तालिबान ने पूर्व पीएम बेनजीर भुट्टो की हत्या की ली जिम्मेदारी, बताई मारने की वजह

तालिबान ने पूर्व पीएम बेनेजीर भुट्टो की हत्या की ली जिम्मेदारी, बताई मरने की वजह

नई दिल्ली। पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के दस साल बाद पहली बार किसी संगठन ने खुलकर इसकी जिम्मेदारी ली है। इस आतंकी संगठन का दावा है कि भुट्टो ने अमेरिका के साथ मिलकर ‘मुजाहिद्दीन-ए-इस्लाम’ के खिलाफ एक्शन लेने की तैयारी की थी।

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) पर भुट्टो की हत्या का आरोप लगाया था। आतंकी संगठन की इसी किताब में दावा किया गया है कि बैतुल्लाह को उनकी योजना की जानकारी मिल गई थी। जिसके तहत अमेरिकियों ने बेनजीर भुट्टो की दोबारा सत्ता में वापसी की योजना बनाई थी क्योंकि उन्होंने उन्हें ‘मुजाहिदीद-ए-इस्लाम’ के खिलाफ एक योजना सौंपी थी।

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पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक किताब में कहा गया है कि। भुट्टो की हत्या से दो महीने पहले उनके कराची में निकाले गए जुलूस पर भी आत्मघाती हमला किया था। इसमें 140 लोग मारे गए थे, लेकिन भुट्टो बच गई थीं। किताब में कहा गया है कि इस हमले के बावजूद पाक सरकार ने भुट्टो की सुरक्षा नहीं बढ़ाई, इससे भुट्टो को निशाना बनाने में आसानी हुई।

किताब के मुताबिक पहले बिलाल ने भुट्टो पर पिस्टल से गोलियां चलाई थीं, जो भुट्टो की गर्दन में जाकर लगीं। इसके बाद उसने अपने जैकेट में लगे बम में धमाका कर दिया था। इस किताब को टीटीपी के मुखिया अबू मंसूर आसिम मुफ्ती नूर वली ने लिखा है। 588 पन्नों की यह किताब 30 नवंबर 2017 को प्रकाशित हुई है।

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द डेली टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान के उर्दू भाषी किताब ‘इंकलाब महसूद साउथ वजीरीस्तान फ्रॉम ब्रिटिश राज टू अमेरिकन इंपेरियलिज्म’ से पहले किसी भी आतंकी संगठन ने भुट्टो के मौत की जिम्मेदारी नहीं ली थी।बैतुल्लाह पाकिस्तानी तालिबान की संस्थापक था जिसे मार गिराया गया था।

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