‘पानीपत’ पर हो रहे विरोध के बाद फिल्म से काटा गया 11 मिनट का सीन

'पानीपत' पर हो रहे विरोध के बाद फिल्म से काटा गया 11 मिनट का सीन
'पानीपत' पर हो रहे विरोध के बाद फिल्म से काटा गया 11 मिनट का सीन

मुंबई। बॉलीवुड फिल्म ‘पानीपत’ को लेकर चल रहे विवाद के बाद फिल्म डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर ने राज्य सरकार को विवादित सीन हटाने पर सहमति दे दी है। राजस्थान का जाट समुदाय लंबे समय से फिल्म पर बैन की मांग कर रहा है और उनके इस विरोध को देखते हुए फिल्म के विवादित हिस्से को एडिट कर दिया गया है। अब खबरें आ रही हैं कि फिल्म से महाराजा सूरजमल से संबंधित विवादित सीन को डिलीट कर इसे सेंसर बोर्ड के पास भेज दिया गया। बताया जा रही हैं कि एडिट होने के बाद फिल्म को सर्टिफिकेट मिल चुका है जिसके बाद फिल्म की लंबाई 11 मिनट कम हो गई है।

Panipat Cut By 11 Minutes After Jat Agitation In Rajasthan :

बता दें कि फिल्म में भरतपुर के जाट राजा, महाराजा सूरजमल को एक लालची और स्वार्थी राजा दिखाए जाने पर ‘पानीपत’ पर विवाद हो गया था। इसके बाद विरोध कर रहे जाट महासभा के नेताओं के लिए मंगलवार राज को फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी। इसके बाद जाट नेताओं ने इस फिल्म पर पूरी तरह बैन लगाने की मांग की थी क्योंकि इसमें ऐतिहासिक तथ्यों को कथित तौर पर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि सरकार का फिल्म को बैन करने का कोई इरादा नहीं है और इसके शो रद्द करने का फैसला डिस्ट्रीब्यूटर्स और सिनेमाघर मालिकों ने अपने स्तर पर लिया है।

बात करें राज्य के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह की तो वो निर्माताओं के सीन हटाने की बात को लेकर संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा- ‘पानीपत में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करते हुए भरतपुर के महाराजा सूरजमल जी जैसे महान पुरुष का चित्रण गलत तरीके से किया गया है। फिल्म में एक सीन के बदलने से काम नही चलेगा, सेंसर बोर्ड से मेरा निवेदन है कि इस फिल्म को पूरे देश में तुरंत प्रभाव से बंद करें।’

मुंबई। बॉलीवुड फिल्म 'पानीपत' को लेकर चल रहे विवाद के बाद फिल्म डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर ने राज्य सरकार को विवादित सीन हटाने पर सहमति दे दी है। राजस्थान का जाट समुदाय लंबे समय से फिल्म पर बैन की मांग कर रहा है और उनके इस विरोध को देखते हुए फिल्म के विवादित हिस्से को एडिट कर दिया गया है। अब खबरें आ रही हैं कि फिल्म से महाराजा सूरजमल से संबंधित विवादित सीन को डिलीट कर इसे सेंसर बोर्ड के पास भेज दिया गया। बताया जा रही हैं कि एडिट होने के बाद फिल्म को सर्टिफिकेट मिल चुका है जिसके बाद फिल्म की लंबाई 11 मिनट कम हो गई है। बता दें कि फिल्म में भरतपुर के जाट राजा, महाराजा सूरजमल को एक लालची और स्वार्थी राजा दिखाए जाने पर 'पानीपत' पर विवाद हो गया था। इसके बाद विरोध कर रहे जाट महासभा के नेताओं के लिए मंगलवार राज को फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी। इसके बाद जाट नेताओं ने इस फिल्म पर पूरी तरह बैन लगाने की मांग की थी क्योंकि इसमें ऐतिहासिक तथ्यों को कथित तौर पर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि सरकार का फिल्म को बैन करने का कोई इरादा नहीं है और इसके शो रद्द करने का फैसला डिस्ट्रीब्यूटर्स और सिनेमाघर मालिकों ने अपने स्तर पर लिया है। बात करें राज्य के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह की तो वो निर्माताओं के सीन हटाने की बात को लेकर संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा- 'पानीपत में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करते हुए भरतपुर के महाराजा सूरजमल जी जैसे महान पुरुष का चित्रण गलत तरीके से किया गया है। फिल्म में एक सीन के बदलने से काम नही चलेगा, सेंसर बोर्ड से मेरा निवेदन है कि इस फिल्म को पूरे देश में तुरंत प्रभाव से बंद करें।'