पर्दाफाश: हमारे संघर्ष और आपके भरोसे के दस साल

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पर्दाफाश: हमारे संघर्ष और आपके भरोसे के दस साल

दस साल, यानी एक दशा में परिवर्तन। आज ही के दिन यानि 23 मई को पर्दाफाश के दस साल पूरे गए। इन सालों में हमने क्या कुछ नहीं देखा। जो जैसे देखा वैसे ही आपके सामने परोस दिया। इन दस सालों में हमने भारत को सफलता की सीढ़ियां चढ़ते देखा। आतंक को मुंह की खाते देखा, अर्थव्यवस्था के उतार चढ़ाव देखे, धार्मिक उन्माद देखा, क्रिकेट की जीत देखी, नोटबंदी की कतार भी देखी। केदारनाथ की त्रासदी देखी, जम्मू कश्मीर की बाढ़ देखी, तेलंगाना बनते देखा, जम्मू कश्मीर का बंटवारा देखा, 370 हटते देखा, तैमूर की पैदाइश देखी, श्रीदेवी और ऋषि कपूर को जाते देखा। नरेन्द्र मोदी को शपथ लेते देखा, अटल को भारत रत्न मिलते और संसार छोड़ते देखा। अयोध्या विवाद का फैसला देखा तो नागरिकता संशोधन कानून पर हिंसा भी देखी। उरी और पठानकोट के हमले देखे तो सर्जिकल स्ट्राइक भी देखी। जीवन के सारे रंग एक साथ देखे और इसके साक्षी रहे।

Pardaphash Ke Das Sal :

जब मेरा जन्म हुआ तो साल 2010 में आतंकी कसाब को स्पेशल कोर्ट ने फांसी की सजा का ऐलान हो रहा था। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 50 साल से ज़्यादा पुराने अयोध्या में विवादित भूमि के मालिकाना हक के मामले में ऐतिहासिक फैसला देते हुए जमीन को तीन हिस्सों में सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला में बराबर बांट रही थी।

मैं एक साल का हुआ और साल 2011 आया। मैंने देखा और आपको बताया कि अमेरिकी सेना ने अल कायदा का मुखिया ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान के एबटाबाद शहर में मार गिराया है। भारतीय क्रिकेट टीम ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को हराकर आईसीसी विश्व कप 2011 का ख़िताब जीता। साल 1983 के बाद यह दूसरा मौका था, जब भारत विश्व विजेता बना था। पूरे देश में दीवाली सा जश्म था, आपको याद होगा।

मैंने दूसरे साल में कदम रखा और साल 2012 आ गया। इस साल अमेरिकी जनता ने भी राष्ट्रपति बराक ओबामा को दूसरा मौका दे दिया। मिश्र,सीरिया, वर्मा और गाजा में हिंसा से धरती का सीता लहूलुहान हुआ। ब्रिटेन की शाही गद्दी पर महारानी एलिजाबेथ के 60 साल पूरे हो गए।

मैं तीन साल का हुआ ही था कि साल 2013 उत्तराखण्ड के केदारनाथ में जो विनाश शुरू वह भयावह त्रासदियों में से एक था। कारों को पानी में समाते हुए देखना ऐसा था, मानो खिलौने बह रहे हों! जलप्रलय ने हजारों लोगों की जान ली, अनेक गांव तबाह हो गए और सैकड़ों लोग गायब हो गए। तभी पड़ोस से खबर आई कि नवाज शरीफ तीसरी बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चुने गए हैं। इसके बाद सरकार ने दिसंबर, 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु को फांसी दे देकर आतंक को माकूल जवाब दे दिया। इसके साथ ही तेलंगाना के गठन, लोकपाल को मंजूरी समेत कई प्रमुख निर्णयों का मैं गवाह बना।

फिर आया साल 2014, जिसमें मैं चार साल का हुआ। इस पहली बार कोई गैर कांग्रेसी पार्टी ने पूर्ण बहुमत के साथ केन्द्र की सत्ता पर कब्जा किया। नरेन्द्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद आतंक से जूझ रहे जम्मू कश्मीर ने कुदरत का कहर झेला और बाढ़ ने सैकड़ों जिंदगियां लील ली। केंद्र की मोदी सरकार ने ‘लौहपुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती यानी 31 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया।

