FATF से ब्लैकलिस्ट होने से घबराया पाक, हाफिज सईद के 4 आतंकी किए गिरफ्तार

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FATF से ब्लैकलिस्ट होने से घबराया पाक, हाफिज सईद के 4 आतंकी किए गिरफ्तार

नई दिल्ली। पाकिस्तान पर फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) की तरफ से ब्लैकलिस्ट किए जाने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में शर्मिंदगी से बचने के लिए आतंकियों के हमदर्द पाकिस्तान ने ऐक्शन का दिखावा शुरू कर दिया है। पाकिस्तान (Pakistan) की जांच एजेंसियों ने गुरुवार को आतंकवाद की फंडिंग के आरोपों पर प्रतिबंधित लश्कर-JuD के ‘शीर्ष चार नेताओं’ को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को गिरफ्तार किए गए लश्कर-ए-तैयबा-जमात-उद-दावा (JuD) के शीर्ष चार नेताओं में प्रोफेसर जफर इकबाल, याहया अजीज, मुहम्मद अशरफ और अब्दुल सलाम शामिल हैं।

Pakistan Scared Of Being Blacklisted From Fatf 4 Hafiz Saeed Terrorists Arrested :

माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने खुद को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की कड़ी कार्रवाई से बचने के लिए यह कदम उठाया है। एफएटीएफ की बैठक पेरिस में 12 से 15 अक्तूबर तक चलेगी। पिछले साल जून में पाकिस्तान को आतंकी फंडिंग रोकने में नाकामयाब रहने के बाद ग्रे सूची में डाल दिया गया था।  

चारों आतंकी टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार

पाकिस्तान के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) के प्रवक्ता ने कहा कि जमात-उद-दावा और लश्कर से जुड़े लोगों के खिलाफ यह कार्रवाई नेशनल एक्शन प्लान (एनएपी) के तहत जरूरी थी। पंजाब प्रांत के सीटीडी ने चारों को टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। सीटीडी के मुताबिक, जमात और लश्कर का सरगना हाफिज सईद पहले से ही टेरर फंडिंग मामले में जेल में बंद है। अब उससे जुड़े लोगों पर शिकंजा कसा गया है।

ब्लैक लिस्ट होने के बाद कर्ज लेने में पाक को परेशानी

ब्लैक लिस्ट होने के चलते अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ पाकिस्तान की वित्तीय साख को और नीचे गिरा सकते हैं। ऐसे में वित्तीय संकट में जूझ रहे पाकिस्तान की स्थिति और खराब हो सकती है। एफएटीएफ ने पाक को लगातार ग्रे लिस्ट में रखा है। इस कैटेगरी के देश को कर्ज देने में बड़ा जोखिम समझा जाता है। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय कर्जदाताओं ने पाक को आर्थिक मदद और कर्ज देने में कटौती की है। इससे पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हुई।

नई दिल्ली। पाकिस्तान पर फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) की तरफ से ब्लैकलिस्ट किए जाने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में शर्मिंदगी से बचने के लिए आतंकियों के हमदर्द पाकिस्तान ने ऐक्शन का दिखावा शुरू कर दिया है। पाकिस्तान (Pakistan) की जांच एजेंसियों ने गुरुवार को आतंकवाद की फंडिंग के आरोपों पर प्रतिबंधित लश्कर-JuD के 'शीर्ष चार नेताओं' को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को गिरफ्तार किए गए लश्कर-ए-तैयबा-जमात-उद-दावा (JuD) के शीर्ष चार नेताओं में प्रोफेसर जफर इकबाल, याहया अजीज, मुहम्मद अशरफ और अब्दुल सलाम शामिल हैं। माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने खुद को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की कड़ी कार्रवाई से बचने के लिए यह कदम उठाया है। एफएटीएफ की बैठक पेरिस में 12 से 15 अक्तूबर तक चलेगी। पिछले साल जून में पाकिस्तान को आतंकी फंडिंग रोकने में नाकामयाब रहने के बाद ग्रे सूची में डाल दिया गया था।   चारों आतंकी टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार पाकिस्तान के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) के प्रवक्ता ने कहा कि जमात-उद-दावा और लश्कर से जुड़े लोगों के खिलाफ यह कार्रवाई नेशनल एक्शन प्लान (एनएपी) के तहत जरूरी थी। पंजाब प्रांत के सीटीडी ने चारों को टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। सीटीडी के मुताबिक, जमात और लश्कर का सरगना हाफिज सईद पहले से ही टेरर फंडिंग मामले में जेल में बंद है। अब उससे जुड़े लोगों पर शिकंजा कसा गया है। ब्लैक लिस्ट होने के बाद कर्ज लेने में पाक को परेशानी ब्लैक लिस्ट होने के चलते अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ पाकिस्तान की वित्तीय साख को और नीचे गिरा सकते हैं। ऐसे में वित्तीय संकट में जूझ रहे पाकिस्तान की स्थिति और खराब हो सकती है। एफएटीएफ ने पाक को लगातार ग्रे लिस्ट में रखा है। इस कैटेगरी के देश को कर्ज देने में बड़ा जोखिम समझा जाता है। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय कर्जदाताओं ने पाक को आर्थिक मदद और कर्ज देने में कटौती की है। इससे पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हुई।