गाजा-इजरायल बॉर्डर: सेना से झड़प में 15 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत

gaza israel border

गाजा-इजरायल बॉर्डर पर शुक्रवार को हजारों फिलिस्तीनी नागरिकों ने प्रदर्शन किया। ग्रेट मार्च ऑफ रिटर्न कहे जाने वाले 6 हफ्ते के विरोध प्रदर्शन के पहले दिन इजरायली सेना से झड़प में करीब 15 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई।

Palestinians Killed 15 Civilian Deaths Gaza Israel Border :

जिसके बाद इजरायली सैनिकों द्वारा कथित रूप से फिलीस्तीनी प्रदर्शनकारियों के मारे जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस मामले में परामर्श व सलाह करने के लिए एक आपात बैठक करेगी। संयुक्त राष्ट्र में कुवैत मिशन ने शुक्रवार को ट्वीट किया, “कुवैत के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद गाजा में नवीनतम प्रगति पर चर्चा के लिए शाम 6.30 बजे एक बैठक करेगी।” अधिकारियों ने कहा कि यह बैठक बंद कमरे में होगी।

दरअसल, इजरायली डिफेंस फोर्स के अनुसार जमीन दिवस के दिन लगभग 17 हजार फिलिस्तीनी नागरिक बॉर्डर स्थित पांच स्थानों पर जुटे थे। जिसमें ज्यादातर लोग अपने कैंप्स में ही थे हालांकि, कुछ युवा इजरायली सेना की चेतावनी के बावजूद सीमा पर ही हंगामा करने लगे। उन्होंने बार्डर पर पेट्रोल बम और पत्थरों से हमला किया। जिसके बाद आईडीएफ ने भीड़ को हटाने के लिए फायरिंग कर दी।

गाजा-इजरायल बॉर्डर पर शुक्रवार को हजारों फिलिस्तीनी नागरिकों ने प्रदर्शन किया। ग्रेट मार्च ऑफ रिटर्न कहे जाने वाले 6 हफ्ते के विरोध प्रदर्शन के पहले दिन इजरायली सेना से झड़प में करीब 15 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई।जिसके बाद इजरायली सैनिकों द्वारा कथित रूप से फिलीस्तीनी प्रदर्शनकारियों के मारे जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस मामले में परामर्श व सलाह करने के लिए एक आपात बैठक करेगी। संयुक्त राष्ट्र में कुवैत मिशन ने शुक्रवार को ट्वीट किया, “कुवैत के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद गाजा में नवीनतम प्रगति पर चर्चा के लिए शाम 6.30 बजे एक बैठक करेगी।” अधिकारियों ने कहा कि यह बैठक बंद कमरे में होगी।दरअसल, इजरायली डिफेंस फोर्स के अनुसार जमीन दिवस के दिन लगभग 17 हजार फिलिस्तीनी नागरिक बॉर्डर स्थित पांच स्थानों पर जुटे थे। जिसमें ज्यादातर लोग अपने कैंप्स में ही थे हालांकि, कुछ युवा इजरायली सेना की चेतावनी के बावजूद सीमा पर ही हंगामा करने लगे। उन्होंने बार्डर पर पेट्रोल बम और पत्थरों से हमला किया। जिसके बाद आईडीएफ ने भीड़ को हटाने के लिए फायरिंग कर दी।