के सहयोगियों हाफिज अब्दुल सलाम बिन मोहम्मद, मोहम्मद अशरफ और प्रोफेसर जफर इकबाल को भी आतंकवाद विरोधी कानून 1997 के तहत गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सरकार की तरफ से मुफ्ती अब्दुर रऊफ वाटो ने अपना पक्ष रखा और गवाहियां पेश कीं। उनके मुताबिक इस दौरान 23 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। वाटो के मुताबिक हाफिज सईद आतंकवादियों के लिए चैरिटी के जरिये गैरकानूनी तरीके से फंड जमा करता रहा है।

नई दिल्ली। मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) के मुखिया हाफिज सईद के खिलाफ टेरर फंडिंग मामले में पाकिस्तान की एक अदालत ने फैसला सुना दिया है। पाकिस्तान की आतंकरोधी अदालत (एटीसी) ने हाफिज सईद को पांच साल की सजा सुनाई है। अदालत ने बीती छह फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। हाफिज सईद के खिलाफ आतंकी फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध कब्जे के कुल 29 मामले दर्ज हैं। इससे पहले कोर्ट ने मंगलवार को हाफिज सईद की वह याचिका स्वीकार कर ली, जिसमें उसने छह मामलों की एक साथ सुनवाई करने और फैसला सुनाने की मांग की थी। पाकिस्तान के एक अखबार के हवाले से कहा गया था कि डिप्टी प्रोसेक्यूटर जनरल अब्दुल रऊफ वट्टू ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ छह मामले अदालत में लंबित थे, जिनमें चार में सुबूत पेश करने की प्रक्रिया चल रही थी। उन चारों मामलों की सुनवाई इस सप्ताह के अंत तक कर ली जाएगी। एटीसी न्यायाधीश ने हाफिज सईद के आवेदन पर गौर किया जिसमें उसने अपने खिलाफ आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने के सभी मामलों को मिलाने और मुकदमा पूरा होने के बाद फैसला सुनाने की अपील की थी। अधिकारी ने बताया था कि उप अभियोजक ने सईद की याचिका का विरोध किया और तर्क दिया कि उसके खिलाफ दो मामलों में मुकदमा पहले ही पूरा हो चुका है और अदालत कानून के तहत फैसला सुना सकती है। हाफिज सईद के सहयोगियों हाफिज अब्दुल सलाम बिन मोहम्मद, मोहम्मद अशरफ और प्रोफेसर जफर इकबाल को भी आतंकवाद विरोधी कानून 1997 के तहत गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सरकार की तरफ से मुफ्ती अब्दुर रऊफ वाटो ने अपना पक्ष रखा और गवाहियां पेश कीं। उनके मुताबिक इस दौरान 23 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। वाटो के मुताबिक हाफिज सईद आतंकवादियों के लिए चैरिटी के जरिये गैरकानूनी तरीके से फंड जमा करता रहा है।