फिर आया साल 2015। अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा बतौर मुख्‍य अतिथि, गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए नई दिल्‍ली पहुंचे थे। ऐसा करने वाले वो पहले अमेरिकी राष्‍ट्रपति हैं। इसके बाद फरवरी में हुए दिल्‍ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जबरदस्‍त जीत हासिल की। पार्टी को 70 में से 67 सीटें हासिल हुईं और अरविंद केजरीवाल दूसरी बार दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री बने। बिहार में महागठबंधन ने जबरदस्‍त जीत हासिल करते हुए सत्‍ता को कायम रखा। जेडीयू-आरजेडी और कांग्रेस के इस गठबंधन ने राज्‍य में सरकार बनाई।

मैं अपना छठा जन्मदिन मना रहा था, साल 2016 का था। उरी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक कर दी। 29 सितंबर की आधी रात को भारत ने नियंत्रण रेखा के पार स्थित आतंकी शिविरों पर सर्जिकल हमला कर 8 आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया। इस ऑपरेशन में 38 आतंकी मारे गए। इसी साल 8 नवम्बर की रात 8 बजे पीएम नरेन्द्र मोदी ने काले धन और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए ऐतिहासिक नोट बंदी का ऐलान कर दिया। इसी साल तमिलनाडु की दिग्गज नेता जयल​लिता हम सबको छोड़कर चली गईं।

इसके बाद आया साल 2017। इसके साथ ही मैं सात साल का हो गया। इस साल भारत ने जल से जमीन पर मार करने वाली पहली ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंस्टाग्राम पर विश्व के सबसे ज्यादा फॉलोवर वाले नेता बनें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सबसे लंबी सुरंग का उद्घाटन किया। भारतीय वैज्ञानिकों ने आकाशगंगाओं के समूह ‘सरस्वती’ की खोज की। रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित कर दिया। वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण की। जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे भारत आऐ और बुलेट ट्रेन की नींव रखी।

साल 2018 आया और मैं उछल कूद करते आठ साल का हो गया। इस साल भारत का पहला सबसे तेज़ चलने वाला सुपर कंप्यूटर ‘प्रत्यूष’ लॉन्च किया। ट्रेन-18 ने सफलतापूर्वक 180 किमी/घंटा की रफ़्तार पर ट्रायल रन पूरा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना लॉन्च की। देश विकास की ओर तेजी से बढ़ने लगा। इसी बीच प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी, महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग और देश की पहली महिला आईएएस अधिकारी अन्ना राजम मल्होत्रा का निधन हो गया। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘सियोल शांति पुरस्कार-2018’ हेतु चयनित हुए और रोहित शर्मा वनडे में सबसे तेज़ 200 छक्के लगाने वाले बल्लेबाज़ बने। यह दोनों चीजें एक भारतीय होने के नाते मुझें अपार खुशी दे गईं। इसी साल राफेल डील को सुप्रीम कोर्ट ने क्लीन चिट दे दी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्रिपल तलाक को अपराध के दायरे में लाने वाले अध्यादेश को मंजूरी दी।

साल 2019 में हम नौ साल हुए और हमारी समझ का दायरा बढ़ा। इस साल ब्रिटेन की कोर्ट ने भारत के पक्ष में फैसला, निजाम के धन को लेकर पाकिस्तान का दावा खारिज कर दिया। इसरो के चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर के साथ संपर्क टूटने से आम भारतीय की तरह मैं भी दुखी हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला ‘वित्तमंत्री’ बनी और अयोध्या की विवादित जमीन राम लला को देने का सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया। मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में दूसरी जगह जमीन दी गई। इस ऐतिहासिक फैसले का मैं साक्षी भी रहा।

साल 2020 आते आते मैं काफी कुछ देख चुका था। 10 साल की उम्र में मैनें देश में नागरिकता संशोधन कानून पर हुई हिंसा देखी। धार्मिक उन्मान का ज्वार देखा। कोरोना वायरस और लॉकडाउन जैसा संकट देख रहा हूंं। इन संकटों बीच घटिया राजनीति मुझे अंदर से झिंझोड़ रही है।

