जेल पर रिहा हुए नवाज शरीफ, राजनीति में वापसी के लिए करना होगा संघर्ष

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जेल पर रिहा हुए नवाज शरीफ, राजनीति में वापसी के लिए करना होगा संघर्ष

नई दिल्ली। आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल में बंद नवाज शरीफ और उनकी बेटी-दामाद की सजा पर कोर्ट द्वारा लगाए गए स्थगन के बाद गुरुवार को उन्हे रिहा कर दिया गया। अब पाकिस्तानी सियासी गलियारे में यह सवाल है कि शरीफ की जेल से तो रिहाई हो गई, लेकिन अब वो राजनीति में वापसी कैसे करेंगे। फिलहाल शरीफ कुनबे की सजा पर सिर्फ स्थगन हुआ है, इस मामले से बरी होने के लिए अभी उन्हे लम्बी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। बताया जा रहा है कि इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने उन्हें एवनफील्ड पर मालिकाना हक को लेकर कोई सबूत पेश नहीं कर पाने के कारण बेल दी है।

Pakistani Court Suspent Nawaz Sharif His Daughter And Son In Low Punishment :

बता दें कि भ्रष्टाचार के केस में शरीफ को 10 साल की सजा सुनाई गई गई थी। बीते जुलाई में जब बेटी मरियम शरीफ और दामाद के साथ नवाज वतन लौटे तो उन्हें चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दिया गया, जो अभी भी लगा हुआ है। अब जेल से रिहा होने के बाद राजनीतिक ​गलियारों में चर्चा है कि शरीफ अब इस फैसले को भी चुनौती देंगे और फिर से अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने की कोशिश करेंगे।

नवाज शरीफ 3 बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने। लेकिन वो कभी भी अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नही कर सके। पहली बार 1990 से 1993 तक, दूसरी बार 1997 से 1999 तक और तीसरी बार 2013 से 2017 तक वो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। नवाज के पहले कार्यकाल में पाकिस्तान की आर्मी ने उस वक्त के राष्ट्रपति गुलाम इशाक खान को आगे कर सत्ता से बेदखल किया। दूसरी बार उनके विश्वासपात्र जनरल परवेज मुशर्रफ से ही उन्हें चुनौती मिली और सत्ता से बेदखल हुए। तीसरी बार आय से अधिक संपत्ति और अपनी प्रॉपर्टी को लेकर बोले कथित झूठ के कारण कोर्ट ने अयोग्य घोषित कर दिया।

नई दिल्ली। आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल में बंद नवाज शरीफ और उनकी बेटी-दामाद की सजा पर कोर्ट द्वारा लगाए गए स्थगन के बाद गुरुवार को उन्हे रिहा कर दिया गया। अब पाकिस्तानी सियासी गलियारे में यह सवाल है कि शरीफ की जेल से तो रिहाई हो गई, लेकिन अब वो राजनीति में वापसी कैसे करेंगे। फिलहाल शरीफ कुनबे की सजा पर सिर्फ स्थगन हुआ है, इस मामले से बरी होने के लिए अभी उन्हे लम्बी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। बताया जा रहा है कि इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने उन्हें एवनफील्ड पर मालिकाना हक को लेकर कोई सबूत पेश नहीं कर पाने के कारण बेल दी है। बता दें कि भ्रष्टाचार के केस में शरीफ को 10 साल की सजा सुनाई गई गई थी। बीते जुलाई में जब बेटी मरियम शरीफ और दामाद के साथ नवाज वतन लौटे तो उन्हें चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दिया गया, जो अभी भी लगा हुआ है। अब जेल से रिहा होने के बाद राजनीतिक ​गलियारों में चर्चा है कि शरीफ अब इस फैसले को भी चुनौती देंगे और फिर से अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने की कोशिश करेंगे। नवाज शरीफ 3 बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने। लेकिन वो कभी भी अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नही कर सके। पहली बार 1990 से 1993 तक, दूसरी बार 1997 से 1999 तक और तीसरी बार 2013 से 2017 तक वो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। नवाज के पहले कार्यकाल में पाकिस्तान की आर्मी ने उस वक्त के राष्ट्रपति गुलाम इशाक खान को आगे कर सत्ता से बेदखल किया। दूसरी बार उनके विश्वासपात्र जनरल परवेज मुशर्रफ से ही उन्हें चुनौती मिली और सत्ता से बेदखल हुए। तीसरी बार आय से अधिक संपत्ति और अपनी प्रॉपर्टी को लेकर बोले कथित झूठ के कारण कोर्ट ने अयोग्य घोषित कर दिया।