पाकिस्तान: 14 साल की ईसाई लड़की की शादी को कोर्ट ने सही ठहराया, कहा- पीरियड शुरू हो चुके हैं

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पाकिस्तान: 14 साल की ईसाई लड़की की शादी को कोर्ट ने सही ठहराया, कहा- पीरियड शरू हो चुके हैं

नई दिल्ली। पाकिस्तान की कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है, जिसे जानकर सभी को हैरानी होगी। फैसले से ज्यादा हैरानी तो कोर्ट की दलील को सुनकर होगी। दरअसल, पाकिस्तान की एक अदालत ने 14 साल की ईसाई किशोरी और उसका अपहरण करने वाले व्यक्ति के बीच विवाह को वैध करार देते हुए कहा है कि शरिया कानून के अनुसार अगर लड़की को मासिक धर्म शुरू हो चुका है तो कम उम्र की लड़की से विवाह मान्य है।

Pakistan The Court Upheld The Marriage Of A 14 Year Old Christian Girl Saying The Period Has Started :

पाकिस्तान की अदालत ने शादी को शरिया के मुताबिक मान्य बताया है और कहा है कि लड़की का मासिक धर्म शुरू हो चुका है लिहाजा इस्लामी कानून से हिसाब से शादी वैध है। पिछले साल अक्तूबर में सिंध से 14 साल की ईसाई लड़की को अगवा कर लिया गया था। इसके बाग उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया और अपहरण करने वाले ने उसके साथ निकाह कर लिया।

लड़की के माता-पिता ने कोर्ट में याचिका डाली थी। पीड़ित मां-बाप ने कहा था कि वे अपनी बेटी को देखना चाहते हैं। कोर्ट ने 3 फरवरी को पीड़ित की उम्र की पुष्टि के लिए पुलिस को जांच का आदेश दिया था। हालांकि कोर्ट ने कहा कि पीड़ित कम उम्र की है तब भी उसकी शादी वैध होगी। हालांकि साल 2014 में बने सिंध बाल विवाह निरोधक अधिनियम के अनुसार 18 साल से कम उम्र की लड़कियों की शादी नहीं हो सकती।

पीड़ित के परिवार ने कहा कि पुलिस के अधिकारी आरोपी के परिवार का समर्थन कर रहे हैं। लड़की के मां-बाप ने कहा कि उसकी उम्र की पुष्टि होने तक उसे महिला शेल्टर होम में रखा जाए। उसके मां-बाप में स्कूल के दस्तावेज भी दिखाए जिसमें उसकी उम्र 14 साल बताई गई है।

हाल ही में एक हिंदू और सिख लड़की का भी अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन कराने और शादी करा देने का मामला सामने आया था।

नई दिल्ली। पाकिस्तान की कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है, जिसे जानकर सभी को हैरानी होगी। फैसले से ज्यादा हैरानी तो कोर्ट की दलील को सुनकर होगी। दरअसल, पाकिस्तान की एक अदालत ने 14 साल की ईसाई किशोरी और उसका अपहरण करने वाले व्यक्ति के बीच विवाह को वैध करार देते हुए कहा है कि शरिया कानून के अनुसार अगर लड़की को मासिक धर्म शुरू हो चुका है तो कम उम्र की लड़की से विवाह मान्य है। पाकिस्तान की अदालत ने शादी को शरिया के मुताबिक मान्य बताया है और कहा है कि लड़की का मासिक धर्म शुरू हो चुका है लिहाजा इस्लामी कानून से हिसाब से शादी वैध है। पिछले साल अक्तूबर में सिंध से 14 साल की ईसाई लड़की को अगवा कर लिया गया था। इसके बाग उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया और अपहरण करने वाले ने उसके साथ निकाह कर लिया। लड़की के माता-पिता ने कोर्ट में याचिका डाली थी। पीड़ित मां-बाप ने कहा था कि वे अपनी बेटी को देखना चाहते हैं। कोर्ट ने 3 फरवरी को पीड़ित की उम्र की पुष्टि के लिए पुलिस को जांच का आदेश दिया था। हालांकि कोर्ट ने कहा कि पीड़ित कम उम्र की है तब भी उसकी शादी वैध होगी। हालांकि साल 2014 में बने सिंध बाल विवाह निरोधक अधिनियम के अनुसार 18 साल से कम उम्र की लड़कियों की शादी नहीं हो सकती। पीड़ित के परिवार ने कहा कि पुलिस के अधिकारी आरोपी के परिवार का समर्थन कर रहे हैं। लड़की के मां-बाप ने कहा कि उसकी उम्र की पुष्टि होने तक उसे महिला शेल्टर होम में रखा जाए। उसके मां-बाप में स्कूल के दस्तावेज भी दिखाए जिसमें उसकी उम्र 14 साल बताई गई है। हाल ही में एक हिंदू और सिख लड़की का भी अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन कराने और शादी करा देने का मामला सामने आया था।