अब चीन की शरण में पहुंचा पाकिस्तान, पाक विदेश मंत्री पहुंचे चीन

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नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35ए को हटाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट साफ नजर आ रही है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर मुद्दे पर कोई समर्थन नहीं मिल रहा है। ऐसे में अब उसने चीन से मदद लेने का फैसला लिया है।

Pakistan Foreign Minister Shah Mehmood Qureshi Departs For Beijing :

इसके चलते अब पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी अपनी तीन दिवसीय दौरे पर चीन के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीनी विदेश मंत्री वाय यी से मुलाकात करेंगे और जम्मू.कश्मीर मुद्दे पर बात करेंगे। वाय यी के अलावा वह चीन के अन्य बड़े नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।

बता दें जम्मू.कश्मीर मुद्दे पर अभी तक चीन की तरफ से किसी भी तरह की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि लद्दाख को टेरटरी बनाए जाने पर चीन ने ऐतराज जताया था लेकिन जम्मू.कश्मीर मुद्दे पर अभी तक किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है। बता दें चीन हमेशा से ही पाकिस्तान के पक्ष में रहा है और हर मामले में पाकिस्तान का समर्थन करता दिखा है।

हाल ही में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्विटर पर जम्मू कश्मीर से धारा 370 और 35ए को निष्प्रभावी किए जाने पर नाराजगी जताते हुए ट्वीट किया था जिसमें इमरान खान ने कहा था कि पूरी दुनिया इंतजार कर रही है कि जम्मू कश्मीरसे कफ्र्यू हटने के बाद वहां क्या हालात बनते हैं।

बीजेपी की सरकार क्या सोचती है कि वह सैन्य बल की ताकत से उत्पीडि़त कश्मीरियों के स्वंतत्रता आंदोलन को कुचल देगी। मुझे पूरा भरोसा है कि यह आंदोलन फिर से गति पकड़ेगा। एक अन्य ट्वीट में इमरान खान ने कहा किए क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय कश्मीरियों के नरसंहार का साक्षी बनेगा। सवाल यह है कि क्या हम बीजेपी सरकार के दबाव में फासीवादी राज का एक और नमूना देखेंगे। क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय में नैतिक स्तर पर इसे रोकने की हिम्मत नहीं है।

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35ए को हटाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट साफ नजर आ रही है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर मुद्दे पर कोई समर्थन नहीं मिल रहा है। ऐसे में अब उसने चीन से मदद लेने का फैसला लिया है। इसके चलते अब पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी अपनी तीन दिवसीय दौरे पर चीन के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीनी विदेश मंत्री वाय यी से मुलाकात करेंगे और जम्मू.कश्मीर मुद्दे पर बात करेंगे। वाय यी के अलावा वह चीन के अन्य बड़े नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। बता दें जम्मू.कश्मीर मुद्दे पर अभी तक चीन की तरफ से किसी भी तरह की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि लद्दाख को टेरटरी बनाए जाने पर चीन ने ऐतराज जताया था लेकिन जम्मू.कश्मीर मुद्दे पर अभी तक किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है। बता दें चीन हमेशा से ही पाकिस्तान के पक्ष में रहा है और हर मामले में पाकिस्तान का समर्थन करता दिखा है। हाल ही में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्विटर पर जम्मू कश्मीर से धारा 370 और 35ए को निष्प्रभावी किए जाने पर नाराजगी जताते हुए ट्वीट किया था जिसमें इमरान खान ने कहा था कि पूरी दुनिया इंतजार कर रही है कि जम्मू कश्मीरसे कफ्र्यू हटने के बाद वहां क्या हालात बनते हैं। बीजेपी की सरकार क्या सोचती है कि वह सैन्य बल की ताकत से उत्पीडि़त कश्मीरियों के स्वंतत्रता आंदोलन को कुचल देगी। मुझे पूरा भरोसा है कि यह आंदोलन फिर से गति पकड़ेगा। एक अन्य ट्वीट में इमरान खान ने कहा किए क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय कश्मीरियों के नरसंहार का साक्षी बनेगा। सवाल यह है कि क्या हम बीजेपी सरकार के दबाव में फासीवादी राज का एक और नमूना देखेंगे। क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय में नैतिक स्तर पर इसे रोकने की हिम्मत नहीं है।