पाकिस्तान में बाबा गुरु नानक की 550वीं जयंती को बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी

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लाहौर। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इस बात नवंबर में बाबा गुरु नानक जी की 550वीं जयंती को भव्य पैमाने पर मनाने की तैयारी की जा रही है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रति गंभीर है।

Pakistan Plans To Celebrate Baba Nanaks Birth Anniversary In Grand Way :

सिख समुदाय के इस पवित्र अवसर को बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारियां की जा रही हैं और इसके लिए सभी संबद्ध विभागों व संस्थाओं से सुझाव मांगे गए हैं। अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बैठक में तमाम सांस्कृतिक संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में बताया गया कि इसी साल नवंबर में होने वाले प्रकाशोत्सव में पूरी दुनिया से बड़े पैमाने पर सिख श्रद्धालु ननकाना साहिब और करतारपुर साहिब में मत्था टेकने आएंगे। सूचना एवं संस्कृति विभाग द्वारा इस अवसर पर विशेष प्रदर्शनियों, नाटकों और संगीतमयी शामों का आयोजन किया जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि बैठक में ननकाना साहिब और करतारपुर में एक अस्थायी कला दीर्घा बनाने का सुझाव दिया गया जिसमें पाकिस्तान में मौजूद सिखों के पवित्र स्थलों की चित्रों के जरिए जानकारी दी जाए। प्रदर्शनी में सिख समुदाय से जुड़ी किताबों को रखा जाए। ननकाना साहिब और करतारपुर में संगीत सभाओं का आयोजन किया जाए जिनमें प्रवेश केवल टिकट द्वारा हो। लाहौर संग्रहालय में सिख कला और संस्कृति को समर्पित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाए।

लाहौर। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इस बात नवंबर में बाबा गुरु नानक जी की 550वीं जयंती को भव्य पैमाने पर मनाने की तैयारी की जा रही है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रति गंभीर है। सिख समुदाय के इस पवित्र अवसर को बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारियां की जा रही हैं और इसके लिए सभी संबद्ध विभागों व संस्थाओं से सुझाव मांगे गए हैं। अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बैठक में तमाम सांस्कृतिक संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि इसी साल नवंबर में होने वाले प्रकाशोत्सव में पूरी दुनिया से बड़े पैमाने पर सिख श्रद्धालु ननकाना साहिब और करतारपुर साहिब में मत्था टेकने आएंगे। सूचना एवं संस्कृति विभाग द्वारा इस अवसर पर विशेष प्रदर्शनियों, नाटकों और संगीतमयी शामों का आयोजन किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि बैठक में ननकाना साहिब और करतारपुर में एक अस्थायी कला दीर्घा बनाने का सुझाव दिया गया जिसमें पाकिस्तान में मौजूद सिखों के पवित्र स्थलों की चित्रों के जरिए जानकारी दी जाए। प्रदर्शनी में सिख समुदाय से जुड़ी किताबों को रखा जाए। ननकाना साहिब और करतारपुर में संगीत सभाओं का आयोजन किया जाए जिनमें प्रवेश केवल टिकट द्वारा हो। लाहौर संग्रहालय में सिख कला और संस्कृति को समर्पित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाए।