कश्मीर मामले पर शरीफ ने मांगी अमेरिका से भीख, भारतीय पत्रकार के सवाल से बचकर भागे

नई दिल्ली| पूरी दुनिया जान चुकी है कि मुंबई, पठाककोट हमले से लेकर उरी में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ है| पाकिस्तान से जब भी इन हमलों को लेकर भारत ने सवाल पूछा वह इससे बचता नजर आया है| अब न्यूयार्क में जनरल असेंबली में भाग लेने पहुंचे पाक के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ उरी हमले पर पूछे गए सवाल से बचते नज़र आए| भारतीय पत्रकारों ने जब उनसे उरी हमले को लेकर सवाल किया तो पहले तो उन्होंने पत्रकारों के सवाल को ही अनसुना कर दिया| हालांकि बार-बार पत्रकारों के सवाल पूछने पर नवाज ने उन्हें हाथ उठाकर जवाब देने से इंकार कर दिया| उसके बाद शरीफ के सुरक्षाकर्मियों ने मीडिया को आगे आने से रोक दिया|




इससे पहले, शरीफ ने अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी और ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे से अलग-अलग बैठकों के दौरान भारत के साथ पाकिस्तान के मुद्दे सुलझाने में मदद का आग्रह किया| समाचार चैनल ‘जियो न्यूज’ के मुताबिक, शरीफ ने सोमवार रात को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें सत्र से इतर बैठकों में यह आग्रह किया| उन्होंने थेरेसा मे के साथ बैठक के दौरान कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के लोगों को अपना भविष्य चुनने का हक देना चाहिए| शरीफ ने कहा, “यदि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय भारत से जम्मू एवं कश्मीर के निर्दोष लोगों पर किए जा रहे दमन को नहीं रोकने के लिए नहीं कहती तो इससे भारत को अत्याचारों को जारी रखने का प्रोत्साहन मिलेगा|”

शरीफ ने सोमवार को केरी से मुलाकात की और कहा, “मुझे अभी भी याद है कि पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने वादा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच समस्याओं के निपटारे में अमेरिका अपनी भूमिका निभाएगा| “शरीफ ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि अमेरिकी प्रशासन और विदेश मंत्री जॉन केरी भारत, पाकिस्तान के बीच समस्याओं के निदान के लिए काम करेंगे|” इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज, विदेशी मामलों पर विशेष सहायक सैयद तारीक फातेमी और विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी भी मौजूद थे|