देश को आर्थिक तंगी से उबारने के लिए इमरान खान ने बनाई विदेशी अर्थशास्त्रियो की टीम

pakistan economic advisary council
देश को आर्थिक तंगी से उबारने के लिए इमरान खान ने बनाई विदेशी अर्थशास्त्रियो की टीम

नई दिल्ली। पाकिस्तान लगातार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। वही अमेरिका द्वारा 21 सौ करोड़ रूपए की आर्थिक मदद पर लगाई गई रोंक के बाद ये मुसीबत और भी ज्यादा बढ़ने का संभावना है। इस समस्या से उबरने के लिए पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान ने विदेश अर्थशास्त्रियों की एक टीम बनाई है।

Pakistani Pm Imran Khan Make A Economic Advisory Council With Foreign Economists :

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने नवगठित आर्थिक सलाहकार समिति (EAC) में कई विदेशी अर्थशास्त्रियों को शामिल किया है। उनका कहना है कि इन लोगों की मदद से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। ताकि देश के लिए आर्थिक नीतियां बनाते समय पेशेवर आर्थिक सलाह मिल सके।

सूत्रों के मुताबिक इमरान खान की सरकार के सामने 10 अरब डॉलर के अंतर को पाटने की तत्काल चुनौती है। इसका प्रमुख कारण देश से बड़ी मात्रा में राशि का बाहर जाना औरकम निवेश है। पाकिस्तान का मौजूदा समय में चालू खाते का घाटा 18 अरब डॉलर है, वहीं इसका विदेशी मुद्रा भंडार मात्र 10 अरब डॉलर से कुछ अधिक है। ये रकम सिर्फ दो माह के आयात को पूरा करने भर की ही है।

इरामन खान ने पुरानी परंपराओं को रोंकते हुए इस आर्थिक सलाहकार परिषद में 18 सदस्यों की नियुक्ति की है। इस परिषद के अध्यक्ष वो स्वयं होंगे। इस दौरान इस बात पर विचार किया जाएगा देश को इस विकराल समस्या से कैसे उबारा जा सके। सरकार के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस परिषद की पहली बैठक हो सकती है।

नई दिल्ली। पाकिस्तान लगातार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। वही अमेरिका द्वारा 21 सौ करोड़ रूपए की आर्थिक मदद पर लगाई गई रोंक के बाद ये मुसीबत और भी ज्यादा बढ़ने का संभावना है। इस समस्या से उबरने के लिए पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान ने विदेश अर्थशास्त्रियों की एक टीम बनाई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने नवगठित आर्थिक सलाहकार समिति (EAC) में कई विदेशी अर्थशास्त्रियों को शामिल किया है। उनका कहना है कि इन लोगों की मदद से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। ताकि देश के लिए आर्थिक नीतियां बनाते समय पेशेवर आर्थिक सलाह मिल सके। सूत्रों के मुताबिक इमरान खान की सरकार के सामने 10 अरब डॉलर के अंतर को पाटने की तत्काल चुनौती है। इसका प्रमुख कारण देश से बड़ी मात्रा में राशि का बाहर जाना औरकम निवेश है। पाकिस्तान का मौजूदा समय में चालू खाते का घाटा 18 अरब डॉलर है, वहीं इसका विदेशी मुद्रा भंडार मात्र 10 अरब डॉलर से कुछ अधिक है। ये रकम सिर्फ दो माह के आयात को पूरा करने भर की ही है। इरामन खान ने पुरानी परंपराओं को रोंकते हुए इस आर्थिक सलाहकार परिषद में 18 सदस्यों की नियुक्ति की है। इस परिषद के अध्यक्ष वो स्वयं होंगे। इस दौरान इस बात पर विचार किया जाएगा देश को इस विकराल समस्या से कैसे उबारा जा सके। सरकार के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस परिषद की पहली बैठक हो सकती है।