पाकिस्तान पीओके में बिछा रहा बारूदी सुरंगों का जाल,शुरू की एंटी माइनिंग शू की खरीदारी

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पाकिस्तान पीओके में बिछा रहा बारूदी सुरंगों का जाल,शुरू की एंटी माइनिंग शू की खरीदारी

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया उपजे तनाव के चलते पाकिस्तान ने पीओके में सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं। नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पीओके में व्यापक पैमाने पर बारूदी सुरंगें बिछाने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसके साथ ही पाकिस्तान ने एंटी माइनिंग शू की खरीदारी भी शुरू कर दी है। एक सप्ताह में इन शू की डिलीवरी करने का टेंडर जारी किया गया है। खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने एंटी माइन शू की खरीदारी के लिए आपातकालीन टेंडर जारी किया है। आठ मई को सुबह साढ़े 10 बजे तक टेंडर जमा कराए गए। इसी दिन टेंडर खोला गया और 15 मई तक इन सामानों की आपूर्ति करने को कहा गया। एक सप्ताह में सामान की आपूर्ति करने की जल्दबाजी कुछ और इशारा करती है।

Pakistan Is Laying A Network Of Landmines In Pok Started Shopping For Anti Mining Shoes :

सूत्रों के अनुसार, एलओसी पर पाकिस्तान सैन्य पोस्टों के आसपास काफी तेजी के साथ बारूदी सुरंगें बिछा रहा है। 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पड़ोसी देश की ओर से इस प्रकार के प्रयास बचाव में शुरू किए गए थे। लेकिन मौजूदा समय में इसमें तेजी लाई गई है। पुंछ जिले के उस पार कृष्णाघाटी, कीरनी फारवर्ड, साब्जियां, करमाडा व चक्का दा बाग, राजोरी जिले के नौशेरा के झंगड़ एवं अखनूर केरी बट्टल इलाके में भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार पाकिस्तान की पकड़ कमजोर मानी जाती है। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान उन इलाकों में ज्यादा बारूदी सुरंगें बिछा रहा है जहां से भारत की पहुंच आसान है और भारतीय सीमा से पीओके की दूरी काफी कम है। ऐसे इलाके भी चिह्नित किए गए हैं जहां से वाहनों का आना-जाना आसान हो।

इसमें राजोरी, पुंछ, बारामुला, बांदीपोरा व कुपवाड़ा जिले के उस पार के इलाके शामिल हैं। पाकिस्तान इन इलाकों में गश्त के दौरान अपने सैनिकों को एंटी माइन शू उपलब्ध कराएगा ताकि किसी प्रकार का जानी नुकसान कम हो सके। पाकिस्तान की ओर से बिछाई गई बारूदी सुरंगों में पीओके में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। दरअसल, भारत की ओर से गिलगित-बाल्टिस्तान का मौसम जारी करने, हंदवाड़ा में कर्नल के शहीद होने और बलूचिस्तान में विरोध के स्वर तेज होने से वह अपने को घिरा महसूस कर रहा है। हंदवाड़ा मुठभेड़ में इसी महीने सेना के कर्नल के शहीद होने के बाद भारत की ओर से जवाबी कार्रवाई के भय से पाकिस्तान ने अपनी सीमा में हवाई गश्त भी तेज कर दी है। एलओसी पर पाकिस्तानी विमानों की आवाजाही बढ़ने को सेना ने पिछले दिनों नोटिस किया था।

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया उपजे तनाव के चलते पाकिस्तान ने पीओके में सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं। नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पीओके में व्यापक पैमाने पर बारूदी सुरंगें बिछाने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसके साथ ही पाकिस्तान ने एंटी माइनिंग शू की खरीदारी भी शुरू कर दी है। एक सप्ताह में इन शू की डिलीवरी करने का टेंडर जारी किया गया है। खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने एंटी माइन शू की खरीदारी के लिए आपातकालीन टेंडर जारी किया है। आठ मई को सुबह साढ़े 10 बजे तक टेंडर जमा कराए गए। इसी दिन टेंडर खोला गया और 15 मई तक इन सामानों की आपूर्ति करने को कहा गया। एक सप्ताह में सामान की आपूर्ति करने की जल्दबाजी कुछ और इशारा करती है। सूत्रों के अनुसार, एलओसी पर पाकिस्तान सैन्य पोस्टों के आसपास काफी तेजी के साथ बारूदी सुरंगें बिछा रहा है। 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पड़ोसी देश की ओर से इस प्रकार के प्रयास बचाव में शुरू किए गए थे। लेकिन मौजूदा समय में इसमें तेजी लाई गई है। पुंछ जिले के उस पार कृष्णाघाटी, कीरनी फारवर्ड, साब्जियां, करमाडा व चक्का दा बाग, राजोरी जिले के नौशेरा के झंगड़ एवं अखनूर केरी बट्टल इलाके में भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार पाकिस्तान की पकड़ कमजोर मानी जाती है। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान उन इलाकों में ज्यादा बारूदी सुरंगें बिछा रहा है जहां से भारत की पहुंच आसान है और भारतीय सीमा से पीओके की दूरी काफी कम है। ऐसे इलाके भी चिह्नित किए गए हैं जहां से वाहनों का आना-जाना आसान हो। इसमें राजोरी, पुंछ, बारामुला, बांदीपोरा व कुपवाड़ा जिले के उस पार के इलाके शामिल हैं। पाकिस्तान इन इलाकों में गश्त के दौरान अपने सैनिकों को एंटी माइन शू उपलब्ध कराएगा ताकि किसी प्रकार का जानी नुकसान कम हो सके। पाकिस्तान की ओर से बिछाई गई बारूदी सुरंगों में पीओके में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। दरअसल, भारत की ओर से गिलगित-बाल्टिस्तान का मौसम जारी करने, हंदवाड़ा में कर्नल के शहीद होने और बलूचिस्तान में विरोध के स्वर तेज होने से वह अपने को घिरा महसूस कर रहा है। हंदवाड़ा मुठभेड़ में इसी महीने सेना के कर्नल के शहीद होने के बाद भारत की ओर से जवाबी कार्रवाई के भय से पाकिस्तान ने अपनी सीमा में हवाई गश्त भी तेज कर दी है। एलओसी पर पाकिस्तानी विमानों की आवाजाही बढ़ने को सेना ने पिछले दिनों नोटिस किया था।