दस साल, यानी एक दशा में परिवर्तन। आज ही के दिन यानि 23 मई को पर्दाफाश के दस साल पूरे गए। इन सालों में हमने क्या कुछ नहीं देखा। जो जैसे देखा वैसे ही आपके सामने परोस दिया। इन दस सालों में हमने भारत को सफलता की सीढ़ियां चढ़ते देखा। आतंक को मुंह की खाते देखा, अर्थव्यवस्था के उतार चढ़ाव देखे, धार्मिक उन्माद देखा, क्रिकेट की जीत देखी, नोटबंदी की कतार भी देखी। केदारनाथ की त्रासदी देखी, जम्मू कश्मीर की बाढ़ देखी, तेलंगाना बनते देखा, जम्मू कश्मीर का बंटवारा देखा, 370 हटते देखा, तैमूर की पैदाइश देखी, श्रीदेवी और ऋषि कपूर को जाते देखा। नरेन्द्र मोदी को शपथ लेते देखा, अटल को भारत रत्न मिलते और संसार छोड़ते देखा। अयोध्या विवाद का फैसला देखा तो नागरिकता संशोधन कानून पर हिंसा भी देखी। उरी और पठानकोट के हमले देखे तो सर्जिकल स्ट्राइक भी देखी। जीवन के सारे रंग एक साथ देखे और इसके साक्षी रहे। जब मेरा जन्म हुआ तो साल 2010 में आतंकी कसाब को स्पेशल कोर्ट ने फांसी की सजा का ऐलान हो रहा था। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 50 साल से ज़्यादा पुराने अयोध्या में विवादित भूमि के मालिकाना हक के मामले में ऐतिहासिक फैसला देते हुए जमीन को तीन हिस्सों में सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला में बराबर बांट रही थी। मैं एक साल का हुआ और साल 2011 आया। मैंने देखा और आपको बताया कि अमेरिकी सेना ने अल कायदा का मुखिया ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान के एबटाबाद शहर में मार गिराया है। भारतीय क्रिकेट टीम ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को हराकर आईसीसी विश्व कप 2011 का ख़िताब जीता। साल 1983 के बाद यह दूसरा मौका था, जब भारत विश्व विजेता बना था। पूरे देश में दीवाली सा जश्म था, आपको याद होगा। मैंने दूसरे साल में कदम रखा और साल 2012 आ गया। इस साल अमेरिकी जनता ने भी राष्ट्रपति बराक ओबामा को दूसरा मौका दे दिया। मिश्र,सीरिया, वर्मा और गाजा में हिंसा से धरती का सीता लहूलुहान हुआ। ब्रिटेन की शाही गद्दी पर महारानी एलिजाबेथ के 60 साल पूरे हो गए। मैं तीन साल का हुआ ही था कि साल 2013 उत्तराखण्ड के केदारनाथ में जो विनाश शुरू वह भयावह त्रासदियों में से एक था। कारों को पानी में समाते हुए देखना ऐसा था, मानो खिलौने बह रहे हों! जलप्रलय ने हजारों लोगों की जान ली, अनेक गांव तबाह हो गए और सैकड़ों लोग गायब हो गए। तभी पड़ोस से खबर आई कि नवाज शरीफ तीसरी बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चुने गए हैं। इसके बाद सरकार ने दिसंबर, 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु को फांसी दे देकर आतंक को माकूल जवाब दे दिया। इसके साथ ही तेलंगाना के गठन, लोकपाल को मंजूरी समेत कई प्रमुख निर्णयों का मैं गवाह बना। फिर आया साल 2014, जिसमें मैं चार साल का हुआ। इस पहली बार कोई गैर कांग्रेसी पार्टी ने पूर्ण बहुमत के साथ केन्द्र की सत्ता पर कब्जा किया। नरेन्द्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद आतंक से जूझ रहे जम्मू कश्मीर ने कुदरत का कहर झेला और बाढ़ ने सैकड़ों जिंदगियां लील ली। केंद्र की मोदी सरकार ने 'लौहपुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती यानी 31 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाया। फिर आया साल 2015। अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा बतौर मुख्‍य अतिथि, गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए नई दिल्‍ली पहुंचे थे। ऐसा करने वाले वो पहले अमेरिकी राष्‍ट्रपति हैं। इसके बाद फरवरी में हुए दिल्‍ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जबरदस्‍त जीत हासिल की। पार्टी को 70 में से 67 सीटें हासिल हुईं और अरविंद केजरीवाल दूसरी बार दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री बने। बिहार में महागठबंधन ने जबरदस्‍त जीत हासिल करते हुए सत्‍ता को कायम रखा। जेडीयू-आरजेडी और कांग्रेस के इस गठबंधन ने राज्‍य में सरकार बनाई। मैं अपना छठा जन्मदिन मना रहा था, साल 2016 का था। उरी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक कर दी। 