पक्ष फलादेश: जाने फाल्गुन शुक्ल पक्ष (24 फरवरी से 9 मार्च) का हाल

Paksha Phaladesh
पक्ष फलादेश: जाने फाल्गुन शुक्ल पक्ष (24 फरवरी से 9 मार्च) का हाल

पक्ष फलादेश
फाल्गुन शुक्ल पक्ष (24 फरवरी से 9 मार्च)

Paksha Phaladesh Know The Condition Of Falgun Shukla Paksha 24 February To 9 March :

आचार्य डा0 प्रदीप द्विवेदी
‘‘मानव सेवा रत्न से सम्मानित’

यह पक्ष 15 दिन का रहेगा। षष्ठी तिथि की वृद्धि एवं द्वादशी तिथि का क्षय हुआ है। पक्ष के 3 सोमवार एवं सोमवार की पूर्णिमा शुभफलकारक है। सर्दी का प्रकोप अभी चलता रहेगा। घी तेल एवं खाद्यान्नों के भाव में मन्दी रहेगी। फाल्गुन शुक्ल प्रतिपदा 24 फरवरी सोमवार से पुत्र की कामना से किया जाने वाला पयोव्रत 12 दिन तक चलेगा। 3 मार्च मंगलवार से होलाष्टक प्रारम्भ हो जायेगा। कुछ जगहों पर होलाष्टक को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करते हुये विवाह आदि शुभ कार्यों में बाधा डालने का प्रयास किया जाता है। जबकि शास्त्र का स्पष्ट निर्देश है कि इसमें केवल विपासा एवं रावती नदी व्यास रावी तथा त्रिपुष्कर में ही विवाह आदि कार्य वर्जित है।

होलाष्टक से प्रभावित होने वाले क्षेत्र धवलपुर, लुधियाना, शिमला, फिरोजपुर, गुरूदासपुर, होशियारपुर, कांगड़ा, कपूरथला एवं इसके समीप के ही नगर आते हैं। इसके आलावा पूरे भारत में सर्वत्र विवाह आदि शुभ कार्यों में कोई दोष नहीं होता। व्रजभूमि की लट्ठामार होली 5 मार्च गुरूवार से अपनी विशिष्ट शैली में प्रारम्भ हो जायेगी। स्मार्त-गृहस्थों के लिये अमालकी एकादशी व्रत का मान 5 फरवरी गुरूवार को होगी। इसे रंगभरी एकादशी के रूप में जानाा जाता है। काशी में ऐसी मान्यता है कि आज के दिन शिव गौरा पार्वती का गौना कराकर अपने साथ काशी लाये हैं। इसी मान्यता के अनुसार रजत पालकी में विराजित गौरा-पार्वती के विग्रह का पूजन कर काशी के लोग अबीर-गुलाल उड़ाते हैं।

वैष्णव 6 फरवरी शुक्रवार को एकादशी का व्रत करेंगे। पुत्र की कामना से शनिप्रदोष व्रत का मान 7 मार्च को होगा। स्नान-दान एवं व्रत सहित फाल्गुन पूर्णिमा 9 मार्च सोमवार को होगी एवं आज ही प्रदोष काल से लेकर निशामुख रात्रि 11ः26 बजे तक होलिका दहन का मुहूर्त है। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का सूर्य 4 मार्च बुधवार को दिन 02ः08 बजे से आयेगा। सोना चादी, चना उड़द, घी, रूई, गुग्गल, पीपला मूल के भाव में तेजी आयेगी। फरवरी के अन्त में बूंदा-बांदी हो सकती है।

होलिका दहन मुहूर्त- 9 मार्च सोमवार को पूर्णिमा तिथि रात 11ः26 बजे तक है। भद्रा दिन में 12ः32 बजे समाप्त हो चुकी होगी। अतः तीनों निर्धारित नियमों के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा तिथि में भद्रा के बाद प्रदोष काल से लेकर निशामुख रात 11ः26 बजे से पूर्व होलिका दहन का मूहुर्त निर्धारित किया जाता है। ‘‘ऊॅं होलिकायै नमः’’ मन्त्र का उच्चारण करते हुये इसी समय होलिका दहन किया जायेगा।

