पुलवामा अटैक पर फिर झूठ बोला पाकिस्तान, कहा जो लोग हिरासत में हैं वह साजिश में नहीं थे शामिल

    नई दिल्ली। पुलवामा हमले के बाद से ही पाकिस्तान लगातर झूठ पर झूठ बोलता जा रहा है। आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान का चेहरा विश्व पटल पर कई बार उजागर हो चुका है। इसके बावजूद भी वह इसको मानने को तैयार नहीं रहता है। पुलवामा में सीआरपीएफ पर हमले के बाद सुरक्षा बल लगातर आतंकियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।

    Pakistan Lied On The Pulwama Attack Said Those Who Were In Custody Were Not Involved In The Conspiracy :

    पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले को लेकर एक बार फिर झूठ बोला है। पाकिस्तान का कहना है कि इस हमले के बाद जिन 54 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया था वो पुलवामा हमले की साजिश में शामिल नहीं थे। उन्हें हिरासत में लेकर जांच की गई लेकिन हमले से जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला। इन संदिग्धों का हमले से कोई मतलब नहीं है।

    यह बयान पाकिस्तान के विदेश विभाग के द्वारा जारी किया गया है। उनका कहना है कि भारत ने जो 22 स्थान बताए थे, उनकी जांच की गयी। वहां कोई आतंकी शिविर नहीं मिला है। बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान अनुरोध करने पर इन स्थानों की यात्रा की इजाजत दे सकता है। पाकिस्तान ने कहा कि सहयोग करने की प्रतिबद्धता के मद्देनजर उसने कुछ प्रश्नों के साथ अपनी जांच के प्रारंभिक निष्कर्ष बुधवार को भारत के साथ साझा किए।

    बतातें चलें ​कि पुलवामा हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश—ए—मोहम्मद ने ली थी, जिसका सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान में रहता है। इस पर भारत ने इसका पुख्ता सुबूत पाकिस्तान को सौंपा था।

    पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने कहा था कि सुबूत मिलने पर कार्रवाई करेंगे, जिसके बाद भारत ने उन्हें सुबूत दिये थे। भारत ने 27 फरवरी को डोजियर पाकिस्तान के कार्यवाहक उच्चायुक्त को सौंपा था। अब इस जांच के माध्यम से पाकिस्तान ने खानापूर्ति की है|

    नई दिल्ली। पुलवामा हमले के बाद से ही पाकिस्तान लगातर झूठ पर झूठ बोलता जा रहा है। आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान का चेहरा विश्व पटल पर कई बार उजागर हो चुका है। इसके बावजूद भी वह इसको मानने को तैयार नहीं रहता है। पुलवामा में सीआरपीएफ पर हमले के बाद सुरक्षा बल लगातर आतंकियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।

    पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले को लेकर एक बार फिर झूठ बोला है। पाकिस्तान का कहना है कि इस हमले के बाद जिन 54 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया था वो पुलवामा हमले की साजिश में शामिल नहीं थे। उन्हें हिरासत में लेकर जांच की गई लेकिन हमले से जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला। इन संदिग्धों का हमले से कोई मतलब नहीं है।

    यह बयान पाकिस्तान के विदेश विभाग के द्वारा जारी किया गया है। उनका कहना है कि भारत ने जो 22 स्थान बताए थे, उनकी जांच की गयी। वहां कोई आतंकी शिविर नहीं मिला है। बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान अनुरोध करने पर इन स्थानों की यात्रा की इजाजत दे सकता है। पाकिस्तान ने कहा कि सहयोग करने की प्रतिबद्धता के मद्देनजर उसने कुछ प्रश्नों के साथ अपनी जांच के प्रारंभिक निष्कर्ष बुधवार को भारत के साथ साझा किए।

    बतातें चलें ​कि पुलवामा हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश—ए—मोहम्मद ने ली थी, जिसका सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान में रहता है। इस पर भारत ने इसका पुख्ता सुबूत पाकिस्तान को सौंपा था।

    पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने कहा था कि सुबूत मिलने पर कार्रवाई करेंगे, जिसके बाद भारत ने उन्हें सुबूत दिये थे। भारत ने 27 फरवरी को डोजियर पाकिस्तान के कार्यवाहक उच्चायुक्त को सौंपा था। अब इस जांच के माध्यम से पाकिस्तान ने खानापूर्ति की है|