पाकिस्तान की कूटनीतिक चाल, चीन को दी क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की इजाजत

imran khan

इस्लामाबाद। भारत और चीन के बीच तना तनी को देखते हुए पाकिस्तान ने एक और कूटनीतिक चाल चल दी है। पाक सरकार ने देश में चीनी कंपनियों के क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की इजाजत दे दी है। हालांकि कहा जा रहा है कि कोरोना महामारी के चलते​ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से खराब हो चुकी है। जिसको सुधारने के लिए पाकिस्तान ने यह कदम उठाया है। पाक पीएम इमरान खान ने कहा है कि चीनी कंपनियां अने रीजनल कार्यालय खोल सकती है। पाक और चीन के बीच सोमवार को 10 प्रमुख चीनी कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान पाक पीएम ने यह बात कही है। प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी सरकार चीनी निवेशकों को हर संभव सुविधा प्रदान करने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।

Pakistans Diplomatic Move China Allowed To Open Regional Office :

पाक की तरफ से यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब पाकिस्तान कोरोना महामारी के चलते एक गंभीर अर्थव्यवस्था से गुजर रहा है। वहीं, अन्य देशों और अंतरर्राष्ट्रीय संगठनों से बड़ी मात्रा में ऋण लेने के कारण पाकिस्तान इसे उतारने के लिए देश लगातार संघर्ष कर रहा है। अपनी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और स्थानीय लोगों के लिए नौकरी के नए अवसर तलाशने की बजाय पाकिस्तान अपने करीबी सहयोगी चीन पर भरोसा जताता दिख रहा है।

बैठक में शामिल होने वाले प्रतिनिधिमंडल में पावर कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (पॉवर चाइना), चाइना रोड एंड ब्रिज कॉर्पोरेशन (CRBC), चाइना गेझोआबा (ग्रुप) पाकिस्तान, चाइना थ्री गोरजेस साउथ एशिया इन्वेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड, चाइना रेलवे ग्रुप लिमिटेड, इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना, चाइना मशीनरी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन और चाइना मोबाइल पाकिस्तान लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल थे।

पाकिस्तान में चीनी राजदूत याओ जिंग और हायर (Haier) के सीईओ जावेद अफरीदी भी मौजूद थे। संचार मंत्री मुराद सईद, उद्योग मंत्री हम्माद अजहर, योजना मंत्री असद उमर, वित्त सलाहकार डॉ. अब्दुल हफीज शेख, वाणिज्य सलाहकार अब्दुल रजाक दाऊद, निवेश बोर्ड के अध्यक्ष आतिफ आर. बोखारी, CPEC प्राधिकरण के अध्यक्ष सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल असीम सलीम बाजवा भी बैठक में शामिल हुए।

इस्लामाबाद। भारत और चीन के बीच तना तनी को देखते हुए पाकिस्तान ने एक और कूटनीतिक चाल चल दी है। पाक सरकार ने देश में चीनी कंपनियों के क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की इजाजत दे दी है। हालांकि कहा जा रहा है कि कोरोना महामारी के चलते​ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से खराब हो चुकी है। जिसको सुधारने के लिए पाकिस्तान ने यह कदम उठाया है। पाक पीएम इमरान खान ने कहा है कि चीनी कंपनियां अने रीजनल कार्यालय खोल सकती है। पाक और चीन के बीच सोमवार को 10 प्रमुख चीनी कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान पाक पीएम ने यह बात कही है। प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी सरकार चीनी निवेशकों को हर संभव सुविधा प्रदान करने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। पाक की तरफ से यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब पाकिस्तान कोरोना महामारी के चलते एक गंभीर अर्थव्यवस्था से गुजर रहा है। वहीं, अन्य देशों और अंतरर्राष्ट्रीय संगठनों से बड़ी मात्रा में ऋण लेने के कारण पाकिस्तान इसे उतारने के लिए देश लगातार संघर्ष कर रहा है। अपनी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और स्थानीय लोगों के लिए नौकरी के नए अवसर तलाशने की बजाय पाकिस्तान अपने करीबी सहयोगी चीन पर भरोसा जताता दिख रहा है। बैठक में शामिल होने वाले प्रतिनिधिमंडल में पावर कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (पॉवर चाइना), चाइना रोड एंड ब्रिज कॉर्पोरेशन (CRBC), चाइना गेझोआबा (ग्रुप) पाकिस्तान, चाइना थ्री गोरजेस साउथ एशिया इन्वेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड, चाइना रेलवे ग्रुप लिमिटेड, इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना, चाइना मशीनरी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन और चाइना मोबाइल पाकिस्तान लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल थे। पाकिस्तान में चीनी राजदूत याओ जिंग और हायर (Haier) के सीईओ जावेद अफरीदी भी मौजूद थे। संचार मंत्री मुराद सईद, उद्योग मंत्री हम्माद अजहर, योजना मंत्री असद उमर, वित्त सलाहकार डॉ. अब्दुल हफीज शेख, वाणिज्य सलाहकार अब्दुल रजाक दाऊद, निवेश बोर्ड के अध्यक्ष आतिफ आर. बोखारी, CPEC प्राधिकरण के अध्यक्ष सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल असीम सलीम बाजवा भी बैठक में शामिल हुए।