घर में पत्नी का शव रखकर बैंक की लाइन में लगा रहा पति

पानीपत। नोट बंदी के बाद आई कैश की समस्याओं की वजह से सभी देशवासी परेशान हैं लेकिन नोटबंदी के चलते इस आदमी को जिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा वो आपको झकजोर कर रख देगा। पानीपत के रहने वाले राजेन्द्र की पत्नी की कैंसर से मौत हो गयी और उस व्यक्ति के पास अंतिम संस्कार तक के लिए पैसे नहीं थे। ऐसी हालत में उस व्यक्ति की किसी ने मदद नहीं की और वह बैंक की कतार में लग गया। वह सुबह 10 बजे से 3 बजे तक वहां कतार में लगा रहा लेकिन अभी तक पैसे नहीं मिले। जब उसने मीडिया को अपनी मजबूरी बताई तब जाकर शाम 4 बजे तक पैसे मिल पाए।




प्राप्त जानकारी के मुताबिक़, बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे राजेंद्र पांडे की 72 वर्षीय पत्नी चंद्रकला की कैंसर से मौत हो गई पत्नी का अंतिम संस्कार करने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। इस मामले में सबसे दुखद बात यह है कि उनके तीन बेटे हैं और उनके तीनों बेटे नौकरी कर रहे हैं। तीनों में से किसी भी बेटे ने मां के अंतिम संस्कार में कोई मदद नहीं की। राजेन्द्र अपनी पत्नी का शव घर में छोड़कर बैंक में जमा 5000 रूपये निकलवाने गया जबकि तीन बजे तक लाइन में लगने के बाद भी पैसे नहीं मिले।




पांच घंटे लाइन में लगने के बाद राजेन्द्र की नजर कवरेज कर रहे मीडिया के कैमरे पर पड़ी और तब उसने मीडिया से मदद की गुहार लगायी। मीडिया की मदद से उसे बैंक के अंदर जाने दिया गया। कड़ी मशक्कत और मीडिया की मदद के बाद राजेन्द्र को अंतिम संस्कार के लिए बैंक से पैसे मिल पाए। पैसा मिलते ही उसने मीडिया को रोते हुए धन्यवाद दिया और भागते हुए पैदल ही घर की तरफ दौड़ पड़े।