यूनेस्को में कश्मीर मुद्दा उठाने पर भारत ने पाक को लगाई लताड़, कहा- DNA में है आतंकवाद

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यूनेस्को में कश्मीर मुद्दा उठाने पर भारत ने पाक को लगाई लताड़, कहा- DNA में है आतंकवाद

नई दिल्ली। पेरिस में चल रहे यूनेस्को की बैठक में पाकिस्तान ने फिर भारत के खिलाफ झूठ फैलाने की कोशिश की। जिसपर भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। भारत ने कहा, पाक को हमारे अंदरूनी मामलों में टांग अड़ाने की मानसिक बीमारी है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से दुनिया परेशान है।

Pakistan Lashes Out At Unesco For Raising Kashmir Issue Says Dna Has Terrorism :

पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में आयोजित यूनेस्को की 40वीं जनरल कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान की ओर से उठाए गए कश्मीर व अयोध्या मामलों पर भारत ने कहा, ‘पाकिस्तान दुष्प्रचार के साथ हमारे आंतरिक मामले में हस्तक्षेप कर रहा है। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी फैसला दिया है। लेकिन पाक जिस तरह की घृणास्पद बातें फैला रहा है, वो निंदनीय है और उन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’

एक भारतीय अधिकारी ने कहा, ‘अध्यक्ष महोदय, हम पाकिस्तानी दुष्प्रचार का खंडन करते हैं। पाक अपने मनगढ़ंत झूठ से भारत को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।’ भारत की यह टिप्पणी पाक शिक्षा मंत्री शफाकत महमूद द्वारा अयोध्या मामले पर सुप्रीम फैसले के प्रति नाराजगी जताने के बाद आई है। शफाकत ने कहा था कि यह फैसला यूनेस्को धार्मिक स्वतंत्रता के मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

कश्मीर हमारा आंतरिक मामला

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों के बारे में बोलते हुए भारत ने कहा कि ये दोनों भारत का अंदरुनी हिस्सा है और पाकिस्तान की ओर से कश्मीर में अवैध तरीके से घुसपैठ कराया जा रहा है। भारत ने आगे कहा कि पाकिस्तान लगातार भारत के अंदरुनी मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है जो किसी तरह से स्वीकार्य नहीं है। सीमापार की ओर से आतंकवादी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

इससे पहले पाकिस्तान के शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के संघीय मंत्री शफकत महमूद ने बुधवार को यूनेस्को में कश्मीर का मसला उठाया। संघीय शिक्षा और विशेष प्रशिक्षण मंत्री शफाकत महमूद ने यूनेस्को से जम्मू-कश्मीर और कश्मीर के लोगों के मौलिक अधिकारों को बहाल करने और प्रतिबंध हटाने को लेकर भारत सरकार को मनाने के लिए अपने नैतिक अधिकार का उपयोग करने का आह्वान किया था।

फ्रांस में पाकिस्तान के राजदूत और यूनेस्को के लिए पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मोइन उल हक ने भी सत्र में भाग लिया। पाक मंत्री ने कश्मीर के लोगों के मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों को उठाया। उनका कहना था कि कश्मीर में पिछले 100 दिन से जारी कर्फ्यू के कारण 80 लाख से ज्यादा कश्मीरियों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया। भारत पहले भी कश्मीर मसले को भारत का अंदरूनी मामला कह चुका है और वैश्विक स्तर पर उसे दुनिया के कई देशों से समर्थन भी मिला है।

नई दिल्ली। पेरिस में चल रहे यूनेस्को की बैठक में पाकिस्तान ने फिर भारत के खिलाफ झूठ फैलाने की कोशिश की। जिसपर भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। भारत ने कहा, पाक को हमारे अंदरूनी मामलों में टांग अड़ाने की मानसिक बीमारी है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से दुनिया परेशान है। पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में आयोजित यूनेस्को की 40वीं जनरल कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान की ओर से उठाए गए कश्मीर व अयोध्या मामलों पर भारत ने कहा, ‘पाकिस्तान दुष्प्रचार के साथ हमारे आंतरिक मामले में हस्तक्षेप कर रहा है। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी फैसला दिया है। लेकिन पाक जिस तरह की घृणास्पद बातें फैला रहा है, वो निंदनीय है और उन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’ एक भारतीय अधिकारी ने कहा, ‘अध्यक्ष महोदय, हम पाकिस्तानी दुष्प्रचार का खंडन करते हैं। पाक अपने मनगढ़ंत झूठ से भारत को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।’ भारत की यह टिप्पणी पाक शिक्षा मंत्री शफाकत महमूद द्वारा अयोध्या मामले पर सुप्रीम फैसले के प्रति नाराजगी जताने के बाद आई है। शफाकत ने कहा था कि यह फैसला यूनेस्को धार्मिक स्वतंत्रता के मूल्यों के अनुरूप नहीं है। कश्मीर हमारा आंतरिक मामला जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों के बारे में बोलते हुए भारत ने कहा कि ये दोनों भारत का अंदरुनी हिस्सा है और पाकिस्तान की ओर से कश्मीर में अवैध तरीके से घुसपैठ कराया जा रहा है। भारत ने आगे कहा कि पाकिस्तान लगातार भारत के अंदरुनी मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है जो किसी तरह से स्वीकार्य नहीं है। सीमापार की ओर से आतंकवादी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे पहले पाकिस्तान के शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के संघीय मंत्री शफकत महमूद ने बुधवार को यूनेस्को में कश्मीर का मसला उठाया। संघीय शिक्षा और विशेष प्रशिक्षण मंत्री शफाकत महमूद ने यूनेस्को से जम्मू-कश्मीर और कश्मीर के लोगों के मौलिक अधिकारों को बहाल करने और प्रतिबंध हटाने को लेकर भारत सरकार को मनाने के लिए अपने नैतिक अधिकार का उपयोग करने का आह्वान किया था। फ्रांस में पाकिस्तान के राजदूत और यूनेस्को के लिए पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मोइन उल हक ने भी सत्र में भाग लिया। पाक मंत्री ने कश्मीर के लोगों के मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों को उठाया। उनका कहना था कि कश्मीर में पिछले 100 दिन से जारी कर्फ्यू के कारण 80 लाख से ज्यादा कश्मीरियों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया। भारत पहले भी कश्मीर मसले को भारत का अंदरूनी मामला कह चुका है और वैश्विक स्तर पर उसे दुनिया के कई देशों से समर्थन भी मिला है।