फिर उजागर हुआ पाकिस्तान का दोहरा चरित्र, भारत की इफ्तार पार्टी में मेहमानों को धमकाया, बंद किए दरवाजे

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UNHRC में पाकिस्तान भारत के खिलाफ उठा सकता है ये कदम, जाने पाक के इरादे

नई दिल्ली। पाकिस्तान का एक बार ​दोहरा चरित्र उजागर हुआ है। पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया के द्वारा इस्लामाबाद में इफ्तार पार्टी आयोजित की गई थी। इस मौके पर पाकिस्तान ने क​थनी करनी फिर दुनिया के सामने उजागर हो गयी। दरअसल भारतीय उच्चायुक्त ने इफ्तार पार्टी में बहुत से लोगों को बुलाया था। जैसे ही मेहमान वहां पहुंचने लगे तो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की टीम ने बहुत से लोगों को बाहर ही रोक लिया। इसके साथ ही मेहमानों को धमकाया भी गया। इतना ही नहीं उन्हें कमरे में बंद भी कर दिया गया। वहीं पाकिस्तान की यह करतूत उजागर होने के बाद उसका दोहरा चरित्र एक बार फिर उजागर हो गया है।

Pakistani Officials Stop Harass Guests Invited At Indian High Commissions Iftar Party In Islamabad :

भारतीय उच्चायोग का कहना है कि मेहमानों को पाकिस्तान की राजधानी में स्थित कार्यक्रम स्थल के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई। बाद में अजय बिसारिया ने उन सभी मेहमानों से माफी मांगी जिन्हें प्रवेश करने से रोक दिया गया था। उन्होंने कहा, ‘मैं उन सभी दोस्तों से माफी मांगना चाहता हूं जिनकी बाहर कुछ अतिरिक्त जांच की गई। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत से दोस्तों को बाहर रोका गया। नई सरकार नई उम्मीदों के साथ आई है।’ सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान एजेंसियों ने शनिवार केा होटल सेेरेना पर घेराबंदी की और वहां पहुंचने वाले मेहमनों के साथ बदसलूकी की।

इससे पहले उन्होंने अज्ञात नंबरों से आमंत्रितगणों को फोन किया और उन्हें इफ्तार में भाग लेने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।’ इस घटना पर भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने कहा, ‘मैं अपने उन सभी मेहमानों से माफी मांगता हूं जिन्हें कल इफ्तार में शामिल होने नहीं दिया गया। इस तरह की डराने वाली रणनीति निराशाजनक है। वह न केवल राजनयिक आचरण और सभ्य व्यवहार के बुनियादी मानदंडों का उल्लंघन कर रहे हैं बल्कि वह हमारे द्विपक्षीय संबंधों के लिए भी खराब माहौल बना रहे हैं।’

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, राष्ट्रपति आरिफ रहमान अल्वी, विदेश सचिव, नेशनल असेंबली के स्पीकर को भारतीय उच्चायोग ने इफ्तार में आमंत्रित किया था लेकिन यह सभी इसमें शामिल नहीं हुए। इसके अलावा मेहमानों की सूची में राजनीतिक शख्सियतें, कई सूफी धार्मिक स्थलों के मुखिया, शिक्षाविदों, लेखकों, कलाकारों, सिविल सोसाइटी के कार्यकर्ताओं, पाकिस्तानी छात्रों और अन्य प्रमुख हस्तियों को भी आमंत्रित किया गया था।

नई दिल्ली। पाकिस्तान का एक बार ​दोहरा चरित्र उजागर हुआ है। पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया के द्वारा इस्लामाबाद में इफ्तार पार्टी आयोजित की गई थी। इस मौके पर पाकिस्तान ने क​थनी करनी फिर दुनिया के सामने उजागर हो गयी। दरअसल भारतीय उच्चायुक्त ने इफ्तार पार्टी में बहुत से लोगों को बुलाया था। जैसे ही मेहमान वहां पहुंचने लगे तो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की टीम ने बहुत से लोगों को बाहर ही रोक लिया। इसके साथ ही मेहमानों को धमकाया भी गया। इतना ही नहीं उन्हें कमरे में बंद भी कर दिया गया। वहीं पाकिस्तान की यह करतूत उजागर होने के बाद उसका दोहरा चरित्र एक बार फिर उजागर हो गया है। भारतीय उच्चायोग का कहना है कि मेहमानों को पाकिस्तान की राजधानी में स्थित कार्यक्रम स्थल के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई। बाद में अजय बिसारिया ने उन सभी मेहमानों से माफी मांगी जिन्हें प्रवेश करने से रोक दिया गया था। उन्होंने कहा, 'मैं उन सभी दोस्तों से माफी मांगना चाहता हूं जिनकी बाहर कुछ अतिरिक्त जांच की गई। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत से दोस्तों को बाहर रोका गया। नई सरकार नई उम्मीदों के साथ आई है।' सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान एजेंसियों ने शनिवार केा होटल सेेरेना पर घेराबंदी की और वहां पहुंचने वाले मेहमनों के साथ बदसलूकी की। इससे पहले उन्होंने अज्ञात नंबरों से आमंत्रितगणों को फोन किया और उन्हें इफ्तार में भाग लेने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।' इस घटना पर भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने कहा, 'मैं अपने उन सभी मेहमानों से माफी मांगता हूं जिन्हें कल इफ्तार में शामिल होने नहीं दिया गया। इस तरह की डराने वाली रणनीति निराशाजनक है। वह न केवल राजनयिक आचरण और सभ्य व्यवहार के बुनियादी मानदंडों का उल्लंघन कर रहे हैं बल्कि वह हमारे द्विपक्षीय संबंधों के लिए भी खराब माहौल बना रहे हैं।' पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, राष्ट्रपति आरिफ रहमान अल्वी, विदेश सचिव, नेशनल असेंबली के स्पीकर को भारतीय उच्चायोग ने इफ्तार में आमंत्रित किया था लेकिन यह सभी इसमें शामिल नहीं हुए। इसके अलावा मेहमानों की सूची में राजनीतिक शख्सियतें, कई सूफी धार्मिक स्थलों के मुखिया, शिक्षाविदों, लेखकों, कलाकारों, सिविल सोसाइटी के कार्यकर्ताओं, पाकिस्तानी छात्रों और अन्य प्रमुख हस्तियों को भी आमंत्रित किया गया था।