पंचायत का फरमान: बलात्कारी को पेशाब पीने की सजा, परेशान आरोपी ने की आत्महत्या

जम्मू। महिलाओ के साथ छेड़छाड़ और बलात्कार की घटनाओं पर प्रशासनिक कार्रवाई या कोर्ट में सजा का सख्त प्रावधान है लेकिन जब बलात्कार की सजा पंचायत को तय करनी हो तो आज के समय में ये बातें कम लोगों के गले उतरती हैं। कुछ ऐसा ही जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में देखने को मिला, जहां एक लड़की के साथ बलात्कार के आरोपी को पीड़िता की पेशाब पीने की सजा पंचायत ने सुनाई। आरोपी ने पंचायत के इस फरमान से परेशान होकर झील में कूदकर आत्महत्या कर ली। मामला पुलिस की जानकारी में आने के बाद जांच शुरू हुई है।

जम्मू-कश्मीर के रजौरी जिले से 150 किलोमीटर दूर नॉर्थवेस्ट में रहने वाले मोहम्मद अब्दुल्लाह के बेटे फजल हुसैन पर एक लड़की का रेप करने का आरोप था। एक हफ्ते पहले इस मामले में पंचायत ने फज़ल हुसैन को लड़की का पेशाब पीने की सजा सुनाई। फज़ल ने पंचायत के फरमान से परेशान होकर समर सर झील में कूदकर आत्महत्या कर ली। 30 जुलाई को फ़ज़ल की लाश पीर पिंजल रेंज में समर सर झील से बरामद की गई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस का कहना है, फज़ल हुसैन ग्रेजुएट था और शादीशुदा भी था। हुसैन को कुछ बुजुर्गों ने लड़की के परिवार को पैसे देने या फिर उनका पेशाब पीने को कहा था। सजा तय करने में दो मुफ्ती भी शामिल थे। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वहीं एसएसपी का कहना है कि पंचायत ने पहले रेप करने के इल्ज़ाम में फज़ल को बोला कि वो लड़की के घर वालों को हर्जाने के तौर पर पैसे दे। फजल ने पैसे देने से मना कर दिया, तब उसे पेशाब पीने का फैसला सुनाया गया। इस काम के लिए उसे दो दिन का टाइम दिया गया लेकिन 30 जुलाई को उसकी लाश मिली।