चैत्र कृष्ण पक्ष (10 से 24 मार्च) का पक्ष फलादेश अगले अंक में पढ़े……………………

पक्ष फलादेश फाल्गुन शुक्ल पक्ष (24 फरवरी से 9 मार्च) आचार्य डा0 प्रदीप द्विवेदी ‘‘मानव सेवा रत्न से सम्मानित’ यह पक्ष 15 दिन का रहेगा। षष्ठी तिथि की वृद्धि एवं द्वादशी तिथि का क्षय हुआ है। पक्ष के 3 सोमवार एवं सोमवार की पूर्णिमा शुभफलकारक है। सर्दी का प्रकोप अभी चलता रहेगा। घी तेल एवं खाद्यान्नों के भाव में मन्दी रहेगी। फाल्गुन शुक्ल प्रतिपदा 24 फरवरी सोमवार से पुत्र की कामना से किया जाने वाला पयोव्रत 12 दिन तक चलेगा। 3 मार्च मंगलवार से होलाष्टक प्रारम्भ हो जायेगा। कुछ जगहों पर होलाष्टक को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करते हुये विवाह आदि शुभ कार्यों में बाधा डालने का प्रयास किया जाता है। जबकि शास्त्र का स्पष्ट निर्देश है कि इसमें केवल विपासा एवं रावती नदी व्यास रावी तथा त्रिपुष्कर में ही विवाह आदि कार्य वर्जित है। होलाष्टक से प्रभावित होने वाले क्षेत्र धवलपुर, लुधियाना, शिमला, फिरोजपुर, गुरूदासपुर, होशियारपुर, कांगड़ा, कपूरथला एवं इसके समीप के ही नगर आते हैं। इसके आलावा पूरे भारत में सर्वत्र विवाह आदि शुभ कार्यों में कोई दोष नहीं होता। व्रजभूमि की लट्ठामार होली 5 मार्च गुरूवार से अपनी विशिष्ट शैली में प्रारम्भ हो जायेगी। स्मार्त-गृहस्थों के लिये अमालकी एकादशी व्रत का मान 5 फरवरी गुरूवार को होगी। इसे रंगभरी एकादशी के रूप में जानाा जाता है। काशी में ऐसी मान्यता है कि आज के दिन शिव गौरा पार्वती का गौना कराकर अपने साथ काशी लाये हैं। इसी मान्यता के अनुसार रजत पालकी में विराजित गौरा-पार्वती के विग्रह का पूजन कर काशी के लोग अबीर-गुलाल उड़ाते हैं। वैष्णव 6 फरवरी शुक्रवार को एकादशी का व्रत करेंगे। पुत्र की कामना से शनिप्रदोष व्रत का मान 7 मार्च को होगा। स्नान-दान एवं व्रत सहित फाल्गुन पूर्णिमा 9 मार्च सोमवार को होगी एवं आज ही प्रदोष काल से लेकर निशामुख रात्रि 11ः26 बजे तक होलिका दहन का मुहूर्त है। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का सूर्य 4 मार्च बुधवार को दिन 02ः08 बजे से आयेगा। सोना चादी, चना उड़द, घी, रूई, गुग्गल, पीपला मूल के भाव में तेजी आयेगी। फरवरी के अन्त में बूंदा-बांदी हो सकती है। होलिका दहन मुहूर्त- 9 मार्च सोमवार को पूर्णिमा तिथि रात 11ः26 बजे तक है। भद्रा दिन में 12ः32 बजे समाप्त हो चुकी होगी। अतः तीनों निर्धारित नियमों के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा तिथि में भद्रा के बाद प्रदोष काल से लेकर निशामुख रात 11ः26 बजे से पूर्व होलिका दहन का मूहुर्त निर्धारित किया जाता है। ‘‘ऊॅं होलिकायै नमः’’ मन्त्र का उच्चारण करते हुये इसी समय होलिका दहन किया जायेगा। चैत्र कृष्ण पक्ष (10 से 24 मार्च) का पक्ष फलादेश अगले अंक में पढ़े........................