29 सितंबर की आधी रात को भारत ने नियंत्रण रेखा के पार स्थित आतंकी शिविरों पर सर्जिकल हमला कर 8 आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया। इस ऑपरेशन में 38 आतंकी मारे गए। इसी साल 8 नवम्बर की रात 8 बजे पीएम नरेन्द्र मोदी ने काले धन और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए ऐतिहासिक नोट बंदी का ऐलान कर दिया। इसी साल तमिलनाडु की दिग्गज नेता जयल​लिता हम सबको छोड़कर चली गईं। इसके बाद आया साल 2017। इसके साथ ही मैं सात साल का हो गया। इस साल भारत ने जल से जमीन पर मार करने वाली पहली ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंस्टाग्राम पर विश्व के सबसे ज्यादा फॉलोवर वाले नेता बनें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सबसे लंबी सुरंग का उद्घाटन किया। भारतीय वैज्ञानिकों ने आकाशगंगाओं के समूह ‘सरस्वती’ की खोज की। रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित कर दिया। वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण की। जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे भारत आऐ और बुलेट ट्रेन की नींव रखी। साल 2018 आया और मैं उछल कूद करते आठ साल का हो गया। इस साल भारत का पहला सबसे तेज़ चलने वाला सुपर कंप्यूटर 'प्रत्यूष' लॉन्च किया। ट्रेन-18 ने सफलतापूर्वक 180 किमी/घंटा की रफ़्तार पर ट्रायल रन पूरा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना लॉन्च की। देश विकास की ओर तेजी से बढ़ने लगा। इसी बीच प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी, महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग और देश की पहली महिला आईएएस अधिकारी अन्ना राजम मल्होत्रा का निधन हो गया। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'सियोल शांति पुरस्कार-2018' हेतु चयनित हुए और रोहित शर्मा वनडे में सबसे तेज़ 200 छक्के लगाने वाले बल्लेबाज़ बने। यह दोनों चीजें एक भारतीय होने के नाते मुझें अपार खुशी दे गईं। इसी साल राफेल डील को सुप्रीम कोर्ट ने क्लीन चिट दे दी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्रिपल तलाक को अपराध के दायरे में लाने वाले अध्यादेश को मंजूरी दी। साल 2019 में हम नौ साल हुए और हमारी समझ का दायरा बढ़ा। इस साल ब्रिटेन की कोर्ट ने भारत के पक्ष में फैसला, निजाम के धन को लेकर पाकिस्तान का दावा खारिज कर दिया। इसरो के चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर के साथ संपर्क टूटने से आम भारतीय की तरह मैं भी दुखी हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला 'वित्तमंत्री' बनी और अयोध्या की विवादित जमीन राम लला को देने का सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया। मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में दूसरी जगह जमीन दी गई। इस ऐतिहासिक फैसले का मैं साक्षी भी रहा। साल 2020 आते आते मैं काफी कुछ देख चुका था। 10 साल की उम्र में मैनें देश में नागरिकता संशोधन कानून पर हुई हिंसा देखी। धार्मिक उन्मान का ज्वार देखा। कोरोना वायरस और लॉकडाउन जैसा संकट देख रहा हूंं। इन संकटों बीच घटिया राजनीति मुझे अंदर से झिंझोड़ रही है।